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अर्थव्यवस्था में तेजी लाने वाले फॉर्मूले की हुई खोज- जितना सोओगे, उतना कमाओगे


Updated: November 6, 2019, 10:44 AM IST
अर्थव्यवस्था में तेजी लाने वाले फॉर्मूले की हुई खोज- जितना सोओगे, उतना कमाओगे
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रिव्यू ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स (Review of Economics and Statistics) में पिछले दिनों छपे एक शोध के मुताबिक जहां लोगों को अधिक नींद मिलती है वहां के लोग कम नींद लेने वाले लोगों की तुलना में अधिक सैलेरी (Higher Salary) भी उठाते हैं.

  • Last Updated: November 6, 2019, 10:44 AM IST
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वॉशिंगटन. यह सब जानते हैं कि सोने से हमें स्फूर्ति मिलती है. आराम करने के बाद शरीर (Body) और दिमाग (Mind) नई ऊर्जा (Energy) से काम करते हैं. हर छुट्टी (Vacation) के दौरान मिली नींद (Sleep) के बाद काम पर लौटने पर आप अधिक ऊर्जा महसूस करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद का आपकी सैलेरी से भी सीधा ताल्लुक है. रिव्यू ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स (Review of Economics and Statistics) में पिछले दिनों छपे एक शोध के मुताबिक जहां लोगों को अधिक नींद मिलती है वहां के लोग कम नींद लेने वाले लोगों की तुलना में अधिक सैलेरी (Higher Salary) भी उठाते हैं.

ऐसा भी नहीं है कि ज्यादा सोने से आपकी कंपनी आपको मिलने वाली सैलेरी में बढ़ोतरी कर देगी. शोध के मुताबिक केवल नींद या आराम काम को प्रभावित नहीं करता बल्कि काम भी आपकी नींद कैसी है यह तय करता है. ज्यादा कमाने के लिए अधिक मेहनत करने वाले कम सोते हैं. या यूं कहें कि अधिक पैसा कमाने के लिए लोग कम सोते हैं. काम का तनाव भी नींद कम करता है.

शोध में यह पाया गया कि कम सोने से भी तनाव बढ़ता. जिससे आपका काम प्रभावित होता है. उदाहरण के लिए कम सोने वाले डॉक्टरों के काम में गलती होने की संभावना अधिक होती है. बच्चों में भी यह पाया गया कि थके हुए छात्रों को कम अंक मिलते हैं. स्कूलों का समय देर से शुरू करने के पीछे भी यह तर्क दिया जाता है कि बच्चों को आराम मिल जाएगा जिससे वो परिक्षाओं में अच्छे नंबर ला सकेंगे. यही बात लोगों की कमाई से भी जुड़ी हुई है.

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अकेले एक आदमी को भरपूर नींद मिलने से कमाई नहीं बढ़ने वाली.


सोने की आदत का सूरज ढलने के वक्त से भी सीधा ताल्लुक है. दुनिया में हर जगह सूर्यास्त का समय अलग है. पश्चिम में रात देर से होती. विश्व में लगभग हर जगह स्कूलों और दफ्तरों का समय तो एक है लेकिन दिन और रात के चक्र में अंतर है. ऐसे में पश्चिम के लोगों की नींद पूरी नही हो पाती. पूर्व मे सूर्य जल्दी ढलता है लिहाजा यहां के लोगों को नींद भी भरपूर मिलती है.

टाइम जोन को ध्यान में रखकर किए गए शोध में यह पाया गया कि अगर एक घंटे की भी अतिरिक्त नींद मिल जाए तो कमाई एक प्रतिशत बढ़ सकती है. इसके दूरगामी परिणामों में यह देखा गया कि कमाई 5 प्रतिशत तक भी बढ़ सकती है.

शोधकर्ता जेफरी श्रेडर मे मुताबिक आपकी कमाई 5 प्रतिशत बढ़ाने के लिए आपके साथियों की भी नींद पूरी होना जरूरी है. अकेले एक आदमी को भरपूर नींद मिलने से कमाई नहीं बढ़ने वाली.
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कहने का मतलब यह कि अगर अर्थव्यवस्था में तेजी लानी है तो सबको थोड़ा आराम भी दिया जाना चाहिए.

(साभार- न्यू यार्क टाइम्स)

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First published: November 6, 2019, 10:24 AM IST
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