लॉकडाउन के कारण साल 2020 के दौरान घरेलू बचत में दर्ज की गई बढ़त, जीडीपी की रही 22.5 फीसदी

लॉकडाउन के कारण 2020 में हाउसहोल्‍ड सेविंग्‍स में इजाफा दर्ज किया गया है.

लॉकडाउन के कारण 2020 में हाउसहोल्‍ड सेविंग्‍स में इजाफा दर्ज किया गया है.

कोरोना वायरस (Corona Crisis) की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण साल 2020 में ज्‍यादातर समय लोग घरों में ही बंद रहे. इससे घरेलू बचत (Household Savings) में अच्‍छी बढ़त दर्ज की गई. साल 2019 में घरेलू बचत सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) की 19.8 फीसदी रही थी, जो 2020 में बढ़कर 22.5 फीसदी पर पहुंच गई.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Corona Crisis) की रोकथाम के लिए साल 2020 में पूरे देश में एकसाथ लॉकडाउन (Lockdown) लगाया था. इससे तमाम सेक्‍टर्स में काफी नुकसान हुआ था. लेकिन, ज्‍यादातर समय लोगों के घर में ही रहने के कारण घरेलू बचत (Household Savings) में शानदार उछाल आया था. घरेलू बचत साल 2019 में सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) की 19.8 फीसदी रही थी, जो 2020 में बढ़कर 22.5 फीसदी हो गई. हालांकि, अप्रैल-जून के दौरान जब देशभर में सख्त लॉकडाउन था तो हाउसहोल्ड की फिजिकल सेविंग्स जीडीपी के 5.8 फीसदी पर पहुंच गई. यह कोरोना से पहले के मुकाबले लगभग आधी थी.

लोगों ने करेंसी और निवेश के तौर पर बढ़ाई अपनी बचत 

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 की दिसंबर तिमाही तक इसमें रिकवरी की स्थिति बनी रही और जीडीपी के 13.7 फीसदी के बराबर पहुंच गई, जो पिछले कई वर्षों में सबसे ज्‍यादा थी. साल 2020 में सितंबर तिमाही की तुलना में दिसंबर तिमाही में लोगों ने अपनी बचत करेंसी और इंवेस्टमेंट (Currency & Investment) के तौर पर बढ़ाई, लेकिन डिपॉजिट्स, पेंशन व स्माल सेविंग्स (Small Savings) में गिरावट दर्ज की गई. दिसंबर तिमाही में लोगों ने बैंकों से ज्‍यादा उधार लिया, लेकिन गैर-बैंकिंग व हाउसिंग फाइनेंस कंपनीज को देनदारी में गिरावट आई.

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जून 2020 तिमाही में गैर-वित्तीय बचत 21.4 फीसदी रही

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 की जून तिमाही में परिवारों की गैर-वित्तीय बचत जीडीपी के 21.4 फीसदी के बराबर थी और सितंबर 2020 तिमाही में 10.4 फीसदी थी. कोरोना से पहले जनवरी-मार्च तिमाही में हाउसहोल्ड नॉन-फाइनेंशियल सेविंग्स जीडीपी की 7-8 फीसदी थी. हालांकि, दिसंबर तिमाही में यह गिरकर 8.4 फीसदी रह गई. आरबीआई के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में ग्रॉस फाइनेंशियल सेविंग्स जीडीपी के 13.2 फीसदी तक गिर गई. वहीं, फाइनेंशियल लॉयबिलिटीज जीडीपी के 4.8 फीसदी के बराबर रहीं. साल 2020 की दूसरी तिमाही में हाउसहोल्ड इंवेस्टमेंट या फिजिकल सेविंग्स जीडीपी के 5.8 फीसदी तक गिर गईं, लेकिन इसके बाद तीसरी तिमाही में यह कई साल के रिकॉर्ड स्तर 13.7 फीसदी पर पहुंच गई.
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