पत्नी, बेटी, बहन और मां के नाम पर घर खरीदेंगे तो मिलेंगे यह तीन फायदे, जाने सबकुछ

महिलाओं के लिए ब्याज दर अन्य लोगों के लिए रखे गए ब्याज दरों की अपेक्षा 0.5-5% तक कम होती है.

महिलाओं के लिए ब्याज दर अन्य लोगों के लिए रखे गए ब्याज दरों की अपेक्षा 0.5-5% तक कम होती है.

घर महिलाओं के नाम से खरीदा जाए होम लोन, टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी समेत कई छूटें मिलती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी (Covid-19) से पहले घर खरीदना कई लोगों के लिए एक लंबे वक्त के लिए आर्थिक लक्ष्य था लेकिन आज यह प्राथमिकता बन चुका है. हर पेशेवर जल्द से जल्द अपना खुद का घर खरीदने के बारे में सोच रहा है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महिला घर खरीदार (Woman Home Buyer) को प्रोत्साहन देने के लिए कई तरह की छूटें दी है.

न्यूज 18 से बातचीत में टाटा कैपिटल (Tata Capital) के वेल्थ मैनेजमेंट हेड (Head- Wealth Management) सौरभ बासु (Saurav Basu) ने बताया कि यदि घर का रजिस्ट्रेशन परिवार की किसी महिला के नाम पर किया जाता है तो एक महिला घर खरीदार होने होम लोन, स्टाम्प ड्यूटी (Exemption of stamp duty to women)आदि में रियायत मिलती है. बासू ने न्यूज 18 के पाठकों के लिए इन सभी तरह की छूटों को विस्तार से बताया है.

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महिला घर खरीदार होने पर यह मिलेंगे फायदें
1. अधिकतम हाउसिंग फाइनेंस इन्स्टिटूशन्स में कर्ज लेने वाली महिलाओं के लिए ब्याज दर अन्य लोगों के लिए रखे गए ब्याज दरों की अपेक्षा 0.5-5% तक कम होती है. कुछ हाउसिंग फाइनेंस इन्स्टिटूशन्स ने महिलाओं के लिए उनके उद्देश्य और आय स्तर के अनुसार विशेष (कस्टमाइज्ड) ऋण योजनाएं भी बनाई हैं. जब कर्ज की मूल राशि ज्यादा होती है तब 0.5-5% की छूट भी काफी मायने रखती है.

2. महिला के नाम पर या जॉइंट ओनरशिप में लोन लेने से परिवार की आय पर अतिरिक्त कर लाभ पाए जा सकते हैं. यदि पत्नी का आय स्रोत अलग है तो होम लोन किश्तों की अदायगी पर मिलने वाली कर छूट पति और पत्नी दोनों द्वारा पाई जा सकती है, इस तरह से कोई अतिरिक्त निवेश किए बिना दुगुने कर लाभ पाए जा सकते हैं.

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3. कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री की जाने वाली सम्पत्तियों के लिए स्टाम्प ड्यूटी के दर कम होती है. महिलाओं को बढ़ावा देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा यह सब्सिडी दी जाती है. जब कोई संपत्ति महिला के नाम पर पंजीकृत की जाती है तब घर खरीदारों को स्टाम्प ड्यूटी शुल्क में लक्षणीय मात्रा में छूट मिलती है. उदहारण के तौर पर भारत में कुछ उत्तरी राज्यों में महिलाओं और महिला-पुरुष के लिए पंजीकरण दर पुरुषों के लिए निर्देशित पंजीकरण दरों से करीबन 2-3% से कम हैं.

tata capital
Mr. Saurav Basu, Head- Wealth Management at Tata Capital


77 प्रतिशत घर खरीदार हैं महिलाएं

परिवार के नए घर को पुरुषों द्वारा ख़रीदा जाना और घर पुरुषों के नाम पर होना एक सामाजिक प्रथा रही है. लेकिन बदलते हुए दौर में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ने इस सामाजिक प्रथा को भी बदल दिया है. एनारॉक की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार देश भर में 77% घर खरीदार महिलाएं हैं और रियल एस्टेट खरीदने में करीबन 74% निर्णय योगदान महिलाओं का होता है.

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