सावधान: अगर अब की मास्क और सेनिटाइजर की कालाबाजारी तो जाना होगा जेल, सरकार का फैसला

सावधान: अगर अब की मास्क और सेनिटाइजर की कालाबाजारी तो जाना होगा जेल, सरकार का फैसला
कांगड़ा में मास्क की कालाबाजारी. (प्रतीकात्मक फोटो)

देशभर में कोरोना वायरस (COVID-19) के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार अब तेजी से जरूरी कदम उठाने लगी है. कोरोना वायरस की वजह से बाजार में मास्क की मांग में तेजी आई थी. अब सरकार ने मास्क को 'Essential Commodity Act.' में डाल दिया है. इस कदम के बाद अब मास्क की होर्डिंग नहीं की जा सकेगी.

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  • Last Updated: March 14, 2020, 7:02 PM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) ने शुक्रवार को एन-95 मास्क (Mask) सहित सभी प्रकार के मास्क और सेनिटाइजर को अनिवार्य वस्तु की श्रेणी में लाने की घोषणा की है. यह कदम कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर लिया गया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Consumers Affairs Ministry) ने कहा है कि जून 2020 तक मास्क और सेनिटाइजर अनिवार्य वस्तु की श्रेणी में आने के बाद कालाबाजारी पर लगाम लगेगा. केंद्र सरकार का कहना है कि इसके पीछे मास्क और सेनिटाइजर वाजिब कीमत पर उपलब्ध कराना और जमाखोरी रोकना मुख्य मकसद है. अनिवार्य वस्तु की श्रेणी में आने के बाद मास्क और सेनिटाइजर का कोई भी आदमी जमाखोरी करता है या कालाबाजारी करता है तो पकड़े जाने पर उसको सात साल की सजा के साथ दंड भी भुगतने होंगे.

7 साल की सजा हो सकती है
बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस (COVID-19) के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार अब तेजी से जरूरी कदम उठाने लगी है. कोरोना वायरस की वजह से बाजार में मास्क की मांग में तेजी आई थी. अब सरकार ने मास्क को 'Essential Commodity Act.' में डाल दिया है. इस कदम के बाद अब मास्क की होर्डिंग नहीं की जा सकेगी. मास्क के साथ ही सेनिटाइजर को भी इस एक्ट में डाल दिया जाएगा. इन दोनों वस्तुओं के संबंध में राज्य सरकार भी अपने शासकीय आदेश जारी कर सकता है. राज्य सरकार भी आवश्यक वस्तु अधिनियिम के तहत स्वयं के आदेश जारी कर सकते हैं. साथ राज्य सरकार अपने यहां के परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई भी कर सकते हैं. केंद्र सरकार 1972 और 1978 के आदेशों के माध्यम से राज्यों को पहले से ही कार्रवाई के लिए अधिकृत कर रखा है.

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केंद्र सरकार अब तेजी से जरूरी कदम उठाने लगी है.

टोल-फ्री पर फोन कर शिकायत कर सकते हैं


मि​निस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स और पब्लिक डिस्ट्रीब्युशन ने इस बारे में जानकारी दी है. मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी में 2-ply and 3-ply surgical मास्क, N95 मास्क और सेनिटाइजर को इस एक्ट के तहत लाया गया है. हालांकि, ये दोनों आइटम इस लिस्ट में अस्थाई तौर पर ही डाला गया है. इसके बावजूद जून महीने तक अगर कोई भी शख्स इस कानून के चपेट में आएगा तो उसे सात साल की सजा हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति को उचित कीमतों पर ये दोनों वस्तु नहीं मिलते हैं तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 पर कॉल कर सकते हैं या इसकी शिकायत ऑन लाइन भी कर सकते हैं. विभाग की वेबसाइट www.consumerhelpline.gov.in, www.consumeraffairs.nic.in पर कर सकते हैं.

पिछले कई महीनों से कंज्यूमर ऑफेयर मंत्रालय ने एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में बदलाव का मसौदा तैयार कर रही थी. फिलहाल कोरोना को लेकर तो यह तात्कालीक फैसले लिए गए हैं, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में मंत्रालय इसमे बड़ा बदलाव कर सकती है. इसके लिए मंत्रालय ने कानून मंत्रालय से राय मांगी है. कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू किया जा सकता है.

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