दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही IL&FS ने चुकाई 44 फीसदी उधारी, कर्ज वसूली लक्ष्‍य को बढ़ाकर किया 61 हजार करोड़ रुपये

IL&FS ने 99 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा के अपने कर्ज का बड़ा हिस्‍सा चुका दिया है.

IL&FS ने 99 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा के अपने कर्ज का बड़ा हिस्‍सा चुका दिया है.

फाइनेंस कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) ने 43,000 करोड़ रुपये के कर्ज का निपटारा (Repay Debts) कर दिया है. साथ ही वित्‍त वर्ष 2021-22 के लिए कर्ज वसूली लक्ष्‍य (Debt Recovery Target) को 5000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 7:57 PM IST
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नई दिल्‍ली. दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही फाइनेंस कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) ने कहा कि उसने अपने कुल 99 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा के कर्ज में से 43,000 करोड़ का निपटारा (Debt Repayment) कर दिया है. साथ ही कर्ज वसूली लक्ष्‍य (Debt Recovery Target) में 5000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. दूसरे शब्‍दों में कहें तो वित्‍त वर्ष 2021-22 के लिए कंपनी का कर्ज वसूली लक्ष्‍य 56,000 करोड़ से बढ़कर 61,000 करोड़ रुपये हो गया है. कंपनी ने अपने ऐसेट्स बेचकर और दूसरे श्रोतों से मिली नकदी से कर्ज भुगतान किया है.

आईएलएंडएफएस ने कहा कि अब तक उसने कुल कर्ज के 44 फीसदी का निपटारा कर दिया है. कंपनी 2018 में डूब गई थी. उस समय इस पर 91,000 करोड़ का कर्ज था. इसकी शुरुआत रोड कंस्ट्रक्शन फाइनेंसिंग कंपनी के तौर पर हुई थी. इसके बाद कंपनी ने विस्तार शुरू किया. जल्द ही कंपनी के पास 347 सब्सिडियरी कंपनियां हो गईं. जब कंपनी ने पेमेंट डिफॉल्‍ट करना शुरू किया तो फाइनेंशियल मार्केट में अफरा-तफरी मच गई. कंपनी को छोटी अवधि का करीब 13,559 करोड़ रुपये और लंबी अवधि का 65,293 करोड़ रुपये चुकाना है. इसके अलावा अन्य कर्ज के साथ-साथ कर्ज पर लगा इंटरेस्ट शामिल है. इसमें 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज सड़क, बिजली, पानी के प्रोजेक्‍ट्स से जुड़ा है.

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आईएलएंडएफएस ने आमदनी से ज्‍यादा ले लिया था कर्ज
फाइनेंस कंपनी ने छोटी अवधि में लौटाने वाला बहुत ज्‍यादा कर्ज ले लिया. आमदनी से ज्‍यादा कर्ज के कारण लौटाने में कंपनी असफल साबित हुई. कंपनी ने पेमेंट डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया. आईएलएंडएफएस और उसकी सहायक कंपनियों ने नकदी संकट की वजह से कर्ज के भुगतान में देरी की. कंपनी कई सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है और इसने अपना ज्‍यादातर कर्ज भी सरकारी कंपनियों को ही दिया है. कंपनी के डूबने के बाद केंद्र ने पिछले साल कंपनी की रेजॉल्यूशन प्रोसेस शुरू की और नए बोर्ड का गठन कर उदय कोटक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी. अक्टूबर 2018 से अब तक कंपनी की 347 कंपनियों में से 186 रिजॉल्व हो चुकी हैं और 161 रेजॉल्यूशन के अलग-अलग चरण में हैं.

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रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लॉन्‍च करने जा रही कंपनी



आईएलएंडएफएस अपना रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) लॉन्च करने जा रही है. इस ट्रस्ट के तहत आईएलएंडएफएस 10 सड़क परियोजनाओं में बैंकों से लिए गए करोड़ों रुपये के कर्ज को ट्रस्ट की यूनिट्स में तब्‍दील करेगी और इन्हें बैंकों को देगी. सूत्रों ने बताया कि आईएलएंडएफएस को इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट को लॉन्च करने की सभी नियामकीय मंजूरियां मिल चुकी हैं. कंपनी के लेनदारों (Committee of Creditors) ने भी इसके लिए हामी भर दी है.
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