कर्ज लिया है तो यह तीन छोटी गलतियां भूलकर भी न करें, हो सकता है बड़ा नुकसान

अपने फाइनेंस को सही तरीके से मैनेज न करने पर अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं

अपने फाइनेंस को सही तरीके से मैनेज न करने पर अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं

ईएमआई में एक दिन देर होने की वजह से आप पर लेट फीस के साथ-साथ तमाम चार्ज लग सकते हैं.

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नई दिल्ली. चाहे घर खरीदना हो या कार. या फिर, मोबाइल, टीवी, फ्रिज जैसे कंज्यूमर सामान. आसान कर्ज की वजह से हम कई सारे लोन ले लेते हैं. यही वजह है कि कर्ज लेना और भुगतान करना ऐसे काम हैं, जो लगभग हर कोई ही करता है. जो सीधे बैंक से कर्ज नहीं ले रहा है वह या तो क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करता है या फिर कोई प्रोडक्ट ईएमआई पर खरीदता है.

बहुत से लोगों को आपने ये कहते सुना होगा कि उनका सारा वक्त बस पैसे कमाने के चक्कर में बीत रहा है, लेकिन पैसों की बचत नहीं हो पा रही है. इसकी एक बड़ी वजह ये होती है कि लोग अपने फाइनेंस को सही से मैनेज नहीं करते. उदाहरण के लिए वह अपने क्रेडिट कार्ड का बिल ही एक दिन देरी से देते हैं, जिससे उन्हें कुछ अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ गलतियों के बारे में, जिनसे आपको धीरे-धीरे होता रहता है बड़ा नुकसान.

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30 दिन देरी से क्रेडिट स्कोर 100 प्वाइंट तक कम हो सकता है
कुछ लोग अक्सर ही अपने क्रेडिट कार्ड का भुगतान या ईएमआई आखिरी तारीख तक करने में लापरवाही करते हैं. अगर आप 1-2 दिन देर से भुगतान करते हैं तो इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. 1 दिन देर होने की वजह से आप पर लेट फीस के साथ-साथ तमाम चार्ज लग सकते हैं. बैंक या अन्य वित्तीय संस्थाएं तब तक इसे डिफॉल्ट की तरह ट्रीट नहीं करती हैं, जब तक आप 30 दिन की देरी से भुगतान ना करें. 30 दिन देरी से भुगतान का मतलब है कि आपका क्रेडिट स्कोर 100 प्वाइंट तक कम हो सकता है और करीब 7 सालों तक इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर रह सकता है. हालांकि, अच्छी लेन-देन से आपका ये स्कोर सुधर भी सकता है.

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कर्ज चुकाने के लिए रिटायरमेंट फंड का इस्तेमाल न करें

बहुत से लोग अपने कर्जों के चुकाने के लिए अपने रिटायरमेंट फंड का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते. अगर नौबत दिवालिया होने की आ जाती है तो भी लोग दिवालिया के लिए फाइल करने के बजाय रिटायरमेंट फंड निकाल कर उसे निपटाने की कोशिश करते हैं, जो बहुत ही गलत प्रैक्टिस है. अगर दिवालिया होने की नौबत आ भी जाती है तो भी रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रहता है, लेकिन अगर आप उसे अकाउंट से ही निकाल लेंगे तो वह सुरक्षित नहीं बचेगा.

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प्राइमरी बॉरोअर हैं तो आपको ही लोन के सारे पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.

अक्सर ही लोग अपने दोस्त या किसी रिश्तेदार के साथ मिलकर कोई लोन ले लेते हैं. भारत जैसे देश में रिश्ते बहुत अहमियत रखते हैं तो अगर कोई दोस्त-रिश्तेदार ऐसे लोन की बात करता है तो एक बार के लिए उसे मना करना मुश्किल होता है. हालांकि, आपको यह ध्यान में रखना होगा कि जिसके साथ मिलकर आप लोन ले रहे हैं वह लोन चुका पाएगा या नहीं. अगर लगे कि उसे अपना लोन चुकाने में परेशानी हो सकती है तो उसके साथ मिलकर लोन लेने से बचें, भले ही आपको कितने ही सच्चे-झूठे बहाने बनाने पड़ें. दरअसल, अगर आपका साथी लोन नहीं चुका पाता है और आप प्राइमरी बॉरोअर हैं तो आपको ही लोन के सारे पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.

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