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युवा किसानों को मोदी सरकार देगी 3.75 लाख रुपये, आप भी उठा सकते हैं फायदा

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: December 19, 2019, 2:36 PM IST
युवा किसानों को मोदी सरकार देगी 3.75 लाख रुपये, आप भी उठा सकते हैं फायदा
नई स्कीम के तहत केंद्र सरकार 3.75 लाख रुपए देगी.

कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) बनाई गई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है , ग्राम स्तर पर मिनी मृदा परिक्षण प्रयोगशाला (Soil Test Laboratory) की स्थापना कर सकते हैं.

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  • Last Updated: December 19, 2019, 2:36 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) ने ग्रामीण युवाओं (Rural Jobs in India) को रोजगार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इसके लिए कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) बनाई गई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है , ग्राम स्तर पर मिनी मृदा परिक्षण प्रयोगशाला (Soil Test Laboratory) की स्थापना कर सकते हैं. प्रयोगशाला को स्थापित करने में 5 लाख रुपए का खर्च आता है , जिसका 75 फीसदी यानी 3 .75 लाख रुपए सरकार देगी.

मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना- कृषि मंत्री के मुताबिक यदि स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठन इस प्रयोगशाला को स्थापित करता है तो उनको भी यह सहायता मिलेगी. सरकार द्वारा मिट्टी नमूना लेने, परिक्षण करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए 300 प्रति नमूना प्रदान किया जा रहा है.मंत्री ने बताया कि लैब बनाने के इच्छुक युवा किसान या अन्य संगठन जिले के उपनिदेशक ( कृषि ) , संयुक्त निदेशक (कृषि) या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं.

ऐसे करें शुरू- मिटटी जांच प्रयोगशाला को दो तरीके से स्टार्ट किया जा सकता है पहले तरीके में प्रयोगशाला एक दुकान किराये पर लेकर खोली जा सकती है. इसके अलावा दूसरी प्रयोगशाला ऐसी होती है जिसे इधर उधर ले जाया जा सकता है इसे अंग्रेजी में MOBILE SOIL TESTING VAN कहते हैं.



(1) पहले तरीके में कारोबारी ऐसी मिटटी को जांचेगा जो उसकी प्रयोगशाला में किसी के द्वारा भेजी या लायी जाएगी और उसके बाद उसकी रिपोर्ट ईमेल या प्रिंट आउट लेकर ग्राहक को भेज दी जाएगी. हालांकि पहले की तुलना में दूसरा विकल्प काफी फायदेमंद हो सकता है इसलिए जहां तक इसमें निवेश का भी सवाल है वह पहले विकल्प की तुलना में अधिक ही है .

(2) मिटटी जांच प्रयोगशाला में सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की जा सकती है. इस बिज़नेस को कोराबारी छोटे से स्तर से शुरू कर सकता है और जब उसे पूरा आत्मविश्वास हो जाय तो इस बिज़नेस को उसी आधार पर बढ़ा भी सकता है.

(3) कृषि के अलावा कारोबारी खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योगों को भी टारगेट कर सकता है. जो कंपनियां बीज, जैव ईधन, उर्वरक, कृषि मशीनरी इत्यादि का मैन्युफैक्चरिंग करते हैं ऐसी कंपनियों को भी बाद में कारोबारी द्वारा सर्विस दी जा सकती है.यह भी पढ़ें:

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First published: December 14, 2019, 1:13 PM IST
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