भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को लगेगा झटका! ICRA ने कहा-जीडीपी में होगी 11 फीसदी तक की गिरावट

घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA ने भी वित्‍त वर्ष 2020-21 के लिए देश की अर्थव्‍यवस्‍था में बड़ी गिरावट का अनुमान लगाया है.
घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA ने भी वित्‍त वर्ष 2020-21 के लिए देश की अर्थव्‍यवस्‍था में बड़ी गिरावट का अनुमान लगाया है.

घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने भी देशके जीडीपी (GDP) अनुमानों को घटा दिया है. एजेंसी के मुताबिक, वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) में 11 फीसदी तक की गिरावट आएगी. इससे पहले इक्रा ने 9.5 फीसदी गिरावट का अनुमान जताया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 9:05 PM IST
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नई दिल्‍ली. घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने देश के जीडीपी अनुमानों (GDP Estimates) को घटा दिया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में 11 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की सकती है. एजेंसी ने इससे पहले जीडीपी में 9.5 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था. इक्रा ने अपने अनुमान में बदलाव करते हुए कहा कि देश में हर दिन सामने आने वाले कोविड-19 (COVID-19) के मरीजों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा है. ऐसे में देश की अर्थव्‍यवस्‍था के मुश्किल दौर से बहुत जल्‍द बाहर निकलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं.

तो चालू वित्‍त वर्ष में जीडीपी गिरने के अनुमान हो सकते हैं बहुत खराब
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) के आधिकारिक आंकड़े आने के बाद कुछ विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अर्थव्यवस्था में 14 फीसदी तक की गिरावट की बात कही है. पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसदी की गिरावट हुई है. इक्रा ने कहा कि छोटे व्यवसायों और अनौपचारिक क्षेत्र के आंकड़े आने के बाद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े नीचे की ओर संशोधित हुए तो वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जीडीपी गिरने के अनुमान बदतर हो सकते हैं.

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दूसरी तिमाही के लिए 12.4 फीसदी कमी का अनुमान रखा बरकरार


रेटिंग एजेंसी ने दूसरी तिमाही के लिए 12.4 फीसदी गिरावट के अनुमान को बनाए रखा है. इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि भारत में छह महीने से अधिक समय तक वैश्विक महामारी (Pandemic) जारी रहने के बाद अब इकोनॉमिक कंपोनेंट (Economic Component) संकट से सामंजस्य बैठा रहे हैं. इससे वैश्विक महामारी के बीच आर्थिक हालातों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. बड़े पैमाने पर कोविड-19 संक्रमण के साथ यह स्थिति हमारे पिछले अनुमानों के मुकाबले लंबे समय तक बनी रह सकती है. इक्रा ने तीसरी और चौथी तिमाहियों के लिए अपने अनुमानों को संशोधित किया है.

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तीसरी और चौथी तिमाहियों के लिए अनुमानों में किया है संशोधन
इक्रा ने तीसरी तिमाही के दौरान अर्थव्‍यवस्‍था में 5.4 फीसदी और चौथी तिमाहियों में 2.5 फीसदी ​की गिरावट का अंदेशा जताया है. रेटिंग एजेंसी का कहना है कि कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, होटल, कम्युनिकेशंस और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़ी सर्विसेस लंबे समय में रिकवर कर पाएंगी. नायर का कहना है कि ट्रैवल, टूरिज्म और रिक्रिएशन सेक्‍टर्स में सोशल डिस्टेंसिंग मुश्किल है. लिहाजा, इन सेक्‍टर्स में आर्थिक ग​तिविधियों को धीमा किया जाएगा. इसके अलावा आर्थिक अनिश्चितता और स्वास्थ्य चिंताओं के कारण खपत व निवेश से जुड़े फैसले लंबे वक्त के लिए प्रभावित होंगे.
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