Health Insurance: अस्पताल में हुई मौत के बाद क्लेम सेटलमेंट को लेकर हैं परेशान, यहां जानिए सबकुछ

कोविड 19 ने हेल्थ इंश्योरेंस का महत्व और डिमांड दोनों बढ़ा दी है.

कोविड 19 ने हेल्थ इंश्योरेंस का महत्व और डिमांड दोनों बढ़ा दी है.

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी टीए रामलिगम कहते है कि बीमाधारक की मृत्यु के मामले में, बीमाधारक की पॉलिसी की शर्तों के अनुसार देय चिकित्सा खर्च बीमाकर्ता द्वारा तय किए जाते है.

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नई दिल्ली. यह सभी जानते है कि अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे बाद से यदि व्यक्ति ने हेल्थ इंश्योरेंस (Helth Insurance) ले रखा है तो उसे उसकी सुविधाएं मिलना शुरू हो जाती है. जिसमें कैशलैश ट्रीटमेंट (Cashless treatment) से लेकर दवाइयों (medicine) यहां तक के अस्पताल का बिल (Hospital bill) और प्राइवेट रूम (private Room)में शामिल रहता है. हेल्थ इंश्योरेंस वैसे तो हमेशा से ही जरूरी रहा है लेकिन कोविड 19 (Covid-19) ने इसकी महत्व और डिमांड दोनों बढ़ा दी है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति आपके घर में है जिसका हेल्थ इंश्योरेंस है और किसी परिस्थिति में अस्पताल में इलाज के बावजूद उनकी मौत हो जाती है तो सबसे बड़ी दिक्कत यही आती है कि डेथ के बाद क्लेम के लिए कैसे आवेदन करे. तो चलिए जानते है ऐसी किसी विषम स्थिति में आप किस तरह से क्लेम सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकते है और कैसे - 


बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस (Bajaj Allianz General Insurance )के मुख्य तकनीकी अधिकारी (Chief Technical Officer) टीए रामलिगम (T A Ramaligam,) ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि बीमाधारक की मृत्यु के मामले में, बीमाधारक की पॉलिसी की शर्तों के अनुसार देय चिकित्सा खर्च बीमाकर्ता द्वारा तय किए जाते है. वे बताते हैं कि  हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम, कैशलेस क्लेम और रीइंबर्समेंट क्लेम के लिए फाइल करते समय दो सुविधाएं मिल सकती हैं.  


Cashless Claims


यदि ग्राहक चिकित्सा उपचार के लिए बीमाकर्ता के नेटवर्क अस्पताल का चयन करता है, तो बीमाधारक द्वारा कैशलेस क्लेम का विकल्प चुना जा सकता है. ग्राहक को इम्प्लान्टेड अस्पताल में कैशलेस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बीमा / टीपीए डेस्क पर अपने स्वास्थ्य आईडी कार्ड को दिखाना होगा. इसके बाद अस्पताल और बीमा कंपनी के बीच प्रक्रिया शुरू की जाती है, जहां ग्राहक को हर चरण में प्रगति और अनुरोध पर निर्णय के बारे में सूचित किया जाता है. वर्तमान में सर्वोच्च प्राथमिकता COVID – 19 मामलों में दी गई है. 


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Cashless Claim Process


1-  यदि अस्पताल में एडमिट करने से पूर्व से प्लानिंग है, तो ग्राहकों को अस्पताल के बीमा डेस्क से संपर्क करना चाहिए जो उन्हें कैशलेस सुविधा में गाइड करते है. बीमा डेस्क बीमाकर्ता को आवेदन पत्र (जो कि उपचार करने वाले डॉक्टर द्वारा साइन किया जाता है) देती है. जिसके आधार के बीमाकर्ता कैशलेस सुविधा को मंजूरी देता है. आम तौर पर, इस अप्रूवल को उपचार से 4 – 7 दिन पहले लिया जाना चाहिए.


2- यदि आप अपनी बीमा कंपनी से जुड़े हैं, तो वे आपको उन दस्तावेजों के बारे में सूचित करेंगे जिनकी आवश्यकता हो सकती है. बीमा डेस्क के माध्यम से बीमाकर्ता के साथ इन दस्तावेजों और चिकित्सा विवरणों को साझा करना, यह पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार उपचार विवरण का मूल्यांकन करता है और संबंधित अस्पताल और बीमा को सूचित करता है.


3 - ग्राहक को बीमाकर्ता द्वारा जरूरी दस्तावेजों के अतिरिक्त नेटवर्क अस्पताल में निम्नलिखित दस्तावेजों का देना जरूरी है: –


A- प्री आर्थराइजेशन लेटर  (बीमा डेस्क द्वारा भरा हुआ)


B - बीमा कंपनी या स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी द्वारा जारी किया गया आईडी कार्ड


C-  आधार कार्ड, पैन कार्ड / फॉर्म 60 (केवाईसी उद्देश्य के लिए)


4-  एक बार जब उपचार हो जाता है और ग्राहक ने कैशलेस सुविधा का लाभ उठाया है, तो मूल बिल और उपचार के प्रमाण अस्पताल में छोड़ दिए जाने चाहिए. अस्पताल इन बिलों को आपकी बीमा कंपनी के साथ साझा करता है जिसके अनुसार बीमाकर्ता द्वारा अस्पताल को भुगतान किया जाता है.


5-  किसी भी अनियोजित या आपातकालीन चिकित्सा उपचार के मामले में, पॉलिसीधारक अपने ग्राहक सेवा केंद्र या चैटबॉट की सुविधाओं के माध्यम से बीमाकर्ता से संपर्क कर सकता है ताकि उसे रजिस्टर्ड अस्पतालों के बारे में पता चल सके. एक बार अस्पताल में, ग्राहक बीमाकर्ता द्वारा बीमा डेस्क पर पॉलिसी कॉपी के साथ प्रदान किए गए बीमा कार्ड का उत्पादन करके कैशलेस अस्पताल में भर्ती के लिए अनुरोध कर सकते हैं.


6-  एक बार जब ग्राहक यह अनुरोध करता है, तो अस्पताल प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध फॉर्म भरकर बीमा कंपनी से जुड़ जाता है और परिणामस्वरूप बीमाकर्ता अस्पताल को एक आर्थेराइजेशन पत्र जारी करता है. बीमाकर्ता ग्राहक के पॉलिसी कवरेज से संबंधित विवरण भी साझा करता है.


7- एक बार जब इलाज खत्म हो जाता है, तो बीमाकर्ता स्वीकार्य दावों के भुगतान का निपटान करेगा. 


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Reimbursement Claims


यदि ग्राहक एक ऐसा अस्पताल चुनता है जो बीमाकर्ता के साथ रजिस्टर्ड नहीं है, तो दावा प्रतिपूर्ति के आधार पर तय किया जाता है. इसमें पहले ग्राहक को पैसा खर्च करना होता है और बाद में बिल बीमाकर्ता को देना होता है जिसके बाद दस्तावेजों का पूरा सेट प्राप्त होने पर, प्रतिपूर्ति दावे आमतौर पर 5 दिनों के भीतर तय किए जाते हैं. उदाहरण के लिए, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस ने एक अनूठी सुविधा शुरू की है, जिसमें ग्राहक अब कंपनी के स्वयं-सेवा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल दस्तावेजों को प्रस्तुत कर सकते हैं मूल्यांकन और निपटान के लिए जिसे नाम दिया गया है ‘कार्लीयर योर’। इस नई सुविधा के माध्यम से, एक स्वास्थ्य बीमा ग्राहक अब 5 कार्य दिवसों के भीतर अपने दावे प्राप्त कर सकता है.


Reimbursement Claims Process


1- बीमाधारक को बीमा कंपनी की वेबसाइट से आवश्यक क्लेम डॉक्यूमेंट्स डाउनलोड करना होगा या इसे सीधे बीमाकर्ता के किसी भी कार्यालय / से भी लिया जा सकता है.  


2- ग्राहक को क्लेम फाइल करने के समय बीमाकर्ता को मूल चिकित्सा बिल के साथ आवश्यक दस्तावेज सब्मिट करना ज़रूरी है. इन दस्तावेजों में आमतौर पर एक क्लेम प्रपत्र, बैंक विवरण, आईडी कार्ड, अस्पताल डिस्चार्ज सारांश, जांच और डाइगोसिस रिपोर्ट और बिल, मूल अस्पताल और फार्मेसी बिल के साथ-साथ भुगतान प्राप्तियां और प्रिस्क्रिप्शन शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, एक्सीडेंट के केस में अस्पताल में भर्ती होने पर, एफआईआर की एक प्रति बीमाकर्ता के साथ साझा करने की भी आवश्यकता हो सकती है.


3- बीमा कंपनी पॉलिसी के तहत टर्म एंड कंडीशन (T&C) की पुष्टि करने के बाद दस्तावेजों के दावे के आधार का मूल्यांकन करती है.


4-  मूल्यांकन के बाद बीमा कंपनी लाभार्थी को पॉलिसी शर्तों के अनुसार भुगतान करती है.


5-  कुछ अनिवार्य दस्तावेज न मिलने पर, बीमाकर्ता इन अतिरिक्त दस्तावेजों के लिए दावे पर निर्णय लेने के लिए कह सकता है.


6- क्लेम प्रतिपूर्ति के मामले में, बीमाकर्ता उन आधारों को प्रदान करता है जिन पर क्लेम गैर देय है. 


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“रामालिगम कहते हैं कि हमने अपने ग्राहकों की आसानी के लिए हमारे कार्लीस योर ऐप (Caringly Yours App), वेबसाइट और पोर्टल्स में क्लेम प्रस्तुत करने के लिए डिजिटल मोड को सक्षम किया है, जिससे लोग अपने घरों के आराम से एक्सेस कर सकते है. बस इतना करना है कि क्लेम दस्तावेजों के चित्रों पर क्लिक करें और प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित दिशानिर्देश का पालन करें. हम विभिन्न संचार माध्यमों जैसे WhatsApp, एजुकेशनल वीडियो. संपर्क केंद्र, के माध्यम से ग्राहकों को रियल टाइम असिस्टेंट प्रदान करता है. 

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