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अब Zomato और Swiggy को अब देना होगा 5% टैक्स, जानिए अब आप पर कितना पड़ेगा असर?

Zomato और Swiggy जैसे ऑनलाइन ऐप-आधारित फूड डिलिवरी प्लेटफार्मों को अब 5 प्रतिशत GST देना होगा.

Zomato और Swiggy जैसे ऑनलाइन ऐप-आधारित फूड डिलिवरी प्लेटफार्मों को अब 5 प्रतिशत GST देना होगा.

Zomato और Swiggy जैसे ऑनलाइन ऐप-आधारित फूड डिलिवरी प्लेटफार्मों को अब 5 प्रतिशत GST देना होगा. इस खबर के आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स परेशान नजर आ रहे हैं उन्हें डर है कि अब बाहर से खाना मंगवाना महंगा पड़ेगा..

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे ऑनलाइन ऐप-आधारित फूड डिलिवरी प्लेटफार्मों (Food delivery App) को अब 5 प्रतिशत GST देना होगा. जीएसटी परिषद (GST Council meeting) की 45वीं बैठक में फूड-डिलिवरी कंपनियों को टैक्स के दायरे में लाने का फैसला किया. बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM nirmala sitharaman) ने कहा कि इन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म को उनके जरिए दी जाने वाले रेस्टोरेंट सर्विस पर जीएसटी देना होगा.
    इस टैक्स को ऑर्डर की डिलीवरी के स्थान पर वसूला जाएगा. वहीं, कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक्स और जूस पर 28 फीसदी +12 फीसदी जीएसटी लगेगा. ये फैसले 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे.

    ग्राहक हुए परेशान
    इस खबर के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस फैसले से परेशान नजर आएं.. ग्राहकों को इस बात का डर है कि उन्हें नए जीएसटी नियम के तहत डिलिवरी के लिए अधिक भुगतान करना होगा. हालांकि, जल्द ही यह स्पष्ट कर दिया गया कि इस कदम का अंतिम उपभोक्ताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है. हालांकि, लेकिन कई आइटम के टैक्स रेट में बढ़ोतरी की गई है.

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    ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर
    जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने कहा कि कोई नया टैक्स नहीं लगा है. बस टैक्स वसूलने की जगह को एक जगह से ट्रांसफर करके दूसरे जगह पर किया गया है. ग्राहकों से अतिरिक्त टैक्स नहीं वसूला जाएगा और न ही किसी नए टैक्स की घोषणा की गई है. पहले कर रेस्तरां द्वारा देय था, अब रेस्तरां के बजाय कर एग्रीगेटर द्वारा देय होगा.
    उन्होंने कहा, “मान लिजिए कि आपने किसी ऐप से खाना मंगाया. अभी इस ऑर्डर पर रेस्टोरेंट आपसे पैसे लेकर टैक्स दे रहा है. लेकिन हमने पाया कि कई रेस्टोरेंट अथॉरिटी को टैक्स नहीं दे रहे थे. ऐसे में अब हमने ये किया है कि आपके खाना ऑर्डर करने फूड एग्रीगेटर ही कंज्यूमर से टैक्स लेकर अथॉरिटी को देगा, न कि रेस्टोरेंट. इस तरह कोई नया टैक्स नहीं लगा है.” वहीं, वित्त मंत्री ने कहा कि फूड डिलिवरी ऐप स्वैगी व जोमैटो से खाना मंगाने पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की कोई बात नहीं है. ये ऐप वही टैक्स वसूलेंगे जो रेस्टोरेंट कारोबार पर लगता है.

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    खाने-पीने के ये सामान होंगे महंगे
    खाने-पीने के सामान में कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक महंगा हुआ है. इस पर 28% का GST और उसके ऊपर 12% का कंपनसेशन सेस लगेगा. इससे पहले इस पर सिर्फ 28% का GST लग रहा था.
    इसके अलावा आइसक्रीम खाना महंगा हो जाएगा. इस पर 18% टैक्स लगेगा.
    मीठी सुपारी और कोटेड इलायची अब महंगी पड़ेगी. इस पर 5% GST लगता रहा था जो अब 18% हो गया है.

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