मुंबई के डिब्बेवालों की सहायता के लिए आगे आई ICICI Lombard, दी नई साइकिलें

फाइल फोटो
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सामान्य बीमा क्षेत्र में प्रतिष्ठित कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (ICICI Lombard) मुंबई के डिब्बेवालों (Dabbawala) की सहायता के लिए आगे आई है. कंपनी ने डिब्बेवालों को नई साइकिलें और हेलमेट प्रदान किए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 10:01 PM IST
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मुंबई. चाहे गर्मी हो, सर्दी हो या भारी बारिश, सफेद शर्ट, पजामा और गांधी टोपी पहने और मुंबई की लाइफ लाइन के रूप में जाने जाने वाले ये लोग हर दिन दो लाख 60 हजार मुंबईकरों (Mumbaikar) को दोपहर का उनके घर में पकाया भोजन पहुंचाने में मदद करने के लिए निरंतर दौड़ते हैं. पूरी दुनिया में मुंबई के डिब्बेवाले (Dabbawala) के रूप में जानेवाले ये लोग घर से दफ्तर और पुनः घर भागदौड़ करके मुंबईकरों को भोजन के डिब्बे आसानी से वितरित करते हैं. अब ये डिब्बेवाले अपने जीवन के दैनिक चक्र को फिर से शुरू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन जिस साइकिल पर सवार होकर वे डिब्बे पहुंचाते थे, वही साइकिल लॉकडाउन के दौरान कई महीनों तक बिना इस्तेमाल के वजह से एक ही जगह पर खड़ी रहने से एक तो वो उपयोग से बाहर हैं या मरम्मत की सख्त जरूरत है.

डिब्बेवालों को नई साइकिलें और हेलमेट
सामान्य बीमा क्षेत्र में प्रतिष्ठित कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (ICICI Lombard) मुंबई के डिब्बेवालों की सहायता के लिए आगे आई है. कंपनी ने डिब्बेवालों को नई साइकिलें और हेलमेट प्रदान किए हैं. इसके अलावा, इस पहल के तहत कुछ साइकिलों की मरम्मत की गई है. सड़क यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, कंपनी ने डिब्बेवालों को हेलमेट वितरित किए हैं ताकि वे भीड़भाड़ में भी मुंबई की सड़कों पर सुरक्षित रूप से साइकिल चला सकें. ये प्रयास कोरोना-19 महामारी के विभिन्न घटकों की मदद के लिए कंपनी के #RestartRite अभियान के अनुरूप हैं.

इस अवसर पर, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के विशेष निदेशक संजीव मंत्री ने कहा, ''कंपनी लगातार जरूरत के समय अपने हितधारकों की मदद के लिए प्रयास कर रही है. मुंबई के डिब्बेवाले 1890 से इस व्यवसाय में काम कर रहे हैं. दो लाख 60 हजार मुंबईकरों को हरदिन उनके लंच बॉक्स बिलकुल समय पर वितरित करते हैं. हमें डिब्बेवालों को मदद करने का अवसर देने के लिए हम मुंबई डिब्बेवाला एसोसिएशन को धन्यवाद देते हैं. एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम मदद करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है. हम विभिन्न हितधारकों को अपने दिन-प्रतिदिन के जिंदगी को पुनः ठीक से शुरू करने में मदद कर रहे हैं.
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने कंपनी के इस बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए और अन्य हितधारकों को मदद के लिए एक डिजिटल फिल्म भी बनाई है. दिल को छुनेवाली फिल्म एक डिब्बेवाले के दृश्य के साथ शुरू होती है जो लॉकडाउन फिर से बढ़ने की खबर सुनते-सुनते अपने घर की खिड़की से बाहर देखता है निराशा की स्थिति में घर से बाहर निकलते हुए, वह अपनी साइकिल को देखता है, जो बहुत चुपचाप खडी है. इसके बिना इस्तेमाल के कारण जंग धीरे-धीरे इस पर बढ़ रही है. जैसे-जैसे फिल्म धीरे-धीरे आगे बढ़ती है, फिल्म के नायक को डिब्बे के काम को फिर से शुरू करने के लिए एक फोन कॉल प्राप्त होता है. आशा की यह नई किरण उसे साइकिल की स्थिति की जांच करने के लिए आगे बढ़ने का कारण बनाती है और साइकिल के चेन को तेल लगाते समय यह अटक जाती है और टूट जाती है । परिणामस्वरूप, उसके चेहरे पर फिर से निराशा का एक रूप दिखाई देता है. लेकिन अगली सुबह वह साइकिल की घंटी की आवाज से जागता है, और जैसे ही वह घर से बाहर झांकता है. वह अपने सहयोगी को एक नई शुरुआत के लिए बुलाते हुऐ देखता है. वह अपनी बेटी को एक नई साइकिल के साथ देखते बहुत खुश होता है.



डिब्बेवालों पर यह डिजिटल वीडियो ओगिल्वी (Ogilvy) द्वारा बनाया गया था. ओगिल्वी के कार्यकारी क्रिएटिव डायरेक्टर तलहा बिन मोहसिन और महेश परब ने इस अवसर पर कहा, ''हम सभी लॉकडाउन के बाद अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन मुंबई के डिब्बेवालों के लिए यह सफर आसान नहीं था. महीनों तक वह अपनी सेवा से दूर रहा, लेकिन लॉकडाऊन के प्रतिबंध हटने के बाद भी जंग लगी साइकिलों ने उसकी सेवा को फिर से शुरू करना मुश्किल बना दिया. इस पहल के माध्यम से, हम उन हजारों डिब्बेवालों की आजीविका फिर से शुरू करने के लिए प्रयासरत हैं, जो घर का बना स्वस्थ भोजन मुंबई मे वितरित करते हैं.''
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