रिपोर्ट: भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए जरूरी है ये 2 काम!

भारत की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लिए पांच साल तक 9 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल करनी होगी. साथ ही, निवेश की कुल दर को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 38 फीसदी पर पहुंचाना होगा.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 5:08 PM IST
रिपोर्ट: भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए जरूरी है ये 2 काम!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
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Updated: August 4, 2019, 5:08 PM IST
भारत की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लिए पांच साल तक 9 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल करनी होगी. साथ ही, निवेश की कुल दर को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 38 फीसदी पर पहुंचाना होगा. अर्न्स्ट एंड यंग यानी ईएंडवाई ने 'इकनॉमी वॉच' नई रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है. आपको बता दें कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

अगले साल भारत की इकोनॉमी 3 लाख करोड़ डॉलर होगी-  रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत 31 मार्च, 2020 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में 7 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करता है, तो देश की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर 3,000 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा जो अभी 2,700 अरब डॉलर है.

भारत कैसे बनेगा 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था- रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार पांच साल तक 9 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करती है, तो 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 3,300 अरब डॉलर हो जाएगा.

>> साल 2021-22 में यह 3,600 अरब डॉलर, 2022-23 में 4,100 अरब डॉलर, 2023-24 में 4,500 अरब डॉलर और 2024-25 में 5,000 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा.

>> रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर महंगाई दर 4 फीसदी रहती है तो 2024-25 तक देश की अर्थव्यवस्था के आकार को 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचाने के लिए 9 फीसदी की वृद्धि दर की जरूरत होगी.

>> रिपोर्ट कहती है कि 2020-21 में वृद्धि दर को 9 प्रतिशत पर पहुंचाने के लिए निवेश की दर को सकल घरेलू उत्पाद के 38 फीसदी पर पहुंचाने की जरूरत होगी, जो 2018-19 में 31.3 प्रतिशत है.

>> वित्त वर्ष 2018-19 में सकल निवेश दर 31.3 प्रतिशत रही थी अैर इस पर 6.8 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि दर हासिल हुई थी.
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>> भारत में इससे पहले 2011- 12 में सर्वाधिक 39.6 प्रतिशत की निवेश दर हासिल की गई थी. वहीं चीन में औसतन बचत और निवेश दर काफी लंबे समय तक 45 प्रतिशत पर बनी रही.

>> कुल निवेश में सार्वजनिक निवेश, घरेलू स्तर पर होने वाला निवेश और निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा होने वाला निवेश सभी शामिल होता है.

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First published: August 4, 2019, 3:59 PM IST
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