केंद्र की हॉटस्‍पॉट स्‍कीम से मिलेगा 2 करोड़ लोगों को रोजगार, जानें PM WANI के बारे में सबकुछ

PM WANI योजना से 2 करोड़ रोजगार का होगा सृजन.

PM WANI योजना से 2 करोड़ रोजगार का होगा सृजन.

देश में वाई-फाई क्रांति (Wi-fi revolution) के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पीएम-पब्लिक वाई-फाई एक्सिस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) योजना को बीते दिनों मंजूरी दी थी. इस योजना के लागू होने के बाद आम आदमी को इंटरनेट (Internet) के लिए किसी बड़ी कंपनी के प्लान की आवश्यकता नहीं रहेंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2020, 8:36 PM IST
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नई दिल्ली. ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने बताया कि PM WANI योजना से देश में 2 करोड़ रोजगार उत्पन्न होंगे. इसके साथ ही देश में इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक वाई-फाई मॉडल पर चिंताओं को दरकिनार करते हुए कहा कि, सरकार ने कई बार अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है. जिसमें सुरक्षित डेटा का उपयोग भी शामिल है. वहीं उन्होंने मोबाइल डेटा की कीमतों में होने वाली वृद्धि पर कहा कि, आने वाले समय में मोबाइल डेटा 30 से 40 प्रतिशत तक महंगा होगा. जिससे आम आदमी को PM WANI योजना के तहत सस्ती वाई-फाई हॉटस्पॉट की सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही ये योजना आने वाले समय में सार्वजनिक संपर्क का किफायती साधन साबित हो सकता हैं.  

 क्या है PM WANI योजना?

देश में वाई-फाई क्रांति के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पीएम-पब्लिक वाई-फाई एक्सिस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) योजना को बीते दिनों मंजूरी दी थी. इस योजना के लागू होने के बाद आम आदमी को इंटरनेट के लिए किसी बड़ी कंपनी के प्लान की आवश्यकता नहीं रहेंगी. वहीं वाई-फाई क्रांति से देश के दूरदराज के क्षेत्रों में भी तेज स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा. आपको बता दें सरकार इस योजना में तीन स्तर पर काम करेगी. जिसमें पब्लिक डेटा ऑफिस, पब्लिक डेटा एग्रीगेटर और ऐप प्रोवाइडर शामिल होंगे.

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क्या है पब्लिक डेटा ऑफिस

आप में से बहुत से लोगों ने पीसीओ बूथ देखे होंगे. जो किसी चाय की दुकान, नाश्ता की दुकान या सड़क किनारे किसी छोटे से कोने में बनें हुआ करते थे. ठीक इसी तरह से देशभर में सरकार पब्लिक डेटा ऑफिस बनाने जा रही है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार पब्लिक डेटा ऑफिस के लिए लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और नही किसी फीस की आवश्यकता  होगी. उनके अनुसार पब्लिक डेटा ऑफिस मोबाइल फोन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए वाई-फाई सेवा मुहैया कराने का काम करेंगे. रविशंकर प्रसाद के अनुसार पीडीओ ऑफिस कोई भी व्यक्ति खोल सकता है और इसको चलाने के लिए वह किसी भी इंटरनेट सर्विस प्रदान करने वाली कंपनी या अन्य से सुविधा ले सकता है. 

पब्लिक डेटा एग्रीगेटर



यह इस व्यवस्था में सामंजस्य बनाकर रखने का काम करेंगे. पब्लिक डेटा ऑफिस के अकाउंट का हिसाब रखेंगे. पब्लिक डेटा एग्रीगेटर को सरकार 7 दिन के अंदर लाइसेंस देगी. रजिस्ट्रेशन को ही लाइसेंस माना जाएगा. 

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ऐप प्रोवाइडर

भारत को एप्स के इस्तेमाल के हिसाब से देखा जाए. तो हम विश्व में सबसे बड़ बाजार है. इसलिए सरकार ऐप इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए ऐप प्रोवाइडर का एक सप्ताह के भीतर रजिस्ट्रेशन करेगी. इसके साथ ही किसी भी ऐप को ऐप स्टोर के साथ वेबसाइट पर भी रखा जाएगा. जो पीडीओ से वाई-फाई के जरिए आसानी से आप तक पहुंच सकेंगे.

कैसे खोलें पब्लिक डेटा ऑफिस

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार देश में कोई भी कंपनी, सोसाइटी, दुकानदार पब्लिक वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट बना सकते हैं. जिससे आप लाखों लोगों तक वाई-फाई, हॉटस्पॉट की सुविधा पहुंचा सकेंगे.

 वाई-फाई क्रांति के फायदे

आज जब हम अपने आसपास देखते है. तो शायद ही कोई काम हमें बिना इंटरनेट की मदद से पूरा होता दिखाई देता है. शिक्षा, स्वास्थ और व्यवसाय में इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. ऐसे में देश में वाई-फाई क्रांति से सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आएंगी. इसके साथ ही देश के दूरदराज के क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे.

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