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मौसम विभाग ने कहा- इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद, कमजोर पड़ सकता है अलनीनो

भारत के मौसम विभाग ने इस साल अच्छे मानसून का अनुमान जताते हुए कहा है कि अलनीनो का असर कमजोर पड़ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2019, 10:56 AM IST
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मानसून सीजन में इस साल सामान्य बारिश होने की उम्मीद है. भारत के मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने अलनीनो को लेकर दुनिया भर की एजेंसियों की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है. इससे पहले अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों की मौसम एजेंसियों समेत भारत में स्काईमेट ने भी मानसून की चाल पर अलनीनो के असर की आशंका जताई थी.भारत मौसम विभाग के महानिदेशक के.जे रमेश ने साफ तौर पर कहा है कि इस साल अच्छी बारिश हो सकती है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि फिलहाल मानसून के पैटर्न के बारे में कुछ बोलना जल्दबाजी होगी. लेकिन अलनीनो के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कोई भी अभी तक मजबूत अलनीनो की बात नहीं कर रहा. सवाल ये है कि क्या हालात फिर से बदलने लगे हैं.

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क्या है अच्छा मानसून-सामान्य, औसत या फिर अच्छे मानसून का मतलब है कि 50 साल की लंबी अवधि के औसत का लगभग 96 फीसदी से 104 फीसदी बारिश का होना. 50 साल में औसत बारिश चार महीनों के मानसून के दौरान 89 सेंटीमीटर अथवा 35 इंच बारिश है. अच्छे मानसून की यह परिभाषा मौसम विभाग द्वारा दी गई है. वहीं 90 फीसदी से कम बारिश देश में सूखे की स्थिति रहती है.(ये भी पढ़ें: LIC का खास ऑफर! ऑनलाइन पॉलिसी खरीदें, प्रीमियम पर भारी डिस्काउंट पाएं)




इकोनॉमी पर मानसून का असर-मानसून का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ता है. मानसून सामान्य और अच्छा रहने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ती है, जिससे मांग में भी तेजी आती है. ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ने से इंडस्ट्री को भी फायदा मिलता है.



महंगाई पर लगेगी लगाम-अच्छे मानसून से जहां देश के कई आर्थिक आंकड़ों में सुधार दर्ज होगा, वहीं इस दौरान सरकार को महंगाई के क्षेत्र में भी बड़ी राहत देखने को मिलेगी.

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बैंकिंग को मिलेगी मजबूती-अच्छे मानसून से देश में बैंकिंग व्यवस्था को मजबूती मिलती है. देश में ज्यादातर किसान खरीफ फसल के लिए कर्ज की व्यवस्था सरकारी, को-ऑपरेटिव अथवा ग्रामीण बैंकों से करते हैं. मानसून बेहतर होने की स्थिति में इन बैंकों को कर्ज पर दिया पैसा वापस मिलने की गारंटी हो जाती है और उन्हें अपने एनपीए को काबू करने में मदद मिलती है. वहीं किसानों की बढ़ी आमदनी से भी बैंकों को अपनी ग्रामीण शाखाओं के खाते में अच्छी सेविंग्स मिलती है जिससे गैर-कृषि क्षेत्र को नया कर्ज देने का काम आसान हो जाता है.



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शेयर बाजार पर मानसून का असर
>>मानसून और खपत आधारित सेक्टर में सीधा संबंध हैं.
>>मानसून अच्छा रहता है तो कंजप्शन बेस्ड सेक्टर में मांग बढ़ेगी.
>>ग्रामीणों की खरीद की क्षमता बढ़ने से कृषि उपकरण निर्माता, टू-व्हीलर्स और ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों के साथ ही केमिकल्स, फर्टिलाइजर्स और एफएमसीजी कंपनियों की आय बढ़ने की उम्मीद होती है.
>> अच्छे मानसून का फायदा फायदा बैंकों और फाइनेंशियल सेक्टर को भी मिलता है.
>> आय बढ़ने से इन सेक्टर में कारोबार बढ़ेगा जिससे इन सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों में तेजी आएगी जिससे पूरे शेयर बाजार को फायदा होगा.

ऑस्ट्रेलिया की सरकारी एजेंसी 'ब्यूरो ऑफ मेट्रोलॉजी' ने चेतावनी दी है कि इस साल अल नीनो प्रभाव की 70 फीसदी आशंका है. ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल की दूसरी छमाही के आसपास अल नीनो प्रभाव का अनुमान है. आस्ट्रेलियाई एजेंसी का यह अनुमान भारत के लिए शुभ संकेत नहीं हैं, क्योंकि 1 जून के आसपास देश में मानसून सीजन का आगाज होता है. भारत में मानसून का सीजन जून से लेकर सितंबर तक चलता है. यानी यदि मौसम सामान्य रहता है तो 4 महीने जमकर बारिश होती है.

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