IMD ने लांच किया Mausam App, मिलेगी 450 शहरों के मौसम की रियल-टाइम चेतावनी और जानकारी

IMD ने लांच किया Mausam App, मिलेगी 450 शहरों के मौसम की रियल-टाइम चेतावनी और जानकारी
IMD ने लांच किया Mausam App, मिलेगी 450 शहरों के मौसम की रियल-टाइम चेतावनी

कोरोना लॉकडाउन में मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अपना मोबाइल ऐप लाया है. इस ऐप का नाम 'मौसम' रखा गया है. इस ऐप के जरिये लोगों को देशभर के 450 शहरों में मौसम का रियल-टाइम अपडेट और चेतावनी मिलेगी.

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नई दिल्ली. कोरोना लॉकडाउन में मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अपना मोबाइल ऐप लाया है. इस ऐप का नाम 'मौसम' रखा गया है. इस ऐप के जरिये लोगों को देशभर के 450 शहरों में मौसम का रियल-टाइम अपडेट और चेतावनी मिलेगी. यह ऐप मौसम की जानकारियां (Give Information about weather) देने वाला पहला सरकारी ऐप होगा. इससे पहले आए मौसम आधारित ऐप पुराने आंकड़ों और बारिश के ऑब्जर्वेशन की जानकारी देते हैं.

यह ऐप शहरी आबादी को लक्ष्य में रखकर बनाया गया है. यह ऐप मौसम का पूर्वानुमान बताने के अलावा रडार और उपग्रह से हासिल उन तस्वीरों को भी दिखाएगा, जो पहले केवल आईएमडी की वेबसाइट पर दिखाई देती हैं.

जल्द अन्य भाषाओं में भी आएगा यह ऐप
ईटी की खबर के मुताबिक ऐप अगले साल हाइपरलोकल मैप्स और क्षेत्रीय भाषाओं के विकल्पों के साथ अपनी पहुंच का विस्तार करेगा. अगले साल तक, किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी. वे जीपीएस के आधार पर हर तीन घंटे में अपडेट प्राप्त करेंगे, और अपनी पसंद की भाषा में पूर्वानुमान जान सकेंगे.
स्वदेशी ऐप पर पिछले साल से चल रहा था काम


इस स्वदेशी ऐप पर पिछले साल से काम चल रहा था. लेकिन कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से इसमें देरी हुई. आईएमडी ने सरकार के उमंग ऐप के लिए अपनी सेवाओं की पेशकश की, जिसमें राज्य और केंद्र सेवाएं और बिल भुगतान शामिल हैं. हालांकि, उमंग के पास तत्काल अपडेट का अभाव था, जिसे 'मौसम' अब पूरा करेगा.

मानसून के मौसम का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के 14वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने जलवायु पूर्वानुमानों के लिए पृथ्वी प्रणाली मॉडल का उपयोग करते हुए पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा रेन गेजिंग और क्लाउड सीडिंग पर शोध करने की बात कही. इन प्रयोगों से आईएमडी को मानसून के मौसम का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी और संभावित बारिश वाले क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा करने की शुरुआत कर सूखे वाले इलाकों में बारिश कराई जा सकेगी.
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