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Tax Saving Tips: जरा सी चूक से खत्‍म हो सकती है इनकम टैक्‍स की छूट, पूरा लाभ उठाने के लिए बरतें ये सावधानी

80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये की टैक्‍स छूट दी जाती है.

80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये की टैक्‍स छूट दी जाती है.

नौकरीपेशा व्‍यक्ति टैक्‍स छूट की गणना करते समय सबसे ज्‍यादा विकल्‍प आयकर की धारा 80सी के तहत आजमाता है. अमूमन हम यह सोच ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

हर करदाता को 80सी के तहत आने वाले इनकम टैक्‍स के इन राइडर्स की जानकारी होनी चाहिए.
कोई करदाता इन छूट का लाभ तभी उठा सकता है, जब वह सभी नियमों और शर्तों को पूरा करेगा.
बीमा का प्रीमियम भरना बंद कर दिया तो आपको टैक्‍स छूट का लाभ भी नहीं मिलेगा.

नई दिल्‍ली. नौकरीपेशा लोगों के लिए इस समय कंपनी की ओर से निवेश प्रूफ मांगा जा रहा है, ताकि चालू वित्‍तवर्ष 2022-23 में उनकी टैक्‍स कटौती का कैलकुलेशन किया जा सके. कर्मचारी भी अपना टैक्‍स बचाने के लिए तरह-तरह के निवेश विकल्‍पों का इस्‍तेमाल कर रहे हैं. इनमें आयकर की धारा 80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की टैक्‍स छूट सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय है.

लेकिन, अगर आप यह सोच रहे कि 80सी के तहत पैसे निवेश कर आप निश्चिंत हो जाएंगे और टैक्‍स कटौती से बच जाएंगे तो यह खबर आपके लिए ही है. आपको यह जानकारी होना भी जरूरी है कि कुछ गलतियों या चूक की वजह से विभाग आपकी टैक्‍स छूट खत्‍म कर सकता है. हर करदाता को 80सी के तहत आने वाले इनकम टैक्‍स के इन राइडर्स की जानकारी होनी चाहिए.

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डिडक्‍शन के साथ जुड़ी होती है कंडीशन
आयकर विभाग की ओर से टैक्‍स छूट कुछ कंडीशन के साथ दी जाती है. कोई करदाता इन छूट का लाभ तभी उठा सकता है, जब वह सभी नियमों और शर्तों को पूरा करेगा. अगर करदाता इन तय कंडीशंस को पूरा करने में नाकाम रहता है तो उसके द्वारा क्‍लेम किया गया टैक्‍स छूट का पूरा पैसा अगले वित्‍तवर्ष में उसकी इनकम में जुड़ जाता है.

किस तरह की टैक्‍स छूट
अगर किसी निवेश में से मेच्‍योरिटी से पहले राशि निकाल ली जाती है या टैक्‍स छूट से बाहर किए किसी खर्च पर क्‍लेम लिया है अथवा इन्‍वेस्‍टमेंट को तय कंडीशन से बाहर जाकर ट्रांसफर करने पर ली गई टैक्‍स छूट विभाग वापस ले सकता है. लिहाजा अगर आपको यह लगता है कि आपके द्वारा किया गया निवेश अब मुनाफे का नहीं रहा और उससे पैसे निकाल लिए अथवा बीमा का प्रीमियम भरना बंद कर दिया तो आपको टैक्‍स छूट का लाभ भी नहीं मिलेगा.

बीमा पॉलिसी में सबसे ज्‍यादा नुकसान
अगर आपने लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीदी है और उसके प्रीमियम पर सालाना टैक्‍स छूट का दावा करते हैं तो इसके प्रीमियम का भुगतान रोकना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. सबसे पहले तो आपको बीमा का लाभ नहीं मिलेगा और दूसरा अगर आपने दो साल के भीतर ही प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर दिया तो 80सी के तहत ली गई टैक्‍स छूट भी खत्‍म हो जाएगी और आपको ज्‍यादा टैक्‍स का भुगतान करना पड़ेगा. यूलिप के मामले में यह अवधि पांच साल की होती है. यानी पांच साल के भीतर आपने यूलिप का प्रीमियम जमा करने में चूक की तो टैक्‍स बेनिफिट वापस ले ली जाएगी.

पेंशन प्‍लान भी देगा झटका
अगर किसी ने पेंशन प्‍लान खरीदा और उसके प्रीमियम भुगतान पर 80सी में टैक्‍स छूट ली है तो उसे दो साल के भीतर अपने प्रीमियम भुगतान को नहीं रोकना चाहिए. ऐसा करने पर ली गई टैक्‍स छूट खत्‍म हो जाएगी. सरकारी कर्मचारियों के मामले में यह अवधि तीन साल है. यानी सरकारी कर्मचारी अगर तीन साल के भीतर पेंशन प्‍लान का प्रीमियम जमा करने में चूक करता है तो उस पर ली गई टैक्‍स छूट खत्‍म हो जाएगी.

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होम लोन पर दोहरी मार
अगर किसी करदाता ने होम लोन लिया है और उसके मूलधन पर 80सी के तहत टैक्‍स छूट ले रहा है तो इसे बरकरार रखने के लिए वह मकान को पांच साल तक नहीं बेच सकता है. अगर किसी ने होम लोन लेकर मकान को पांच साल के भीतर बेच दिया तो न सिर्फ उसकी टैक्‍स छूट खत्‍म हो जाएगी, बल्कि उसे कैपिटल गेन टैक्‍स भी चुकाना पड़ेगा.

इतना ही नहीं अगर आपके द्वारा ली जा रही टैक्‍स छूट खत्‍म होती है और उस पर पहले ली गई छूट की राशि आपकी आमदनी में जुड़ जाती है तो इससे आप नए टैक्‍स ब्रेकेट में भी पहुंच जाएंगे. यहां संभव है कि आपके ऊपर लगने वाली ब्‍याज दर और ज्‍यादा होगी. जैसे कोई व्‍यक्ति अगर 4.50 लाख रुपये की आमदनी में आता है तो उस पर 5 फीसदी का टैक्‍स ब्रेकेट लागू होगा, लेकिन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम उसकी आमदनी में जुड़ गया, जो कि 50 हजार रुपये से ज्‍यादा है तो अब वह व्‍यक्ति 5 लाख की आमदनी में आ जाएगा और उसका टैक्‍स ब्रेकेट 20 फीसदी का हो जाएगा.

Tags: Business news in hindi, Income tax, Investment tips, Tax planning, Tax saving

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