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इस रिपोर्ट ने​ फिर बढ़ाई सरकार की चिंता, पूरे साल दिख सकता है खराब GDP का असर

भाषा
Updated: December 8, 2019, 5:01 PM IST
इस रिपोर्ट ने​ फिर बढ़ाई सरकार की चिंता, पूरे साल दिख सकता है खराब GDP का असर
IHS Markit ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि खराब जीडीपी दर का असर पूरे वित्तीय वर्ष पर पड़ सकता है.

IHS Markit ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा चालू वित्त वर्ष में वास्तविक GDP वृद्धि दर पांच प्रतिशत से कम रहेगी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर तिमाही में GDP की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रहने का असर पूरे वित्त वर्ष की वास्तविक GDP वृद्धि दर पर पड़ सकता है.

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नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर (Economic Growth Rate) पांच प्रतिशत से कुछ नीचे रह सकती है. एक रिपोर्ट में यह आशंका व्यक्त की गयी है. आईएचएस मार्किट (IHS Markit) ने कहा कि सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को गति देने के लिये किये गये उपायों का असर दिखने में कुछ समय लग सकता है.

उसने कहा, "सरकारी बैंकों के बही खाते पर गैर-निष्पादित संपत्तियों (NPA) के बोझ का स्तर अधिक है, जिससे कर्ज देने की उनकी क्षमता प्रभावित हो रही है. वित्तीय क्षेत्र की कमजोरी का देश की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव दिखता रहेगा."

पिछली तिमाही में खराब रही थी जीडीपी दर
चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत के छह साल के निचले स्तर पर आ गई है. इससे पिछली तिमाही में वृद्धि दर पांच प्रतिशत रही थी जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह सात प्रतिशत थी.

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NBFC के चलते कॉमर्शियल बैंकों पर पड़ेगा असर
आईएचएस मार्किट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (Non Banking Financial Corporation) के कारण भी कुछ वाणिज्यिक बैंकों के बही खाते पर असर पड़ सकता है. यह ऋण के विस्तार पर और प्रतिकूल असर डालेगा.पूरे वित्तीय वर्ष पर पड़ेगा असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियों के ऊंचे स्तर की वजह से उनका नया कर्ज प्रभावित होगा. आईएचएस ने कहा, ‘‘सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रहने का असर पूरे वित्त वर्ष की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर पर पड़ सकता है और इसके पांच प्रतिशत से कुछ नीचे रहने की आशंका है.’’ उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने भी 2019-20 में देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है.

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First published: December 8, 2019, 5:01 PM IST
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