अगर आप ग्रीन पटाखे खरीदने जा रहे हैं तो ऐसे करें असली-नकली की पहचान

दिल्‍ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने आज पटाखों के बाजार में छापेमारी की.
दिल्‍ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने आज पटाखों के बाजार में छापेमारी की.

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अधिकारियों के साथ आज पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने सदर बाज़ार में लगे ग्रीन पटाखों (Green Firecrackers) के बाज़ार में छापेमारी की. इस दौरान उन्‍होंने खरीदारी कर रहे लोगों को असली ग्रीन पटाखों की पहचान करने का आसान तरीका बताया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 5:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. 10 से 12 दिन बाद धनतेरस पूजन के साथ दीवाली की आतिशबाजी (Firecrackers) शुरू हो जाएगी. इसके लिए दिल्ली-एनसीआर में पटाखा बाज़ार भी सज चुका है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद से दिल्ली में सिर्फ ग्रीन क्रेकर्स (Green Firecrackers) चलाने की ही अनुमति है. सबसे ज़्यादा पटाखे सदर बाज़ार और जामा मस्जिद इलाके में बिक रहे हैं. ध्यान रखें कि जो ग्रीन पटाखे आप खरीद रहे हैं वो असली हैं कि नहीं. इसके लिए असली ग्रीन पटाखों की खास पहचान का ख्‍याल रखें. बाज़ार में असली ग्रीन पटाखे बिक रहे हैं या नहीं यह पता करने के लिए आज दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने भी बाज़ार में छापेमारी की.

बाज़ार में मंत्री ने ग्राहकों के सामने बताई असली-नकली की पहचान
दिल्ली सरकार (Delhi Government) के तमाम अधिकारियों के साथ आज पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सदर बाज़ार में लगे ग्रीन पटाखों के बाज़ार में छापेमारी की. इस दौरान गोपाल राय ने ग्राहकों के सामने ही ग्रीन पटाखों की असली पहचान बताते हुए कहा कि जब भी आप ग्रीन पटाखे खरीदें तो ये ज़रूर देख लें कि होलोग्राम के जैसा एक स्टीकर लगा हो. अगर यह स्टीकर पटाखे के ऊपर नहीं है तो समझ लें कि यह नकली है.

ये भी पढ़ें- चीन भारत में भेज रहा खतरनाक पटाखे-लाइट्स, फैलाएंगे अस्‍थमा-नेत्र रोग, जानें पूरा सच
पटरी से उतरा हुआ है दिल्ली-एनसीआर का पटाखा बाज़ार


दिल्ली में थोक पटाखा कारोबारी ओपी वर्मा का कहना है कि साहब जब से ग्रीन पटाखे अनिवार्य हुए हैं तब से तो हमारा कारोबार पटरी से ही उतर चुका है. अगर दिल्ली-एनसीआर में साल 2019 की बात करें तो इसलिए ग्रीन पटाखा कम था कि नया आदेश आया था और ग्रीन पटाखा बनाने वाली फैक्ट्रियां बहुत ही कम थीं क्योंकि लाइसेंस ही नहीं मिले थे. साल 2020 में करीब 93 फैक्ट्रियों के पास ग्रीन पटाखा बनाने का लाइसेंस है, लेकिन लॉकडाउन के चलते लेबर और मैटेरियल नहीं मिला तो इस साल माल तैयार नहीं हो पाया. ग्रीन पटाखों से पहले सामान्य पटाखों का बाज़ार करीब 2 हज़ार करोड़ रुपये का था. जब ग्रीन पटाखे का आदेश आया तब से कारोबार का आंकड़ा 200 करोड़ रुपये को भी नहीं छू पाया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज