इन 6 तरीकों से अपने Credit Score को बनाएं बेहतर, ये टिप्स दिलाएंगे सस्ता लोन

6 तरीकों से सुधारें अपना क्रेडिट स्कोर
6 तरीकों से सुधारें अपना क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर संस्था सिबिल के मुताबिक, स्कोर की रेंज 300 से 900 के बीच की होती है. जिनका स्कोर 750 या इससे अधिक होता है, उनके लिए लोन लेना आसान होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 1:10 PM IST
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नई दिल्ली: डिजिलट लेनदेन के टाइम में क्रेडिट स्कोर हर किसी के लिए जरूरी है. आज के टाइम में क्रेडिट स्कोर (Credit Score) ही यह तय करता है कि आपको कितना लोन मिलना चाहिए और क्या ब्याज दर होगी. इसके साथ ही इस स्कोर के जरिए बैंक में आपकी साख का भी पता चलता है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आपकी फाइनेंशियल कंडीशन पॉजिटिव होगी. तो ऐसे में ग्राहकों (Credit Card Holders) को अपने क्रेडिट स्कोर का खास ध्यान रखना चाहिए.

क्रेडिट स्कोर संस्था सिबिल के मुताबिक, स्कोर की रेंज 300 से 900 के बीच की होती है. जिनका स्कोर 750 या इससे अधिक होता है, उनके लिए लोन लेना आसान होता है. ऐसे में खराब क्रेडिट स्कोर का मतलब है कि कर्ज चुकाने में असमर्थ होना. आइए जानते हैं उन बातों को जिससे आप अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बना सकते हैं..

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1. पेमेंट की तारीख याद रखें
यदि आपने क्रेडिट कार्ड से कोई भी उत्पाद खरीदा है तो उसके भुगतान की आखिरी तारीख जरूर याद रखें. क्रेडिट कार्ड के बिल के भुगतान की अंतिम तारीख भी याद रखें. क्योंकि इसमें लापरवाही करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर खराब असर पड़े सकता है.

2. क्रेटिड उपयोगिता अनुपात
इसका मतलब है कि आपने अपने खर्चों और जरूरी काम के लिए निर्धारित सीमा में कितनी राशि का लोन लिया है. उदाहरण के लिए आपके क्रेडिट कार्ड पर लोन की सीमा 2 लाख रुपये और आपने 80,000 रुपये का कर्ज लिया है तो आपकी क्रेडिट उपयोगिता अनुपात 40 प्रतिशत का होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अनुपात जितना कम होगा, कार्डधारक के लिए लोन लेना उतना ही आसान होगा.

3. बार-बार न बढ़ाएं कार्ड लिमिट
कंपनी आपके अच्छे क्रेडिट स्कोर को देखकर भी आपके कार्ड पर कर्ज सीमा बढ़ाने के लिए बार-बार कॉल करेगी या फिर कई कार्डधारक अधिक खर्चों के कारण अपनी कार्ड लिमिट बढ़वा लेते हैं, लेकिन एक यो दो बार तक कार्ड लिमिट बढ़वाना उचित है. क्योंकि बिल ज्यादा होने की स्थिति में आप कर्ज में डूब सकते हैं.

4. सेटलमेंट नहीं लोन को खत्म करें
क्रेडिट स्कोर की हिस्ट्री में भी यह भी देखा जाता है कि पुराने लोन चुकाए हैं या उनका सेटलमेंट किया गया है. सेटलमेंट में कर्जदाता का जोखिम बढ़ता है और क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है.

5. धोखाधड़ी के बारे में सतर्क रहना
पिछले कुछ महीनों में ग्राहकों ने विभिन्न बिल के भुगतानों के लिए डिजिटल लेनदेन को तेजी से अपनाया है जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी में भी बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में किसी से भी ओटीपी, क्रेडिट और डेबिट कार्ड का सीवीवी नंबर और नेट बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें.

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6. तरलता बनाए रखना
एक बार जब चीजें बेहतर हो जाए तो सुनिश्चित करें कि आप चिकित्सा कारणों से तरलता को बरकरार रखें, ऐसे समय के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याएं आपके भावनात्मक और वित्तीय स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ सकती हैं, इसलिए, अप्रत्याशित लागतों को पूरा करने के लिए तरलता सुनिश्चित करने के लिए अपने वित्त का प्रबंधन करें.
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