लाइव टीवी

पर्सनल लोन लेते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, नहीं तो देना होगा अधिक ब्याज

News18Hindi
Updated: September 16, 2019, 6:04 AM IST
पर्सनल लोन लेते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, नहीं तो देना होगा अधिक ब्याज
पर्सनल लोन (Personal Loan) लेते वक्त इंटरेस्ट रेट (Interest Rate) और सविर्स टर्म (Service Term) से लेकर कई तरह की बातों का ध्यान रखना चाहिए. कोई उधारकर्ता लोन सैंक्शन (Loan Sanction) करने से पहले कई मापदंडों को चेक करता है.

पर्सनल लोन (Personal Loan) लेते वक्त इंटरेस्ट रेट (Interest Rate) और सविर्स टर्म (Service Term) से लेकर कई तरह की बातों का ध्यान रखना चाहिए. कोई उधारकर्ता लोन सैंक्शन (Loan Sanction) करने से पहले कई मापदंडों को चेक करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2019, 6:04 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. आमतौर पर पर्सनल लोन (Personal Loan) पर अधिक ब्याज (Interest Rate) देना पड़ता है. अगर आप भी कम ब्याज दर में पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. किसी भी तरह का पर्सनल लोन सैंक्शन (Loan Sanction) करने से पहले उधारकर्ता (Lenders) कई बातों पर ध्यान देने के बाद ही आपको पर्सनल लोन देने के लिए तैयार होता है. आज जानतें है कि आखिर कैसे कम से कम ब्याज दर में पर्सनल लोन लिया जा सकता है.

अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें

आप अपना क्रेडिट स्कोर (Credit Score) सही समय पर कर्ज का भुगतान करके बेहतर बना सकते हैं. आमतौर पर 750 से अधिक का क्रेडिट स्कोर बेहतर माना जाता है. आपको अपने लोन रिपेमेंट (Loan Repayment) के बारे में ध्यान में रखना होगा. अगर आप अपना क्रेडिट रिपेमेंट भूल जाते हैं या इसमें कोई देरी करते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है.

ये भी पढ़ें: ICICI बैंक के खाताधारकों को झटका! नहीं किया ये काम तो देना होगा अतिरिक्त चार्ज



बेहतर रिपेमेंट हिस्ट्री है जरूरी

आपको हमेशा कोशिश करते रहना चाहिए कि आप अपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर जमा करें. संभव हो तो हर माह लिए गये कर्ज को क्लियर रखें. आपको अन्य तरह के लिए गए लोन की EMI भी हर माह जमा करते रहनी चाहिए. अगर आपकी EMI पेमेंट हिस्ट्री बेहतर रही है तो आप उधारकर्ता से कम ब्याज की मांग कर सकते हैं.
Loading...

इंटरेस्ट रेट कंपेयर करें और सीजनल ऑफर्स के बारे में पता करें

आपको लोन की जरूरत के आधार पर अलग-अलग ऑफर्स के बारे में पता करना चाहिए. आप ऑनलाइन भी पता कर सकते हैं कि कौन उधारकर्ता कम से कम इंटरेस्ट रेट पर आपको पर्सनल लोन दे सकता है. पर्सनल लोन लेते वक्त आपको न सिर्फ कम से कम इंटरेस्ट रेट, बल्कि बेहतर सर्विस टर्म के बारे में भी पता करना चाहिए. फेस्टिव सीजन्स के समय बैंक पर्सनल लोन पर कई तरह के स्कीम्स और ऑफर देते हैं. आपका इसका भी फायदा उठा सकते हैं.

ये भी पढ़ें: अप्रैल 2020 तक एक हो जाएंगे UBI, OBC और पंजाब नेशनल बैंक, नये बैंक को मिलेगा नया नाम



इंटरेस्ट रेट कैलकुलेशन के बार में पता करें

ऐसा भी हो सकता है कि आप कम इंटरेस्ट रेट पर लोन लें, लेकिन लोन की अवधि पूरा होने पर आपको पता चले कि आपने अधिक इंटरेस्ट चुकाया है. उधारकर्ता आपको फ्लैट इंटरेस्ट रेट पर लोन दे सकता है या फिर रिड्यूसिंग इंटरेस्ट रेट पर. फ्लैट इंटरेस्ट रेट के मामले में पूरे लोन पेमेंट पर इंटरेस्ट लगता है. वहीं, रिड्यूसिंग इंटरेस्ट रेट के मामले में इंटरेस्ट रेट को घटे हुए रकम के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है. इस मामले में हर माह की ईएमआई आपके मूल रकम को कम करती है, जिसपर इंटरेस्ट रेट कैलकुलेट किया जाता है. ऐसे में जरूरी है कि आप पर्सनल लोन लेते वक्त फ्लैट इंटरेस्ट रेट से बचें.

आपकी नियोक्ता कंपनी का भी असर पड़ता है

अगर आप किसी भी बड़ी कंपनी में काम करते हैं, जिसकी बाजार में शाख है तो आपको पर्सनल लोन के लिए बेहतर डील मिल सकती है. दरअसल, आपका उधारकर्ता ये देखता है कि आप जिस कंपनी में काम करते हैं, वहां से आपको स्टेबल इनकम मिलता रहेगा. ऐसे में आप लोन की रकम डिफॉल्ट किये बिना चुका सकते हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 16, 2019, 6:04 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...