Alert: मार्केट में बड़ी संख्या में बिक रहा है फेक Remdesivir, ऐसे करें नकली इंजेक्शन की पहचान

रेमडेसिविर इंजेक्शन (सांकेतिक तस्वीर)

रेमडेसिविर इंजेक्शन (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की DCP और IPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज (Monika Bhardwaj) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने बताया है कि रेमडेसिविर की नकली और असली शीशी (Genuine and Fake Remdesivir ) की पहचान कैसे की जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 8:58 PM IST
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नई दिल्ली. मार्केट में इन दिनों रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की बड़ी डिमांड है. दरअसल, कोरोना वायरस (Coronavirus) के इलाज में यह एक महत्वपूर्ण दवा मानी जा रही है. वहीं, पिछले कुछ समय से इसकी अधिक मांग और सप्लाई कम होने के चलते इसकी कालाबाजारी (Black Marketing) भी धडल्ले से चल रही है. अब खबर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मार्केट में बिकने की भी आ रही है. वैसे भी देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर मारामारी का दौर शुरू हो गया है.



इस समय ऑक्सीजन के बाद अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा मांग है तो वो रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) है. कोरोना के इलाज में शामिल रेमडेसिविर इन दिनों कई राज्यों में तय कीमत से 1,000 गुना ज्यादा तक की कीमत पर बिक रहा है. इतना ही नहीं दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्‍योंं से नकली रेमडेसिविर की शिकायतें भी रही हैं. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कुछ लोगों को नकली रेमडेसिविर बेचने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है. ऐसे में अगर इसकी सही से पहचान नहीं की गई तो नकली रेमडिसिविर जानलेवा साबित हो सकता है. 



IPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज ने शेयर किया ट्विट

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की DCP और IPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज (Monika Bhardwaj) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि रेमडेसिविर की नकली और असली शीशी (Genuine and Fake Remdesivir ) की पहचान कैसे की जाए. उन्होंने नकली पैकेट पर मौजूद कुछ गलतियों की तरफ इशारा किया है, जो इसे असली पैकेट से अलग करने में मदद कर सकते हैं.


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ऐसे करें असली-नकली की पहचान







  • नकली Remdesivir के पैकेट पर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले Rx नहीं लिखा हुआ है.


  • असली Remdesivir पर 100 mg/Vial लिखा हुआ है, जबकि नकली पैकेट पर 100 mg/vial लिखा हुआ है यानी केवल Capital V का अंतर है.


  • असली पैकेट पर For use in लिखा हुआ है, जबकि नकली पैकेट पर for use in लिखा हुआ है यानी दोनों में सिर्फ Capital F का अंतर है.


  •  असली पैकेट के पीछे चेतावनी लेबल (Warning Label) लाल रंग में है, जबकि नकली पैकेट पर Warning लेबल काले रंग में है.


  • नकली रेमडेसिविर के पैकेट पर Warning लेबल के ठीक नीचे मुख्य सूचना Covifir (ब्रांड नाम) is manufactured under the license from Gilead Sciences, Inc नहीं लिखी हुई है.


  • फर्जी रेमडेसिविर वाले पैकेट पर पूरे पते (Address) में स्पेलिंग की गलतियां हैं। जैसे नकली पैकेट पर Telangana की जगह Telagana लिखा हुआ है.



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