सिर्फ इन पांच बुरी आदतों से बच जाएंगे तो इन्वेस्टमेंट करने में नहीं खाएंगे धोखे

यह समझने या जानने की कोशिश करें कि स्टॉक (Share)कब बेचना है. फिर, चाहे आप कंपनी में भावनात्मक रूप से कितने भी जुड़े हों

ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म ग्रो (Groww)के को-फाउंडर और सीओओ हर्ष जैन से जानिए शेयर मार्केट (share market)में निवेश करने के लिए निर्णय कैसे लें

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नई दिल्ली. शेयर मार्केट(share market), म्युच्युल फंड या सोने आदि में निवेश कर हम सभी मोटा मुनाफा कमाना चाहते हैं. लेकिन कई बार निवेश से फायदे की बजाय नुकसान हो जाता है. इससे बचा जा सकता है, बशर्ते कि हम निवेश से पहले यह समझें कि सही निर्णय लिया जाए?
न्यूज 18 के पाठकों के लिए ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म ग्रो (Groww)के को-फाउंडर और सीओओ हर्ष जैन बता रहे हैं ऐसी सामान्य पांच बुरी आदतें, जिनकी वजह से शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने पर नुकसान हो सकता है. उनके मुताबिक व्यवहार संबंधी पूर्वाग्रह (behavioral bias) निवेश का एक ऐसा पहलू है जो हमारे बहुत सारे निर्णयों को नियंत्रित करता है. व्यवहार संबंधी पूर्वाग्रह में हम कई बार ऐसी धारणाएं मन में बना लेते हैं जो कि अक्सर तर्कहीन होती हैं. इससे अनजाने में ही हमारे डिसीजन प्रभावित हो जाते हैं.
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एक स्टॉक या एक ट्रेंड पर अधिक ध्यान केंद्रित न करें
यह निवेशकों में पाया जाने वाला सबसे आम प्रकार का पूर्वाग्रह है. आमतौर पर वे जो कुछ समय से शेयर मार्केट में निवेश कर सफलता का स्वाद चख चुके हैं. अति-आत्मविश्वास दो रूपों में होता है- अपने द्वारा लिए गए निर्णय पर अति-आत्मविश्वास और उन्हें प्राप्त जानकारी पर अति-आत्मविश्वास. पहली परिस्थिति में निवेशक अक्सर जोखिम भरा दांव लगाते हैं और एक स्टॉक या एक ही तरह के ट्रेंड पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं. अक्सर एक ही विचार में बहुत अधिक या बहुत कम ट्रेडिंग करते हैं. बाद की परिस्थिति में निवेशक किसी भी निवेश योजना के संबंध में प्राप्त जानकारी पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेता है, जो काफी आकर्षक लगती है.
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अपनी क्षमता के बारे में बहुत आश्वस्त होना
कई निवेशक पिछली सफलताओं के चलते भविष्य में बाजारे के रुख को भांपने की क्षमता के बारे में बहुत आश्वस्त हो जाते हैं. इसके चलते वे जोखिम का आकलन और प्रबंधन करने में असमर्थ हो सकते हैं. कुछ निवेशक ऐसा मानने लगते हैं कि केवल कुछ शेयरों या प्रतिभूतियों के पक्ष में पर्याप्त विविधता नहीं लाना चाहिए. इसके पीछे की वजह यह है कि पूर्व में उन्हें अच्छे परिणाम मिले थे. इसी वजह से, ऐसे निवेशकों के पास बाहरी संकेतों का अभाव हो जाता है जो कि उनसे स्टॉक से बाहर निकलने का इशारे करते हैं.
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जानने की कोशिश करें कि स्टॉक कब बेचना है?
अपने निवेश के लिए भावनात्मक दृष्टिकोण (Emotional Attitude) के बजाय अधिक उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण (Objective Approach) अपनाएं. अफवाहों के बजाय डेटा पर अधिक भरोसा करें और सुनिश्चित करें कि आप जो भी निवेश कर रहे हैं, वह आपके वित्तीय लक्ष्यों के साथ सही अलाइनमेंट में है. अपने जोखिम को कम करने के लिए विविधता लाएं. यह समझने या जानने की कोशिश करें कि स्टॉक कब बेचना है. फिर, चाहे आप कंपनी में भावनात्मक रूप से कितने भी जुड़े हों. स्पष्ट रूप से जब भी कोई अलर्ट हों, जिसमें कि बुनियादी बातों में बदलाव या लगातार खराब प्रदर्शन आदि शामिल हैं, उन पर ध्यान देें. पृष्ठभूमि की जांच करके विश्वसनीय निवेश पर ध्यान दें. सीखते रहें और बौद्धिक रूप से विनम्र रहें.
पूर्वाग्रह पर पकड़ बनाने से घातक हो जाता है आपका निवेश
अक्सर निवेशक एक ही पूर्वाग्रह को पकड़ कर बैठ जाते है आईए इसे समझते हैं. आपके साथ ऐसा कितनी बार हुआ है कि आप किसी विशेष निवेश में गहराई से विश्वास करते हैं और परिणाम इतने अच्छे न होने पर भी उस पर टिके रहते हैं? भले ही इस निवेश ने आपके पूरे पोर्टफोलियो को नीचे लाने के अलावा कुछ नहीं किया है. फिर भी, आपको विश्वास था कि यह ठीक हो जाएगा और आपके पास जितना होना चाहिए था, उससे अधिक समय तक इसे बनाए रखें. खराब निवेश को छोड़ने का मन नहीं करता है तो इसे ही पूर्वाग्रह को पकड़ कर बैठ जाना है. ऐसे निवेशक को लगता है कि उसका यह निवेश थोड़े वक्ता फायदा देगा लेकिन यह बात जमीन सच्चाई से दूर होती है. यहां, निवेशक किसी विशेष निवेश के बारे में बहुत अधिक आश्वस्त है या बहुत करीब से जुड़ा हुआ है कि वह इससे होने वाले नुकसान को नहीं देख सकता है. या यहां तक कि अगर वे देख सकते हैं कि वे इसे अनदेखा कर देते हैं.
अपने लिए कुछ नियम और निर्देश तय कीजिए
आपको अपने लिए कुछ नियम और निर्देश निर्धारित करने चाहिए. यह नियम ऐसे होने चाहिए कि जिससे आप किसी निवेश का निष्पक्ष मूल्यांकन करने में सक्षम बनें. यही नहीं, किसी भी तरह से आप इसके प्रति पक्षपाती हैं तो आपको पता चल जाएगा कि इसे जाने देने का समय कब है. उदाहरण के लिए, आप एक निश्चित प्रतिशत तय कर सकते हैं जैसे कि 65% किसी निवेश को बनाए रखने का अंतिम बिंदु है. यदि वह स्टॉक अपने मूल्य 65% से अधिक खो देता है, तो आपको पता चल जाएगा कि अब इसे बेचने का समय आ गया है. साथ ही, इन नियमों के साथ न खेलें. वे आपके सभी निवेशों के लिए अपरिवर्तनीय होना चाहिए, भले ही उनमें से कोई कितना भी पसंदीदा क्यों न हो.

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