IFFCO का कमाल! अब किसानों के लिए एक बोरी यूरिया की जगह काफी होगी आधा लीटर नैनो यूरिया की बोतल, जानें कीमत

IFFCO ने किसानों की सहूलियत बढ़ाने और यूरिया खाद का इस्‍तेमाल घटाने के लिए नैनो यूरिया पेश की है.

IFFCO ने किसानों की सहूलियत बढ़ाने और यूरिया खाद का इस्‍तेमाल घटाने के लिए नैनो यूरिया पेश की है.

इफको (IDDCO) की 50वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में प्रतिनिधि महासभा के सदस्यों की मौजूदगी में इसका ऐलान करते हुए बताया गया कि नैनो यूरिया लिक्विड (Nano Urea Liquid) से फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी (Farmers' Income) बढ़ सकेगी.

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नई दिल्‍ली. इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) में बड़ा कमाल कर दिखाया है. दरअसल, इफको ने एक बोरी यूरिया (Urea Bag) को सिर्फ 500 मिली लीटर की बोतल में समेट दिया है. इफको ने किसानों के लिए दुनिया का पहला लिक्विड नैनो यूरिया (Liquid Nano Urea) पेश किया है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने किसानों से खेतों में यूरिया के कम से कम इस्‍तेमाल की अपील की थी. इसके बाद इफको के वैज्ञानिकों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया था और अब लिक्विड नैनो यूरिया पेश कर दिया है.

नैनो यूरिया से बढ़ेगी फसलों की पैदावार और किसानों की आमदनी

इफको की 50वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में प्रतिनिधि महासभा के सदस्यों की मौजूदगी में इसका ऐलान करते हुए बताया गया कि नैनो यूरिया से फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकेगी. अब एक बोरी यूरिया खाद की जगह आधे लीटर की नैनो यूरिया की बोतल किसानों के लिए काफी होगी. कलोल के नैनो जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र में नैनो यूरिया को स्वदेशी और प्रोपाइटरी तकनीक के जरिये तैयार किया गया है. इसके इस्‍तेमाल से फसल में पोषक तत्वों की गुणवत्ता में सुधार होता है. यही नहीं, नैनो यूरिया भूजल की गुणवत्ता सुधारने और जलवायु परिवर्तन पर अच्‍छा प्रभाव डालता है.

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लिक्विड के इस्‍तेमाल से फसल में हुई है औसतन 8 फीसदी बढ़ोतरी

नैनो यूरिया किसानों के लिए सस्ता पड़ेगा. इफको नैनो यूरिया लिक्विड की 500 मिली लीटर की एक बोतल सामान्य यूरिया के कम से कम एक बैग के बराबर होगी. इसका आकार भी छोटा होने के कारण इसे जेब में रखकर लाया जा सकता है. इससे यूरिया की बोरियां लाने में होने वाले खर्च की भी बचत होगी. राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (NARS) के तहत 20 आईसीएआर संस्थानों, राज्य कृषि विश्‍वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों में 43 फसलों पर किए गये बहु-स्थानीय व बहु-फसली परीक्षणों के आधार पर इफको नैनो यूरिया लिक्विड को उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO, 1985) में शामिल कर लिया गया है. इसके इस्‍तेमाल के नतीजे हासिल करने के लिए भारत में 94 से ज्‍यादा फसलों पर करीब 11,000 कृषि क्षेत्र परीक्षण (FFT) किए किए हैं. परीक्षण में पाया गया कि इसके इस्‍तेमाल से फसलों की उपज में औसतन 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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यूरिया की बोरी से 10 फीसदी सस्‍ती पड़ेगी नैनो यूरिया की बोतल

इफको नैनो यूरिया लिक्विड को सामान्य यूरिया के इस्‍तेमाल में 50 फीसदी तक कमी लाने के लिए बनाया गया है. इसकी एक बोतल में 40,000 पीपीएम नाइट्रोजन होता है, जो सामान्य यूरिया के एक बैग के बराबर नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्‍ध कराता है. नैनो यूरिया का उत्पादन जून 2021 तक शुरू होगा. इसके बाद जल्‍द से जल्‍द इसे बाजार में उतारा जाएगा. इफको ने किसानों के लिए नैनो यूरिया की एक बोतल की कीमत 240 रुपये तय की है, जो यूरिया की एक बोरी से 10 फीसदी सस्‍ती पड़ेगी. समिति ने इसके बारे में किसानों को पूरी जानकारी देने के लिए देशव्यापी प्रशिक्षण अभियान चलाने की योजना बनाई है. नैनो यूरिया इफको के ई-कॉमर्स प्लेटफार्म www.iffcobazar.in.के अलावा सहकारी बिक्री केंद्रों के जरिये किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा.

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