आपकी पुरानी कंपनी बंद हो गई तो पीएफ का पैसा निकालने का जानिए आसान तरीका

कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के मकसद से उनकी नौकरी के दौरान सैलरी का कुछ हिस्सा प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ के तौर पर जमा होता है

कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के मकसद से उनकी नौकरी के दौरान सैलरी का कुछ हिस्सा प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ के तौर पर जमा होता है

कंपनी के बंद होने या पुराने पीएफ खाते (PF Account) को ट्रांसफर न कराने पर यह निष्क्रिय हो जाता है. इस पर मिलने वाला ब्याज बंद हो जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 12:59 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार का इम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑगेनाइजेशन (EPFO) कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के मकसद से उनकी नौकरी के दौरान सैलरी का कुछ हिस्सा प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ (PF Account) के तौर पर जमा करता है. नौकरी के बदलने या फिर कंपनी के बंद हो जाने पर यह अटक सकता है.

Employee Provident Fund Organization (ईपीएफओ) ने ऐसी स्थिति से निपटने किे लिए पीएफ अकाउंट को ट्रांसफर कराने या फिर अकाउंट को बंद कर पैसा निकालने की सुविधा दी हुई है. कई बार पुराने खाते को ट्रांसफर न कराने और इसमें काफी दिनों तक ट्रांजैक्शन न होने से ये अकाउंट बंद हो जाते हैं. लॉकडाउन के दौरान कई लोगों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा. अचानक कंपनियों के बंद हो जाने से उनका पीएफ का पैसा फंस गया. साथ ही इसमें मिलने वाला ब्याज भी मिलना बंद हो जाता है. लिहाजा इन आसान प्रोसेस को अपनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैं.

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सबसे पहले बैंक केवाईसी कराएं अपडेट
अगर आपकी पुरानी कंपनी बंद हो गई है और आपका पीएफ अकाउंट डिएक्टिवेट हो गा है तो पीएफ का पैसा निकालने के लिए आप बैंक की मदद ले सकते हैं. इसके लिए आपकी KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद क्लेम को बैंक की ओर से KYC दस्तावेजों के आधार पर वैरिफाई किया जाएगा. ईपीएफओ के मुताबिक, निष्क्रिय खातों से जुड़े क्लेम को पाने के लिए केवाईसी का सटिफाई होना जरूरी है. इसलिए केवाईसी के लिए आपको अपना पैन कार्ड, वोटर आइडेंटिटी कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, ईएसआई आइडेंटिटी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एवं आधार कार्ड आदि की फोटोकॉपी एवं ओरिजनल दिखाने होंगे.

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प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर से विथड्रॉल या ट्रांसफर की मंजूरी जरूरी



पीएफ का पैसा असिस्टेंट प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर या दूसरे अधिकारी से विथड्रॉल या ट्रांसफर की मंजूरी लेने के बाद ही मिल सकता है. इसलिए आपको ईपीएफओ अधिकारियों से संपर्क करना होगा. आपका क्लेम कितने साल पुराना है और किन कारणों से खाता एक्टिवेट नहीं हो पाया आदि चीजें वेरिफाई करने एवं दस्तावेज देखने के बाद अधिकारी इसे मंजूरी दे देंगे. इसके बाद कुछ ही दिनों में आपका पैसा बैंक खाते में आ जाएगा.

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तीन साल तक ट्रांजेक्शन न हुआ है तो बंद हो जाता है खाता

पीएफ अकाउंट में 36 महीनों तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है तो अकाउंट डिएक्टिवेट हो जाता है. ईपीएफओ ऐसे खातों को इनऑपरेटिव कैटेगरी में डाल देता है. ऐसा होने पर आप इसमें कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे. साथ ही अगर ऐसे पीएफ अकाउंट को सात साल तक कोई क्लेम नहीं करता तो फंड सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड में डाल दिया जाता है. हालांकि आप अकाउंट को दोबारा एक्टिव करा सकते हैं. इसके लिए आपको ईपीएफओ में एप्लीकेशन देनी होगी.
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