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राकेश झुनझुनवाला के 13 मंजिला शानदार घर बनाने से पहले क्या-क्या हुआ? जानिए पूरी कहानी

राकेश झुनझुनवाला ने उस पूरी बिल्डिंग को दो हिस्सों में खरीदा. पहले 6 अपार्टमेंट खरीदे गए और उसके 4 साल बाद बाकी के 6 अपार्टमेंट खरीदे.

राकेश झुनझुनवाला ने उस पूरी बिल्डिंग को दो हिस्सों में खरीदा. पहले 6 अपार्टमेंट खरीदे गए और उसके 4 साल बाद बाकी के 6 अपार्टमेंट खरीदे.

राकेश झुनझुनवाला ने उस पूरी बिल्डिंग को दो हिस्सों में खरीदा. पहले 6 अपार्टमेंट खरीदे गए और उसके 4 साल बाद बाकी के 6 अप ...अधिक पढ़ें

मालाबार हिल में रिजवे अपार्टमेंट्स (Ridgeway Apartments) नाम की एक छोटी और सुंदर इमारत थी. इसमें केवल 12 अपार्टमेंट थे, जो दो बड़े मल्टीनेशनल बैंकों के स्वामित्व में थे. बैंक के बड़े अधिकारी इमारत में रहते थे. यह एक ऐसी इमारत है, जिसे मैं अच्छी तरह से जानता हूं, क्योंकि मेरा एक रिश्तेदार इसमें कुछ सालों तक रहा था. मुझे याद है कि इस विशाल अपार्टमेंट में ऊंची छतें, अच्छे ले-आउट और मरीन ड्राइव के भव्य नज़ारे थे. डेन्सिटी के लिहाज से, यह इलाके में सबसे कम घनी इमारतों में से एक था.

फिर 2013 में उन दों बैंकों में से एक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने 6 अपार्टमेंट के अपने हिस्से को बेचने का फैसला किया. बेचने की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया. इस बात पर चर्चा हुई कि अपार्टमेंट को अलग-अलग बेचा जाए या पूरी तरह से बेच दिया जाए. बैंक ने स्पष्ट रूप से माना कि व्यक्तिगत अपार्टमेंट की तुलना में अधिक मूल्य उस जमीन का है, जहां इमारत खड़ी थी. इसलिए, स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने अपने सभी 6 अपार्टमेंट एक साथ किसी एक ऐसे अमीर परिवार बेचने का फैसला लिया, जिसे पूरी बिल्डिंग की जरूरत हो.

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झुनझुनवाला को चाहिए थी पूरी बिल्डिंग
लगभग उसी समय एक अरबपति शेयर निवेशक अपना घर अपग्रेड करने के बारे में सोच रहे थे. वो शख्स थे राकेश झुनझुनवाला. वह सिर्फ एक या दो अपार्टमेंट से संतुष्ट नहीं थे, उन्हें अपने लिए एक पूरी बिल्डिंग चाहिए थी. जहां वे फिलहाल रहते हैं, उस बिल्डिंग में बहुत अधिक अपार्टमेंट थे और अपार्टमेंट बेचने के लिए बहुत कम लोग तैयार थे. दूसरी तरफ, रिजवे अपार्टमेंट में केवल 12 अपार्टमेंट थे और केवल दो मालिक थे- एचएसबीसी (HSBC) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड (Standard Chartered). ये पूरी बिल्डिंग खरीदने के लिए यहां केवल दो ही पक्ष से बात करने और तैयार करने की जरूरत थी. लेकिन यहां भी फिलहाल (उस समय के हिसाब से) केवल स्टैंडर्ड चार्टर्ड अपने अपार्टमेंट्स को बेचना चाह रहा था.

2017 में बाकी के 6 अपार्टमेंट खरीदे
राकेश झुनझुनवाला ने उन अपार्टमेंट्स को बोली लगाकर हासिल कर लिया. उन्होंने 176 करोड़ रुपये में छह अपार्टमेंट खरीदे. यह राशि न्यूनतम आरक्षित मूल्य (Minimum Reserve Price) से 20% अधिक थी. अब उनके पास 6 अपार्टमेंट आ चुके थे, 6 बाकी थे. उन्होंने बाकी 6 अपार्टमेंट्स के बिक्री पर आने का धैर्यपूर्वक इंतजार किया. चार साल बाद 2017 में HSBC के स्वामित्व वाले बाकी 6 अपार्टमेंट भी सेल के लिए आ गए. यह लगभग तय था कि सबसे ऊंची बोली राकेश झुनझुनवाला की ओर से आएगी, जिससे पूरी बिल्डिंग उनकी होगी. हुआ भी ठीक वैसा ही. झुनझुनवाला ने इस बार 195 करोड़ रुपये की बोली लगाई और बाकी 6 अपार्टमेंट्स भी हासिल कर लिए.

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परेशान तो हुए होंगे झुनझुनवाला भी!
अब पूरी बिल्डिंग उन्हीं की थी. इसके बाद अगला कदम: वर्तमान बिल्डिंग को धवस्त करना. पहले उनकी योजना अपने लिए एक बंगला बनाने की थी. बाद में उस विचार को त्याग दिया गया. इसके बाद उन्होंने 13 मंजिली एक इमारत बनाने का फैसला किया, जिसमें समुद्र के भव्य नज़ारे भी दिखें.

मैं निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े उनके अनुभव के बारे में निश्चित तो नहीं हूं, लेकिन संभावना है कि राकेश झुनझुनवाला जैसे व्यक्ति की भी परीक्षा हुई होगी. असंख्य नियमों और नीतियों ने हर छोटे-बड़े को परेशान किया है. झुनझुनवाला भले ही हताश हुए हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने घर बनाने के बारीक पहलुओं को समझने में अच्छी मेहनत दिखाई. झुनझुनवाला के घर को बनाने वाली एजेंसियों में शामिल एक M/s आकार आर्किटेक्ट्स एंड कंसल्टेंट्स के अमीत पवार ने मुझे बताया कि “झुनझुनवाला म्युनिसिपल अथॉरिटी से अप्रूवल के लिए किए गए हर खर्च को अच्छे से जान और समझ रहे थे – विशेष रूप से प्रीमियम के संबंध में, जोकि एक व्यक्ति के निजी घर के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को देने होते हैं.”

घर में हर सुविधा
आखिरकार जिस टावर को मंजूरी मिली, वह एक ऐसा घर है जिसका क्षेत्रफल 70,000 वर्ग फुट होगा. प्रत्येक मंजिल को अच्छी तरह से चिह्नित किया गया है. चौथी मंजिल में एक बैंक्वेट हॉल है जिसमें बड़ी गैदरिंग की जा सकती है. 8वीं मंजिल में जिम और मालिश जैसी सुविधाएं हैं. 10वीं मंजिल में 4 बड़े गेस्ट बेडरूम हैं. 11वीं मंजिल उनके बच्चों के लिए समर्पित है.

इसके लेखक विशाल भार्गव हैं. वे एक रियल एस्टेट एंथुआसिस्ट हैं, जो अपने न्यूज़टून प्लेटफॉर्म स्नैपन्यूज़ के साथ व्यस्त नहीं होने पर नए प्रोजेक्ट्स देखते हैं और उनकी समीक्षा करते हैं. ये विचार उनके व्यक्तिगत हैं.

Tags: Rakesh Jhunjhunwala

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