फायदे की बात: IPO से करना चाहते हैं मोटी कमाई तो जान लें ये 5 बातें, कभी नहीं होगा नुकसान!

IPO investment

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How to make money with IPO: IPO निवेश कोई आसान नहीं हैं. ऐसे कई फेक्टर हैं, जिन पर आपको यह सुनिश्चित करने के लिए विचार करना चाहिए कि आपका आईपीओ नुकसानदायक होने देने के बजाय लाभदायक है. इन दिनों कई कंपनियां IPO पेश करने जा रही हैं. इसलिए इससे जुड़ी मुख्य बातें आपके लिए जानना जरूरी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 5:49 AM IST
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नई दिल्ली. आप एक रोचक तथ्य जानना चाहते हैं? साल 2020 में लॉन्च किए गए 15 मेनलाइन इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग  (IPO) में से 14 स्टॉक अभी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं. कई मामलों में रिटर्न 200% से अधिक है और कुछ में 400% भी अधिक है. 11 शेयरों ने अपने लिस्टिंग के दिन से लाभ देना शुरू कर दिया और 6 स्टॉक ने पहले दिन 70% से अधिक का रिटर्न दिया. हालांकि, IPO निवेश कोई आसान नहीं हैं. ऐसे कई फेक्टर हैं, जिन पर आपको यह सुनिश्चित करने के लिए विचार करना चाहिए कि आपका आईपीओ नुकसानदायक होने देने के बजाय लाभदायक है. इन दिनों कई कंपनियां IPO पेश करने जा रही हैं. इसलिए इससे जुड़ी मुख्य बातें आपके लिए जानना जरूरी है. तो आइए जानते हैं IPO में निवेश से पहले क्या करें.

आईपीओ में निवेश करने के दौरान 5 महत्वपूर्ण कारक हैं:



  1. डिटेल्स में रिसर्च करें-
    IPO तब जारी होता है जब कोई कंपनी पहली बार एक्सचेंज में लिस्टेड किया जा रहा है. लिस्टिंग के बाद जरूर कंपनियों को तिमाही आधार पर अपने प्रमुख वित्तीय आंकड़ों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है. हालांकि, कंपनी के 'सार्वजनिक होने' से पहले की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है. कंपनी के सभी प्रासंगिक आंकड़े वास्तव में डीआरएचपी या ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में होते हैं. बस ध्यान रखें कि इस तरह के ड्राफ्ट कंपनियां खुद ही फंड जुटाने के उद्देश्य से बनाती हैं.यह ड्राफ्ट निष्पक्ष बाजार इकाई की ओर से तैयार नहीं किया गया है. इस वजह से आपको पूरी तरह से रिसर्च करना चाहिए .कंपनी और उसके प्रमोटरों, उनके आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो), फाइनेंसिंग, प्रतियोगियों, मीडिया कवरेज और बड़े पैमाने पर इसकी औद्योगिक गतिविधियों के बारे में जितना हो सके जानकारी जुटानी चाहिए. दूसरे शब्दों में अगर आप आईपीओ में अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो अपने शोध को जितना संभव हो सके उतना गहराई से करें.


  2. मूल्यांकन पर ध्यान दें-

    शेयरों का आवंटन प्राप्त करने के लिए जल्दबाजी में यह देखा गया है कि बहुत से निवेशक किसी कंपनी या उसके फंडामेंटल एनालीसिज के मूल्यांकन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं. हालांकि, डीआरएचपी में जो कुछ भी दिया गया है, उसके अलावा किसी कंपनी के लिए फंडामेंटल एनालीसिज करने के लिए कोई अन्य डेटा पॉइंट्स उपलब्ध नहीं होते हैं. सार्वजनिक होने वाली कंपनियां आमतौर पर अपने निवेशकों से बहुत ज्यादा मूल्यांकन की उम्मीद करती है. आप हमेशा इसके बारे में सटीक विचार प्राप्त करने के लिए उस उद्योग में उसके काउंटर पार्ट्स या जेनेरल ट्रेंड को परख सकते हैं. यदि सार्वजनिक होने वाली कंपनी अपनी तरह की पहली है, तो ऐसे में प्रतिस्पर्धी विश्लेषण करना और भी कठिन हो जाता है.




  3. QIB भागीदारी को मॉनिटर करें-

    सार्वजनिक होने वाली कोई भी कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) या योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए विशेष पिच बनाती है. क्यूआईबी सेबी-रजिस्टर्ड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, बैंक, म्यूचुअल फंड और एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) हैं जो आमतौर पर दूसरों की ओर से धन का निवेश करते हैं. स्टॉक की क्षमता का पता लगाने के लिए समर्पित नेटवर्क होने के साथ-साथ इस प्रक्रिया में एक पार्टी होने के नाते क्यूआईबी की भागीदारी को अक्सर स्टॉक के भविष्य के प्रदर्शन का बैरोमीटर माना जाता है. हालांकि, आपको इस आंकड़े पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि क्यूआईबी का भी इसमें अपना नफा-नुकसान हो सकता है. उदाहरण के लिए, पिछले साल सूचीबद्ध कंपनियों में से एकमात्र शेयर जो इस समय अपने इश्यू प्राइज से नीचे कारोबार कर रहा है, क्यूआईबी की ओर से लगभग 10 गुना ओवरसब्स्क्राइब हुआ है। यदि आप इस तरह के ओवरसब्सक्रिप्शन को लंबी दौड़ में रिटर्न (या अंडरपरफॉर्मेंस) की गारंटी मानते हैं, तो आप बाद में खुद को नुकसान में पा सकते हैं.


  4. डीआरएचपी को अच्छे-से पढ़ें- 

    सभी कंपनियों को सार्वजनिक रूप से अपने बिजनेस ऑपरेशंस, राजस्व, संपत्ति, देनदारियों, बाजार परिदृश्य का डिटेलिंग अनिवार्य है. वे अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में अपनी बढ़ी हुई पूंजी का उपयोग कैसे करेंगे, यह भी बताना होता है. निवेशकों को हर चीज के बारे में जानकारी देनी होती है ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें. हालांकि, डीआरएचपी में भी कई तथ्य छिपे होते हैं, यदि आप विवरण को विस्तार से और गहराई से देखते हैं तो आप निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण टेकअवे भी प्राप्त कर सकते हैं. ऐतिहासिक प्रदर्शन जैसे फेक्टर के साथ ही कंपनी अपने फंड का उपयोग कैसे करेगी इस पर विशेष ध्यान दें. यदि यह अपने इच्छित उद्देश्य के रूप में आरएंडडी या व्यावसायिक विस्तार का दावा करता है, तो यह एक अच्छा संकेत है क्योंकि इससे भविष्य में विकास संभव है. लेकिन अगर धन उगाहने की पहल देनदारियों का भुगतान करना है, तो कंपनी की बैलेंस शीट और इसमें इसकी हिस्सेदारी का अधिक विस्तृत विश्लेषण करना बेहतर है.


  5.  टेक्नोलॉजी का लाभ उठाएं

    आईपीओ और इन-डेप्थ एनालिसिस में जिस डायनामिज्म की आवश्यकता होती है, उसे देखते हुए त्रुटियों के लिए कम गुंजाइश छोड़ते हुए किसी को काम करने देना बेहतर होगा. आज, भारत में निवेश की सिफारिश करने वाले इंजन हैं जो 1 बिलियन से अधिक डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करके बेंचमार्क नतीजों को सामने रखते हैं. अच्छी खबर यह है कि वे आईपीओ-केंद्रित सलाह भी देते हैं. आप यह समझने के लिए उन पर भरोसा कर सकते हैं कि किस आईपीओ में भाग लेना है और किसमें भाग नहीं लेना है. कोई आईपीओ जितना आकर्षक हो सकता है, उससे जुड़ा रिस्क फेक्टर भी कुछ ऐसा है जिससे आपको सावधान रहना चाहिए. बस उपर्युक्त कारकों को ध्यान में रखें. वे यह सुनिश्चित करेंगे कि आईपीओ आपके लिए हमेशा लाभकारी अवसर हों, आपको कोई आवंटन प्राप्त करना चाहिए.




जानें मार्च में आने वाले IPO के बारे में-

अनुपम रसायन- विशेष प्रकार के रसायन बनाने वाली कंपनी अनुपम रसायन अपना आईपीओ लेकर आ रही है. कंपनी का 760 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 मार्च को खुलेगा. आईपीओ की कीमत 553-555 रुपये तय की गई है. यह आईपीओ 16 मार्च को बंद होगा.

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लक्ष्मी आर्गनिक इंडस्ट्रीज- लक्ष्मी आर्गनिक इंडस्ट्रीज का आईपीओ 15 मार्च को खुलेगा. स्पेशियलिटी रसायन विनिर्माता कंपनी लक्ष्मी आर्गनिक्स इंडस्ट्रीज ने 600 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 129-130 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया है. कंपनी का आईपीओ 17 मार्च को बंद हो जाएगा.

क्राफ्ट्समैन आटोमेशन- इंजीनियरिंग कंपनी क्राफ्ट्समैन आटोमेशन लिमिटेड का आईपीओ 15 मार्च से खुलेगा. इसके जरिए कंपनी की ओर से 824 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 1488-1490 रुपये प्रति शेयर कीमत तय की है. 17 मार्च को यह आईपीओ बंद हो जाएगा.

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कल्याण ज्वैलर्स- 16 मार्च को कल्याण ज्वैलर्स का आईपीओ खुलने वाला है. कंपनी की ओर से 1175 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. कंपनी ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड 86-87 रुपये प्रति शेयर रखा है. 18 मार्च को कंपनी का आईपीओ बंद होगा.
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