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पैसा कमा लिया, खर्च कर दिया? लेकिन ये काम किए क्या?- 5 बातें

Pooja Prasad | News18Hindi
Updated: June 24, 2019, 9:36 AM IST
पैसा कमा लिया, खर्च कर दिया? लेकिन ये काम किए क्या?- 5 बातें
Saving and Investment Tips: खर्च वह है जो आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स के बारे में जिन्हें अपनाना है बेहद आसान...

Saving and Investment Tips: खर्च वह है जो आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स के बारे में जिन्हें अपनाना है बेहद आसान...

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काफी साल पहले कहीं पढ़ा था, एक रुपया बचाया हुआ एक रुपया कमाए हुए के बराबर होता है. हम इस पर आज भी यकीन करते हैं. दरअसल, खर्च वह है जो आपके हाथ से निकल गया, लेकिन बचाया हुआ एक रुपया वह है जो आपके पास अभी भी मनी पावर के रूप में मुट्ठी में मौजूद है. आइए आज जानें ऐसे पांच छोटे मगर स्मार्ट मूव्स के बारे में जिन्हें अपनाना मुश्किल नहीं है लेकिन एक बार यदि गंभीरता से लागू कर लिया तो आपका मनी मैनेजमेंट काफी अच्छे से हो जाता है और भविष्य की कई चिंताओं से आपको काफी हद तक मुक्ति मिल सकती है.

अच्छा पैसा कमाना यदि एक कला है तो पैसा बचाना एक 'स्मार्ट' कला है. यह स्मार्ट आर्ट इसलिए है क्योंकि दिनोंदिन बढ़ती मुद्रास्फीति, जरूरतों के विस्तृत होने और इच्छाओं के कुलांचे मारने के बीच यह बेहद मुश्किल होता है कि एक मुश्त रकम बचाई जा सके या खर्च कम किया जा सके.

1- अपने घर का बजट सबसे पहले तय करें- इसके तहत सभी बिल, लोन, ईएमआई, राशन, फीस और प्रतिदिन के खर्च शामिल होते हैं. मासिक रकम का बड़ा हिस्सा इसमें खर्च होगा ही. अपनी आय से अपने सभी खास-खास खर्चों के लिए एक हिस्सा नियमित समय से पहले ही अलग कर लें. इससे यह पता चल जाएगा कि कितना पैसा आपके पास अन्य जगह लगाने या बचाने के लिए शेष है. विलासितापूर्ण खर्चों को इसमें शामिल न करें. खुद को रिवॉर्ड जरूर देना चाहिए लेकिन फाइनेंशल प्लानिंग का पहला नियम जरूरी खर्चों को पहले निपटाना है इसके बाद अन्य चीजों की ओर रुख करना है.



2- लिक्विड यानी कैश जमा जरूर रखें- यह बचत आपके बेहद काम की चीज साबित हो सकती है. आपने इंश्योरेंस करवा रखा हो, कई क्रेडिट कार्ड हों, एफडी हों और शेयर बाजार में निवेश किया हुआ हो... लेकिन आपको अपनी मंथली कुल कमाई का एक हिस्सा इंमर्जेंसी फंड के नाम पर जरूर एक तरफ निकाल कर रख देना है. हर महीने इस आपातकालीन फंड के नाम पर निश्चित रकम जरूर निकालते चलें. यह नौकरी जाने की दशा में, अचानक मेडिकल कारणों से कैश की जरूरत पड़ने पर एवं कई और मामलों में आपके काम आएगा. इसे आप सेविंग अकाउंट में इस प्रकार रखें कि जल्द से जल्द आपको इसकी एक्सेस हो सके. वित्तीय मामलों के जानकारों की राय में 6 महीने का आपातकालीन फंड रखना चाहिए और इसे आप हर महीने कुछ रकम बचाकर रख सकते हैं. इसे आप ऐसी जगह (जैसे कि बैंक का सेविंग अकाउंट) रखेंगे जहां तक आप कम से कम में इसे प्राप्त कर सकें. माना जाता है कि मासिक कमाई का 10 फीसदी हिस्सा इसमें रखना चाहिए. यकीन मानिए, इमर्जेंसी फंड जरूरत की स्थिति से पूर्व, आपको मानसिक रूप से काफी सहारा देता है.



3- मंथली इन-हैंड रकम का प्रयोग कहां और कैसे करने जा रहे हैं- यह आपको पूरी तरह क्लियर होना चाहिए. फाइनेंशल प्लानिंग करें. इसके लिए मासिक और फिक्स्ड खर्चों के बाद विलासितापूर्ण खर्चों पर तय रकम लगाने से पहले अपने फाइनेंस की प्लानिंग बनाएं. लॉन्ग टर्म में कार खरीदने, मकान खरीदने, शादी करने जैसे टारगेट शामिल होंगे. इनके लिए संबंधित स्कीमों का पता करें, फाइनेंशल प्लानर की भी मदद ले सकते हैं या फिर बैंक या स्कीम्स में इन टारगेट को ध्यान में रखकर पैसा लगा सकते हैं. पैसा लगाने से पहले रिटर्न को लेकर तुलनात्मक रूप से अध्ययन कर लें.

4- निवेश करने की जरूरत को पहचानें- सोच-समझकर निवेश करें. निवेश बचत का समझदारी भरा रूप है जो आपको एक निश्चित अवधि में कमा कर देता है. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, एसआईपी जैसी स्कीम्स के बारे में तुलनात्मक अध्ययन करके इसमें पैसा लगाएं. एक बात हमेशा याद रखें, शेयर बाजार वोलाटाइल होता है, वह फिक्स्ड रिटर्न और फिक्स्ड समय पर रिटर्न नहीं देता है. हो सकता है कि पैसा डूब जाए और यह भी हो सकता है पैसा डबल हो जाए लेकिन यह पहले से निश्चित नहीं होता और मार्केट की चाल पर डिपेंड करता है. इसलिए अत्याधिक रकम न लगाएं कि आपको बाद में तकलीफ उठानी पड़े. यदि आपको बोनस या गिफ्ट या लॉटरी के रूप में अप्रत्याशित नकदी प्राप्त होती है तो इसका पूरा या फिर एक बड़ा हिस्सा या तो इमर्जेंसी फंड में डाल दें या फिर एफडी जैसे किसी ऐसे आप्शन को अपनाएं जहां आप इसे एकमुश्त लगा सकते हों. खर्च के लिए इसमें से एक रकम निकाल भी सकते हैं लेकिन जानकारों की राय में अचानक प्राप्त हुए इस पैसे का प्रयोग समझदारी से करना चाहिए, न कि तुरंत खर्च कर देना चाहिए.

5- आखिर मगर, महत्वपूर्ण बात- अपने खर्च का हिसाब किताब रखें. अपनी बचत और निवेश का भी लेखा- जोखा रखें. हर एक खर्चे को डायरी या मोबाइल फोन की किसी विश्वसनीय ऐप में लिखकर रखें. गारंटी, वारंटी और परचेज की रसीदों को संभाल कर एक जगह फाइल में रखें. निवेश को भी ट्रैक करें, क्या फायदे का सौदा साबित हो रहे हैं आपके द्वारा किए हुए निवेश या फिर नुकसान में जा रहे हैं? नजर रखें, विश्लेषण करें और इसी के हिसाब से पुनर्विचार करें और फैसला लें. अपने आपातकालीन फंड, मकान या कार की ईएमआई, क्रेडिट कार्ड से जुड़े लोन पहले और जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करें. यदि संभव हो तो अधिकाधिक लोन लेने से बचें. जो लोन लिए हुए हैं उन्हें अपने सर से उतारने की कोशिश करें. वहीं, बड़े लोन को छोड़ दें तो खरीद की रकम को जहां तक संभव हो एक मुश्त चुका दें क्योंकि लोन हमेशा ब्याज के साथ आता है और यह ब्याज हमेशा मूल लागत पर आपके द्वारा चुकाई गई एक्स्ट्रा राशि होती है जिसे देने से आप तब बच सकते हैं जब आप एकमुश्त रकम का भुगतान कर दें.

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First published: June 24, 2019, 7:40 AM IST
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