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दिवालिया आईएलएंडएफएस का इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लॉन्च होगा, सेबी व सीसीआई से मिली मंजूरी

 IL&FS इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लॉन्च करेगी
IL&FS इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लॉन्च करेगी

आईआईएलएंडएफएस इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लॉन्च करने जा रही है। इस ट्रस्ट के तहत IL&FS 10 रोड प्रोजेक्ट्स में बैंकों से लिए गए करोडों रुपए के कर्ज को ट्रस्ट की यूनिट्स में कन्वर्ट करेगी और इन्हें बैंकों को देगी। इससे कंपनी नगद में कर्ज की बकाया रकम देने से बच जाएगी।

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2021, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. दिवालिया हो चुकी फाइनेंस कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (Infrastructure Leasing and Financial Services- IL&FS) ने कर्ज बकाया वसूली को निपटाने के लिए नया कदम उठाया है. आईआईएलएंडएफएस इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT ) लॉन्च करने जा रही है. इस ट्रस्ट के तहत IL&FS 10 रोड प्रोजेक्ट्स में बैंकों से लिए गए करोडों रुपए के कर्ज को ट्रस्ट की यूनिट्स में कन्वर्ट करेगी और इन्हें बैंकों को देगी. इससे कंपनी नगद में तत्काल कर्ज की बकाया रकम देने से बच जाएगी.
सूत्रों ने बताया कि IL&FS को इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट को लॉन्च करने की सभी नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी के लेनदारों (Committee of Creditors) ने भी इसके लिए हामी भर दी है. IL&FS के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को InvIT के लिए कंपनी के लेनदारों ने अपना रजामंदी दे दी है. साथ ही कंपनी ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) में ग्रीन चैनल फाइलिंग यानी अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी कर ली है. मिंट की खबर के मुताबिक, IL&FS के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट का बाजार नियामक SEBI में फाइनल रजिस्ट्रेशन हो गया है और कंपनी अब इस आईआईटी को लॉन्च करने की औपचारिक घोषणा जल्द कर सकती है.

क्या होता इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट
इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT )म्यूचुअल फंड की तरह एक सामूहिक निवेश योजना है. म्यूचुअल फंड इक्विटी शेयरों में निवेश करने का अवसर प्रदान करते हैं, जबकि इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट सड़क और बिजली जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में निवेश की अनुमति देता है. इसे सेबी (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) विनियमन, 2014 द्वारा विनियमित किया जाता है. आईएलएंडएस इसे लॉन्च करेगी और बैंक अपने कर्ज के बदले में म्युचुअल फंड की तरह इसकी यूनिट खरीद लेंगे. सड़क परियोजनाओं से जैसे जैसे फायदा मिलेगा, बैंकों को अपनी रकम वापस मिलती जाएगी.
कंपनी पर बकाया है 91 हजार करोड़ रुपए का कर्ज



आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों (IL&FS Group) पर लगभग 91,000 करोड़ रुपये का बकाया है, जो उसने देश के बैंकों से लिया है. आईएलएंडएफएस के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट की यूनिट्स उसके लेनदारों में बांटे जाएंगे, जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक (Canara Bank), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) शामिल हैं. हालांकि इस InvIT का स्ट्रक्चर कैसा होगा और इन्हें किस तरह लिस्ट किया जाएगा, कंपनी ने इसका खुलासा अभी नहीं किया है.



कंपनी पर 91,000 करोड़ रुपये का कर्ज

आईएलएंडएफएस समूह पर लगभग 91,000 करोड़ रुपए का कर्ज है. IL&FS को छोटी अवधि का करीब 13,559 करोड़ रुपए और लंबी अवधि का 65,293 करोड़ रुपए चुकाना है. इसमें से 60 हजार करोड़ रुपए के आसपास का कर्ज सड़क, बिजली और पानी की परियोजनाओं से जुड़ा है. IL&FS ने छोटी अवधि में लौटाने वाला बहुत अधिक कर्ज ले लिया जितनी उसकी आमदनी नहीं थी. इस कारण कर्ज को लौटाने में कंपनी असफल साबित हुई.



तीन साल पहले सामने आया घोटाला, डूब गई थी कंपनी

कंपनी में हुए घोटाले की जानकारी साल 2018 में सामने आई जब IL&FS और उसकी सहायक कंपनियों ने नकदी संकट की वजह से कर्ज के भुगतान में देरी की. आईएलएंडएफएस कई सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है और इसने अपना अधिकांश कर्ज भी सरकारी कंपनियों को ही दिया है. आपको बता दें कि IL&FS में एलअाईसी और जापान की ओरिक्स कॉर्पोरेशन की 20% से अधिक की हिस्सेदारी है, जबकि अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और IL&FS वेलफेयर ट्रस्ट का कंपनी में 10 फीसदी से अधिक का हिस्सा है.
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