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ई-वॉलेट में आपके साथ हुआ धोखा! तो ऐसे करें शिकायत, मिलेगा पूरा पैसा वापस

RBI ने डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को बड़ी ताकत दी है. अब ग्राहक प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI), ई-वॉलेट और अन्य पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर की शिकायत कर सकते हैं.

RBI ने डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को बड़ी ताकत दी है. अब ग्राहक प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI), ई-वॉलेट और अन्य पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर की शिकायत कर सकते हैं.

RBI ने डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को बड़ी ताकत दी है. अब ग्राहक प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI), ई-वॉलेट और अन्य पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर की शिकायत कर सकते हैं.

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    ई-वॉलेट से पेमेंट करना जितना आसान और फायदेमंद है, अब उतना ही टेंशन भरा भी होता जा रहा है. आजकल जालसाजी करने वाले नए-नए तरीकों से लोगों के खातों से पैसे निकाल रहे हैं. ऐसे में ग्राहक की सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब उसे समझ नहीं आता कि वो अब क्या करें. इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम ग्राहकों को एक बड़ा हथियार दिया है. अब ग्राहक प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI), ई-वॉलेट और अन्य पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर की शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें ओम्बड्समैन का दरवाजा खटखटाना होगा. देश के 19 शहरों में 21 स्थानों पर ओम्बड्समैन कार्यालय बनाए गए हैं.

    आइए जानें इसके बारे में..

    कैसे करें शिकायत- डिजिटल पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनी की ओर से अगर आपको कोई संतोषजनक हल नहीं मिले तो आप  ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं. जिस ओम्बड्समैन के क्षेत्राधिकार में सेवा प्रदाता का कार्यालय आता है, इसे वहीं दर्ज कराना चाहिए.ओम्बड्समैन कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराने से अच्छा है कि यह काम ऑनलाइन किया जाए.

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    >> आरबीआई की वेबसाइट पर ओम्बड्समैन कार्यालय की ईमेल आईडी की सूची उपलब्ध है. निजी ब्योरे साथ इसमें आपको पूरा मामला बताना होगा.

    >> इसके लिए आपको दस्तावेज देने होंगे. सभी दस्तावेजों और सबूतों का रिकॉर्ड बनाए रखना चाहिए. इससे आपको हर्जाना पाने में आसानी होती है.

    >> शिकायत के साथ अपने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें. फिर कम से कम 30 दिनों तक इंतजार करें.

    >>  संतोषजनक उत्तर न मिलने पर इसके एक साल के भीतर ओम्बड्समैन को लिखें.

    अगर फिर भी न हल को मामला तो क्या करें- अगर ग्राहक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर में से कोई ओम्बड्समैन के फैसले से हल नहीं हो तो ग्राहक RBI विभाग के प्रभारी डिप्टी गवर्नर से संपर्क कर सकता है.

    >> ओम्बड्समैन के आदेश के खिलाफ 30 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है. डिप्टी गवर्नर इस समय सीमा को और 30 दिन के लिए बढ़ा सकते हैं.

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    >>ऐसा तब किया जाता है अगर उन्‍हें लगता है क‍ि शिकायतकर्ता वास्तविक कारणों से समय सीमा के अंदर अपील नहीं कर पाया.

    >> अगर यहां भी बात नहीं बनती है तो उपभोक्ता अदालतों का दरवाजा खटखटाया जा सकता है.

    इन मामलों के लिए हो सकती हैं शिकायत- डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ शिकायत के कुछ कारण होने चाहिए.

    >> इनमें गैर-कानूनी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, बैंक खाते में पैसों को ट्रांसफर करने में विफलता, उचित समय के अंदर फंड लोड नहीं होना, ट्रांजेक्शन फेल होने पर आपके पैसों को रीफंड करने में विफलता इत्यादि शामिल हैं. (ये भी पढ़ें-ATM में पैसे फंसने पर बैंक रोज 100 रुपये देता है मुआवजा, जानिए क्या है पैसा पाने का प्रोसेस)

    कितना मिलेगा हर्जाना
    >> ग्राहक के समय, खर्च और मानसिक उत्पीड़न के बदले में 1 लाख रुपये के हर्जाने का प्रावधान है.

    >> डिजिटल पेमेंट ओम्बड्समैन सेवा प्रदाता से अधिकतम 20 लाख रुपये के हर्जाने का भुगतान करने को कह सकते हैं.

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