म्युचूअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर! IL&FS के डिफॉल्ट से घटेगा मुनाफा

म्युचूअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर! IL&FS के डिफॉल्ट से घटेगा मुनाफा
इस बड़ी कंपनी ने तीसरी बार नहीं चुकाया कर्ज़, इससे घटेगा म्युचूअल फंड निवेशकों का मुनाफा?

आईएलएंडएफएस (IL&FS) ने एक और कमर्शियल पेपर डिफॉल्ट कर दिया है. अब कंपनी अगले 6 महीने तक बाजार में कोई नया कमर्शियल पेपर नहीं ला सकती है.अगर आसान शब्दों में समझें तो कंपनी ने अपने बॉन्ड के कर्ज की किस्त नहीं चुकाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2018, 1:50 PM IST
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आईएलएंडएफएस (IL&FS) ने एक और कमर्शियल पेपर डिफॉल्ट कर दिया है. अब कंपनी अगले 6 महीने तक बाजार में  कोई नया कमर्शियल पेपर नहीं ला सकती है.अगर आसान शब्दों में समझें तो कंपनी ने अपने बॉन्ड के कर्ज की किस्त नहीं चुकाई है. कंपनी ने इस महीने में  तीसरी बार डिफॉल्ट किया है. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश बावा के साथ कई और बोर्ड मेंम्बर्स ने इस्तीफा दिया था. कंपनी पर फिलहाल 91,100 करोड़ रुपये का कर्ज है. रिजर्व बैंक ने कंपनी पर ऑडिट शुरू कर दिया है और ग्रुप को बाजार से नए कमर्शियल पेपर्स लेने पर भी रोक लगा दी है.(ये भी पढ़ें-UIDAI की चेतावनी! आपके पास है ये वाला Aadhaar कार्ड तो हो जाए सावधान)

निवेशकों पर होगा ये असर- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आईएलएंडएफएस के बॉन्ड डिफॉल्ट से डेट म्युचूअल फंड्स का मुनाफा घट जाएगा, क्योंकि बॉन्ड के प्राइस गिरने लगे है. इसीलिए निवेशकों के मुनाफे में भी कमी देखने को मिल सकती है. आपको बता दें कि आईएलएंडएफएस  के बॉन्ड्स में 25 म्युचूअल फंड्स स्कीम के 2700 करोड़ रुपये लगे है.(ये भी पढ़ें-VIDEO: आयुष्मान भारत योजना में इलाज के लिए जारी होगा ई-कार्ड, जानिए इसके बारे में सबकुछ)

डेट फंड्स क्या होते हैं-डेट फंड ऐसे म्युचुअल फंड हैं जो निवेशकों का पैसा डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाते हैं. डेट इंस्ट्रूमेंट्स से मतलब - कॉल मनी, बॉन्ड, डिबेंचर्स, सरकारी सिक्योरिटीज, डिपॉजिट सर्टिफिकेट और कॉमर्शियल पेपर हैं. अलग अलग फाइनेंशियल लक्ष्यों के मुताबिक अलग अलग डेट फंड होते हैं.(ये भी पढ़ें-750 रुपये में मिलेगा 15 लाख रुपये का बीमा, IRDAI बदला नियम)



डेट फंड कितनी तरह के होते हैं-डेट फंड  लिक्विड फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड, शॉर्ट टर्म फंड, गिल्ट फंड, इनकम फंड, क्रेडिट ऑप्युर्चनिटी फंड, मंथली इनकम प्लान और फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान होते है.
अब आगे क्या- सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, वित्त मंत्री अरुण जेटली आज आईएलएंडएफएस डिफॉल्ट के असर पर RBI डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य से चर्चा कर सकते हैं. आपको बता दें कि वित्त मंत्री आज सरकारी बैंक के साथ एनपीए (डूबे कर्ज़) और मर्जर पर बात करेंगे.

बढ़ते कर्ज से संकट गहराया-आईएलएंडएफएस ग्रुप पर करीब 91,100 करोड़ रुपये का कर्ज है.
कंपनी के बॉन्ड्स में देश के करीब सभी म्युचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियों और एनबीएफसी का पैसा लगा हुआ है. (ये भी पढ़ें-VIDEO: आयुष्मान भारत योजना में इलाज के लिए जारी होगा ई-कार्ड, जानिए इसके बारे में सबकुछ)

नहीं मिल रहे खरीदार-अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बाजार में आईएलएंडएफएस के बॉन्ड्स को खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक डीएचएफएल के बॉन्ड सस्ते में इसलिए बिके क्योंकि आईएलएंडएफएस के बॉन्डस को खरीदने वाला कोई नहीं मिला. (ये भी पढ़ें-750 रुपये में मिलेगा 15 लाख रुपये का बीमा, IRDAI बदला नियम)

 
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