सरकार के इस कदम से देश में 70 फीसदी तक सस्ती हो जाएगी माल ढुलाई, जानें क्या है प्लान

70 फीसदी तक सस्ती हो जाएगी माल ढुलाई

70 फीसदी तक सस्ती हो जाएगी माल ढुलाई

केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Transport Ministry) देश में माल ढुलाई की लागत को सस्ता बनाने के लिए नए प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है. अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो माल ढुलाई करीब 70 फीसदी तक सस्ती हो जाएगी.

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  • Last Updated: April 1, 2021, 10:42 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Transport Ministry) देश में माल ढुलाई की लागत को सस्ता बनाने के लिए नए प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है. अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो माल ढुलाई करीब 70 फीसदी तक सस्ती हो जाएगी. यह प्रस्ताव ई-हाइवे का है प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) के बराबर से ही ई-हाइवे तैयार करने की योजना है. इस ई-हाइवे पर सिर्फ ट्रक और बस दौड़ेंगे यह हाइवे 13 सौ किमी लम्बा होगा. इसके अलावा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी (Jewar International Airport) से भी ई-हाइवे को जोड़ने की योजना है.

गौरतलब रहे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही है. बीते साल ही भारत स्टेज VI (BS VI) उत्सर्जन मानकों के वाहनों को चलाने की मंजूरी मिली है. साथ ही नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी भी लागू की गई है. जानकारों के मुताबिक ई-हाइवे पर ट्रक और बसों की स्पीड 120 किमी तक होगी.

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ट्रेन के इंजन जैसे होंगे ट्रक और बस
जानकारों के मुताबिक ई-हाइवे पर दौड़ने वाले ट्रक और बस ट्रेन के इंजन जैसे होंगे. ओवरहैड केबल की मदद से ट्रक और बस को करंट मिलेगा. इसके लिए रेलवे की तरह से ई-हाइवे पर बिजली के तार लगाए जाएंगे. बस और ट्रक पर लग एंटिना उस ओवर हैड केबल को छूएगा. करंट मिलते ही बस और ट्रक अधिकत्तम 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.

सरकार के इस कदम से प्रदूषण जैसी विकराल समस्या भी दूर होगी. इस योजना से पेट्रोल-डीजल पर भी निर्भरता कम होगी. खासतौर पर ई-हाइवे के लिए इस तरह की बस और ट्रक बनाने वाली कंपनी के मुताबिक देश के हाइवे पहले से ही इस तरह के हैं कि उन्हें ई-हाइवे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

जर्मनी के फ्रैंकपर्ट में ई-हाइवे पर दौड़ रही हैं बस और ट्रक



जानकरों की मानें तो जर्मनी के फ्रैंकपर्ट में साल 2019 से ई-हाइवे पर बस और ट्रक दौड़ रहे हैं. बस और ट्रक को चलाने के लिए 670 वोल्ट करंट का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी करंट की मदद से ट्रक और बस चलते हुए अपनी बैटरी को रीचार्ज करते हैं. इस तरह से परिवहन मंत्रालय दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर 13 सौ किमी लम्बा ई-हाइवे बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है.

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3 लाख से 20 करोड़ हो गई वाहनों की संख्या

देश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण से स्थिति बेहद खतरनाक होती जा रही है. पर्यावरण के बारे में स्टड़ी करने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एक रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक देश में पंजीकृत वाहनों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो चुकी है. साल 1951 में सिर्फ 3 लाख वाहन पंजीकृत थे. जबकि 2015 में वाहनों की संख्या 20.10 करोड़ पहुंच चुकी है.
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