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शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच निवेश का बेहतर फॉर्मूला, कम रहेगा जोखिम, ग्रोथ अच्छी

एक्सिस बैंक के अनुसार हर एसेट के साथ उसके अपने रिस्क और रिटर्न जुड़े होते हैं.

एक्सिस बैंक के अनुसार हर एसेट के साथ उसके अपने रिस्क और रिटर्न जुड़े होते हैं.

एक्सिस बैंक के अनुसार, हर एसेट के साथ उसके अपने रिस्क और रिटर्न जुड़े होते हैं. जैसे इक्विटी में काफी ऊंची ग्रोथ और डिव ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

एक्सिस बैंक के अनुसार हर एसेट के साथ उसके अपने रिस्क और रिटर्न जुड़े होते हैं.
एसेट एलोकेशन आपकी जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होता है.
बैंक के मुताबिक आप स्टॉक और एमएफ के जरिये निवेश कर सकते हैं.

नई दिल्ली. शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी है. रुपया हर रोज कमजोर होता जा रहा है और दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में दबाव देखने को मिल रहा है. हालांकि इन सबके बीच अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में सोचें तो आपके पास कई विकल्प मौजूद हैं. आप मार्केट के शेयरों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि सभी निवेश विकल्प का रिटर्न एक जैसा नहीं है. मार्केट में कुछ ऐसे कुछ एसेट्स हैं जो नुकसान दिखा रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिससे निवेशकों को मुनाफा भी हो रहा है.

ऐसे में मार्केट के एक्सपर्ट्स निवेश विकल्पों की अलग- अलग स्थितियों में अलग-अलग चाल की वजह से हमेशा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की सलाह देते हैं. वे कहते हैं कि कभी भी अपना पूरा निवेश किसी एक एसेट में नहीं लगाना चाहिये. वे बताते हैं कि निवेशकों को अपना पैसा इक्विटी से लेकर गोल्ड तक में अपनी जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से लगाना चाहिये.

जानें निवेश करने को लेकर एक्सिस बैंक की राय
ऐसे में एक्सिस बैंक ने अपने एक ब्लॉग के जरिये बताया है कि कोई निवेशक किस आधार पर अपना पैसा इन सभी एसेट्स में लगाये जिससे उसका जोखिम तो कम से कम हो वहीं रिटर्न भी ज्यादा से ज्यादा मिले. इसमें बैंक ने बैंक एसेट, एसेट एलोकेशन और निवेश के फॉर्मूले की जानकारी दी है. यहां हम एक्सिस बैंक द्वारा दी गई सलाह को विस्तार में बता रहे हैं. आप इस जानकारी से समझ सकते हैं कि कैसे अपनी रकम को सही तरह से निवेश किया जा सकता है.

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हर एसेट के साथ जुड़े होते हैं अपने रिस्क और रिटर्न
एक्सिस बैंक के अनुसार, हर एसेट के साथ उसके अपने रिस्क और रिटर्न जुड़े होते हैं. जैसे इक्विटी में काफी अच्छी ग्रोथ और डिविडेंड आय मिल सकती है. हालांकि इसमें जोखिम भी काफी अधिक होता है. एक्सिस बैंक के मुताबिक आप स्टॉक और म्यूचुअल फंड्स के जरिये इसमें निवेश कर सकते हैं. वहीं गोल्ड और डेट ज्यादा सुरक्षित निवेश विकल्प होते हैं, हालांकि इनमें इक्विटी जितनी तेज कमाई नहीं होती और डेट में निवेश को जल्द कैश कराने से रिटर्न पर असर देखने को मिलता है. इन एसेट्स में निवेश के लिये स्टॉक्स, एफडी, म्यूचुअल फंड , ईटीएफ आदि के जरिये निवेश किया जा सकता है.

एसेट एलोकेशन आपकी जोखिम लेने की क्षमता पर होता है आधारित
एक्सिस बैंक के मुताबिक, एसेट एलोकेशन आपकी जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होता है और जोखिम की क्षमता का सीधा मतलब कि आप इस निवेश को कितने समय तक के लिये छोड़ सकते हैं, जिससे छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव के दौर में भी आपको कोई समस्या न हो. दूसरे शब्दों में निवेश के समय को लेकर आपका लक्ष्य क्या है. एक्सिस बैंक ने इसके लिए एक फॉर्मूला बताया है जिसके आधार पर आप एसेट एलोकेशन कर सकते हैं.

एक्सिस बैंक ने निवेश को लेकर दी ये फॉर्मूला
इसमें बैंक ने बताया कि अगर आपको लगता है कि इस रकम की आवश्यकता एक से लेकर 3 साल में पड़ सकती है, जैसे शादी, बच्चों की पढ़ाई, या कोई बड़ा खर्च तो बेहतर है कि आप रकम का 95 प्रतिशत हिस्सा डेट में रखें और 5 प्रतिशत हिस्सा गोल्ड में निवेश करें, इक्विटी से दूर रहें. क्योंकि कई बार स्टॉक्स में तेज गिरावट के बाद उसे उबरने में सालों लग जाते हैं, भले ही वो रिकवरी की दौड़ लंबी अवधि में आपका पूरा नुकसान भर दे. लेकिन आपके पास उतना समय नहीं होता.

जानें, क्या होता है एसेट एलोकेशन ?
एसेट एलोकेशन का मतलब होता है कि आपके निवेश की रकम का कितना हिस्सा किसी खास एसेट जैसे इक्विटी, गोल्ड, डेट, प्रॉपर्टी में लगाया गया है और कितना कैश शेष है जिसे आप जरूरत के वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर किसी खास एसेट में निवेश बढ़ा सकते हैं. एसेट एलोकेशन का अंतिम लक्ष्य आपके पैसे पर निवेश जोखिम को कम से कम करना और रिटर्न को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना होता है.

Tags: Axis bank, Business news in hindi, Inflation, Market, Share market, Shares, Stock market

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