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नहीं चुका पा रहे होम लोन की EMI तो अपनाएं ये तरीका, दूर हो जाएगी आपकी परेशानी

होम लोन EMI भरने के क्या-क्या विकल्प हैं.
होम लोन EMI भरने के क्या-क्या विकल्प हैं.

कई बार छोटी अवधि में वित्तीय परेशानियों (Financial Problem) की वजह से होम लोन का रिपेमेंट (Home Loan Repayment) आसान नहीं होता है. ऐसे में जरूरी है कि इसके लिए आप अन्य विकल्पों पर ध्यान देकर इस मुसीबत से निकलें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 22, 2019, 5:24 PM IST
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नई दिल्ली. हर महीने होम लोन की EMI भरना हर किसी के लिए सिरदर्द भरा काम होता है. EMI के हिसाब से महीने भर का बजट बनाना कई लोगों के मुश्किल हो जाता है. ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी है कि ​हर माह EMI चुकाने के लिए आपके पास क्या अन्य विकल्प मौजूत हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.

कर सकते हैं इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल
आमतौर पर होम लोन EMI भरने में सबसे बड़ी दिक्कत पर्याप्त आया का जरिया नहीं होना होता है. ऐसा तब होता है कि नौकरी छूट जाती है और आय का कोई दूसर स्त्रोत नहीं होता है या आपकी सेविंग्स खत्म हो जाती है. ऐसे में अगर आप सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में EMI जितनी रकम या फिर FD जैसे डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instrument) में निवेश कर एक इमराजेंसी फंड (Emergency Fund) बना सकते हैं. आपके लिए बेहतर होगा इस फंड में आप अपने मासिक इनकम का कम से कम 6 गुना रकम रखें.

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लोन इंश्योरेंस भी है विकल्प


मौजूदा समय में आपको आसानी से छोटी लोन इंश्योरेंस प्लान (Loan Insurance) ले सकते हैं, जो आपको छोटी अवधि में EMI पेमेंट कवर करने में मदद कर सकता है. आपके लिए बेहतर होगा कि होम लोन लेते समय ही आप ऐसे विकल्प पर विचार करें. नौकरी छूट जाने पर यह इंश्योरेंस आपकी काफी मदद कर सकता है. इसलिए, लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस प्लान शॉर्ट टर्म के लिए एक बेहतर विकल्प है.

एसेट फंड से भी जुटा सकते हैं फंड
कई बार ऐसा भी होता है कि आपके पास इनकम जरिया नहीं, सेविंग्स भी खत्म हो गया है और लोन रिपेमेंट की स्थिति भी नहीं है तो आपके लिए जरूरी है थोड़ा कैश जुटाने के लिए दूसरे विकल्पों पर ध्यान दिया जाए. इस समय में सोना, कार या दूसरे लग्जरी पेमेंट बेचने पर विचार करना चाहिए. अगर आपने PPF जैसे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान (Long Term Investment Plan) ले रखा है तो इससे भी पैसे निकाल सकते हैं. लेकिन, आपको Public Provident Fund से पैसे निकासी संबंधी जानकारी के बारे में पता करना होगा.



 

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लेंडर से बात करने पर भी मिल सकता है रास्ता
अगर आप कुछ वाजिब कारणों से EMI पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपने लेंडर से भी बात करना चाहिए. आप लेंडर से रिक्वेस्ट कर कोशिश कर सकते हैं कि वो कुछ समय पर लोन रिपेमेंट शुरू करे. इसके लिए लेंडर को मनाने के लिए आपको पिछले ये रिकॉर्ड दिखाना जरूरी होगा कि आपने पिछले लोन का रिपेमेंट समय पर किया था. केस-टू-केस आधार पर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर आपकी मौजूदा परेशानियों को देखने के बाद लें कुछ विकल्प दे सकता है.

>> इसमें पहला विकल्प ग्रेस पीरियड का होता है. ग्रेस पीरियड में लेंडर आपको कुछ समय तक लोन रिपेमेंट की EMI चुकाने से राहत दे सकता है ताकि आप अपनी छोटी अवधि की दिक्कतों से निपट सकें.

>> लेंडर आपको लोन रिफाइनेंसिंग या रिस्ट्रक्चरिंग (Loan Refinancing/Restructuring) का ​भी विकल्प दे सकता है. इसमें लेंडर लोन की अवधि बढ़ाते हुए EMI की रकम घटा सकता है.

>> लेंडर आपको ब्याज दरों में कमी करने का तीसरा विकल्प दे सकता है. इसमें लेंडर आपको कुछ शर्तों के साथ कम ब्याज दर का विकल्प देगा.

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