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होम लोन देने वाली कंपनी DHFL ने दी चेतावनी- बर्बाद हो जाएंगे

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 6:21 PM IST
होम लोन देने वाली कंपनी DHFL ने दी चेतावनी- बर्बाद हो जाएंगे
भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (DHFL) ने चेतावनी दी कि उसकी वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब कंपनी का बचना मुश्किल है.

भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (DHFL) ने चेतावनी दी कि उसकी वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब कंपनी का बचना मुश्किल है.

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भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में से एक, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (DHFL) ने चेतावनी दी है. कंपनी ने कहा है कि उसकी वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब इसे चलाना मुश्किल हो गया है. DHFL ने कहा कि कंपनी फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रही है और फंड जुटाने की क्षमता काफी क्षीण हो गया है. इसके साथ ही कोई डिस्बर्स्मन्ट नहीं होने से बिजनेस में स्थिरता आ गई है. 31 मार्च को समाप्त हुए चौथी तिमाही के रिजल्ट नोट में डीएचएफएल के चैयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर कपिल वाधवन कहा था कि मौजूदा हालात को देखते कंपनी के आगे चलने पर संदेह है.

चौथी तिमाही में 2,223 करोड़ का हुआ घाटा
डीएचएफएल ने 31 मार्च 2019 को समाप्त चौथी तिमाही में शुद्ध रूप से 2,223 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है. जो कि एक साल पहले की अवधि में लाभ था. पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान डीएचएफएल 134 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था. फाइनेंशियल क्राइसेस से गुजर रही DHFL ने शनिवार को घोषणा की कि उसने 6 जुलाई और 8 जुलाई को गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) के ब्याज के भुगतान पर 28 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट किया है.

मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती

कंपनी का नतीजा भारतीय बैंकिंग और लेंडिंग सेक्टर में दबाव को दर्शाता है. देश के सरकारी बैंक कई वर्षों से बैड डेट के बोझ दबे हैं. लोकसभा चुनाव जीत कर आए दोबारा सत्ता में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के लिए आर्थिक विकास को और अधिक गति देने के लिए बैंकों और लेंडर्स को रिस्ट्रक्चर करना एक बड़ी चुनौती है.

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संपत्ति बेचकर जुटाएगी पैसे DHFLडीएचएफएल का प्रबंधन अपनी संपत्तियों को बेचकर पैसे जुटाने पर विचार कर रहा है और अपने रिटेल के साथ-साथ होलसेल पोर्टफोलियो को बेचने के लिए बैंकों और इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टेयशंस से बातचीत कर रहा है. कंपनी अपने कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग करने के लिए बैंकों के कंसोर्टियम और कर्जदाताओं से भी बातचीत कर रही है.

पिछले हफ्ते, सरकार ने सरकारी बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी. सरकार के इस कदम से इस कदम से बैंकों की लोन देने की क्षमता बढ़ेगी.

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First published: July 14, 2019, 6:21 PM IST
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