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बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान किस तरह चुनें, परिवार के लिए कौन-सा होगा परफेक्ट, 5 प्वाइंट में समझिए

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के पैरामीटर्स ऐसे चुनें.

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के पैरामीटर्स ऐसे चुनें.

हेल्थ इंश्योरेंस और प्लान पर रिसर्च करेंगे तो आपको ढेरों कंपनीज मिलेंगी. पॉलिसीज के फीचर्स मिलेंगे. यहीं पर आपको विशेष ...अधिक पढ़ें

हेल्थ इंश्योरेंस. स्वास्थ्य बीमा. इन दिनों जिस तरह से नई-नई बीमारियां आ रही हैं. अस्पतालों के खर्च बढ़ रहे हैं. उसमें लोग हेल्थ इंश्योरेंस की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. इस उम्मीद में कि अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान देने के बाद भी यदि कोई बीमारी हो जाती है तो इलाज करा सकें और कोई अतिरिक्त बोझ भी ना पड़े. कई दफा पैसे की कमी की वजह से बेहतर इलाज नहीं हो पाता है. ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज उनके लिए बेहतर साबित हो सकती हैं.

अब हम जब भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में आता है कि कौन सी पॉलिसी लें. इंडिविजुअल (सिर्फ अपना) हेल्थ प्लान लूं या फिर फैमिली फ्लोटर (जिसमें फैमिली भी आ जाए). सस्ता वाला लूं या महंगा वाला. दोस्त जो लिया है वो लूं या फिर टीवी पर जिसका ऐड देखा है, वो लूं. कई मर्तबा इन कंफ्यूजन्स के बीच हम प्रॉपर रिसर्च नहीं कर पाते हैं और ऐसा प्लान ले लेते हैं जो भविष्य में हमारे लिए फायदे का साबित नहीं होता है.
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जब आप रिसर्च करेंगे तो आपको ढेरों इंश्योरेंस कंपनीज मिलेंगी. अलग-अलग पॉलिसीज मिलेंगे. उनके फीचर्स होंगे. बेनिफिट्स अलग-अलग होंगे. यहां फिर आप कंफ्यूज होंगे कि आप और आपकी फैमिली के लिए कौन सा प्लान ठीक है. ऐसे में हम कुछ इंडिकेटर्स और पैरामीटर्स बता रहे हैं, जिनपर ध्यान देकर आप बेहतर पॉलिसी ले सकते हैं.

ऐसे में आपको कुछ प्वाइंट्स पर फोकस करना होगा:-

1. हेल्थ प्लान इंडिविजुअल लूं या फैमिली
सबसे पहले ये तय कर लिजिए कि आप पॉलिसी सिर्फ अपने लिए लेना चाहते हैं या फैमिली के लिए. इंडिविजुअल प्लान आप किसी मेडिकल हिस्ट्री को लेकर लें तो ये बेहतर है. वहीं, फैमिली फ्लोटर्स प्लान में एक से ज्यादा मेंबर्स को एक ही प्लान में कवर किया जाता है. मिसाल के तौर पर पति, पत्नी, बच्चे और बच्चों के दादा-दादी. इन सबके लिए आपको एक ही प्रिमियम देना होता है. लेकिन, यहां भी आपको थोड़ा अलर्ट रहना होगा. यदि किसी फैमिली मेंबर की कोई मेडिकल हिस्ट्री है तो आप उनके लिए अलग से इंडिविजुअल प्लान ले सकते हैं.

2. फैमिली में कौन-कौन कवर होगा
जब आप इंडिविजुअल से फैमिली फ्लोटर प्लान की तरफ बढ़ जाते हैं तो सबसे पहले आपको ये देखना चाहिए कि कौन-कौन इसमें कवर होगा. कई बार प्लान में सिर्फ पति-पत्नी होते हैं. कई बार पति-पत्नी और बच्चे होते हैं. कई बार आप और पेरेंट्स होते हैं. फिर कई प्लान में पति-पत्नी, बच्चे और दादा-दादी होते हैं. इसे बेहतर तरीके से रेक्टिफाई करने की जरूरत है.

  • प्लान के फीचर्स और फायदे को इवेल्युएट करिए.
  • प्री एंड पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवर कैसे मिल रहा है, इसे देखिए.
  • रूम रेंट की लिमिट को चेक करिए.
  • मंथली पेमेंट ऑप्शन है या नहीं, इसे देखिए.
  • वेटिंग पीरियड कितना आता है.

फैमिली के लिए प्लान चूनने में कंप्रिहेंसिव हेल्थ प्लान के बारे में सोचिए. क्योंकि बेसिक प्लान डे केयर कवर, एंबुलेंस कवर, आउट पेशेंट कवर, क्रिटिकल इलनेश प्रोटेक्शन नहीं देते हैं. ऐसे में कई बार ये बड़ी चुनौती साबित हो जाती है.

3. प्लान में कैशलेस सुविधा
अब आप कोई प्लान लेने के लिए आगे बढ़ चुके हैं. ऐसे में आपको कैशलेस सुविधा वाले प्लान को तवज्जो देने की जरूरत है. कई बार हमारे पास कैश ही नहीं होते हैं और कई बार इलाज के लिए बजट. ऐसे में कैशलेस सुविधा आपको एक बड़ी राहत देती है. तो आप अपने प्लान में ये बिल्कुल स्पष्ट तौर पर देख लें कि कैशलेस सुविधा है या नहीं. साथ ही इस कैशलेस सुविधा में क्या-क्या आएगा.

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4. जिस कंपनी का प्लान ले रहा हूं उसके हॉस्पिटल नेटवर्क कैसे हैं
अब मान लीजिए आप किसी कंपनी का प्लान लें और उस कंपनी से आपके शहर के अच्छे हॉस्पिटल्स ही नहीं जुड़े हैं. या जो अच्छे हॉस्पिटल्स जुड़े हैं वे आपके घर से काफी दूरी पर हैं. यहां आपकी परेशानी बढ़ सकती है. तो इसमें आपको सावधानी बरतनी होगी कि आप ऐसे प्लान लें, जिसमें आपके नजदीक के अच्छ हॉस्पिटल्स आते हों. इसके लिए कंपनी के नेटवर्क को जरूर देख लें.

5. सेटलमेंट रेशियो
कंपनी का सेटलमेंट रेशियो हाई है या लो. इसे देखना सबसे जरूरी है. इसमें आपको ये पता चल जाएगा कि एक साल में कंपनी के पास सेटलमेंट के लिए जितने केस आए, उसमें उसने कितने फीसदी को सेटल किया. ये सेटलमेंट रेशियो किसी भी कंपनी की क्रेडिबिलिटी और इंश्योरिटी को बताता है और इसे ही इंडिकेटर के तौर पर देख जाता है.

Tags: Health insurance cover, Health insurance premium, Health insurance scheme

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