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कोरोना काल में बूस्टर साबित हुआ मोदी सरकार का डायरेक्ट कैश ट्रांसफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भारत का गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना बेहद अनूठा ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने कोविड -19 महामारी के दौरान लोगों की मदद करने के लिए भारत के डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) कार्यक्रम की तारीफ की है. भारत ने पिछले ढाई सालों में अपने डीबीटी कवरेज को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए तेजी से वृद्धि की. मालपास ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भारत का गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना बेहद अनूठा है. अन्य देशों को भी भारत की ही तरह व्यापक सब्सिडी देने के बजाय लक्षित डायरेक्ट कैश ट्रांसफर करना चाहिए.

वर्ल्ड बैंक चीफ मलपास ने कहा, ‘डिजिटल कैश ट्रांसफर की मदद से भारत 85% ग्रामीण परिवारों और 69% शहरी परिवारों को भोजन व नकद सहायता प्रदान करने में कामयाब रहा.’ उन्होंने अन्य देशों से व्यापक सब्सिडी के बजाय लक्षित डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के भारत के कदम को अपनाने के लिए कहा.

भारत ने 2020-21 में डीबीटी के माध्यम से 5.52 ट्रिलियन रुपये ट्रांसफर किए, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 3.81 ट्रिलियन रुपये के आंकड़े से लगभग 45% अधिक था. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में, डीबीटी ट्रांसफर बढ़कर 6.3 ट्रिलियन रुपये हो गया और वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक (छह महीनों में) कुल डीबीटी हस्तांतरण 2.82 ट्रिलियन रुपये हो गया है.

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News18 ने इससे पहले 18 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि 2015 के बाद से भारत का DBT आंकड़ा पिछले महीने 25 ट्रिलियन रुपये को पार कर गया था और उस पैसे का 56% से अधिक पिछले ढाई वर्षों में लोगों को दिया गया था. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कहा था कि कोविड के दौरान डीबीटी लोगों के लिए एक तारणहार साबित हुआ.

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 73 करोड़ लोगों ने डीबीटी लाभ प्राप्त किया और 105 करोड़ लोगों को वस्तु के रूप में – इनमें से कई लाभार्थियों को एक से अधिक लाभ प्राप्त हुए. 53 केंद्रीय मंत्रालयों की 319 योजनाएं डीबीटी योजना से जुड़ी हैं. डीबीटी के तहत 2021-22 में रिकॉर्ड 783 करोड़ लेनदेन हुए, जो कि 2020-21 में 603 करोड़ लेनदेन और 2019-20 वित्तीय वर्ष में 438 करोड़ लेनदेन से एक बड़ी छलांग थी. यह पिछले दो वर्षों में लेनदेन की संख्या में लगभग 79% की वृद्धि के बराबर है.

मोदी सरकार ने कोविड महामारी के दौरान देश में लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रदान करने के लिए 2020 में प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की. इस योजना को हाल ही में वर्ष के अंत तक बढ़ा दिया गया था. 2021-22 में अधिकतम 342 करोड़ लेनदेन सार्वजनिक वितरण योजना (पीडीएस) के तहत हुए, जिसमें 2.17 लाख करोड़ रुपये का लाभ लोगों को हस्तांतरित किया गया.

Tags: Business news in hindi, Modi Govt, PM Modi

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