अगले 3 दिन में यहां शुरू हो सकती है मॉनसून की पहली बारिश, मौसम विभाग दी जानकारी

प्राइवेट सेक्टर की कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज के एक दिन बाद भारतीय मौसम विभाग का कहना है इस साल मानसून 18-19 मई तक अंडमान पहुंचने की उम्मीद है.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 4:27 PM IST
अगले 3 दिन में यहां शुरू हो सकती है मॉनसून की पहली बारिश, मौसम विभाग दी जानकारी
अगले 3 दिन में यहां शुरू हो सकती है मानसून की पहली बारिश, मौसम विभाग दी जानकारी
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Updated: May 15, 2019, 4:27 PM IST
प्राइवेट सेक्टर की कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज के एक दिन बाद भारतीय मौसम विभाग का कहना है इस साल मॉनसून की पहली बारिश 18-19 मई तक अंडमान में होने की उम्मीद है. वहीं, केरल में यह 6 जून को दस्तक दे सकता है. आमतौर पर यह मई के आखिरी हफ्ते यानी 30 मई तक मानसूनी बारिश शुरू हो जाती है. लेकिन इस बार ये 5 दिन लेट हो सकता है. आपको बता दें कि मंगलवार को स्काईमेट के पूर्वानुमानों के मुताबिक, इस साल मॉनसून पर अलनीनो का असर पड़ सकता है. इस साल मॉनसून सामान्य का 93 फीसदी रह सकता है. स्काइमेट का अनुमान है कि ये 4 जून को केरल पहुंच सकता है. वहीं, 22 मई को मानसून अंडमान निकोबार पहुंचेगा.

6 जून को केरल पहुंचेगा मॉनसून- भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल मॉनसून 18-19 मई को केरल पहुंच सकता है. वहीं, ये 6 जून को केरल पहुंचेगा.



भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पिछले 14 साल के दौरान मानसून के पहुंचने की उसकी भविष्यवाणी 13 बार सही निकली है, सिर्फ एक बार यानि 2015 में उसका अनुमान सही नहीं गया था. 2015 में मौसम विभाग ने 30 मई को मानसून के केरल तट पर पहुंचने का अनुमान जारी किया था जबकि मानसून 5 जून को पहुंचा था.

भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर इस साल के अपने पहले अनुमान में सामान्य बरसात होने की उम्‍मीद जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन में अल-नीनो कमजोर रहने की संभावना है और सीजन बढ़ने के साथ यह कमजोर होता जाएगा.मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य यानि 96 प्रतिशत बरसात का अनुमान है. इसमें 5 प्रतिशत बरसात ऊपर-नीचे हो सकती है.

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य से बहुत ज्यादा (110 प्रतिशत से ज्यादा) बरसात की संभावना 2 प्रतिशत है, जबकि सामान्य से अधिक (104-110 प्रतिशत) की संभावना 10 प्रतिशत है. इसके अलावा सामान्य बरसात यानि 96-104 प्रतिशत बरसात की संभावना 39 प्रतिशत है. यानि कुल मिलाकर सामान्य या सामान्य से अधिक बरसात की संभावना 50 प्रतिशत से ज्यादा है.

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क्या कहां है स्काईमेट ने- स्काईमेट के मुताबिक, इस साल बंगाल, बिहार, झारखंड में बारिश कम होगी. पूर्वी भारत में सामान्य सामान्य के मुकाबले 92 फीसदी बारिश होने का अनुमान है. राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब में अच्छी बारिश के अनुमान जताए जा रहे हैं. मध्यभारत में मॉनसून सामान्य से 50 फीसदी कम रह सकता है.

अर्थव्यवस्था पर मॉनसून का असर- मॉनसून का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ता है. मॉनसून सामान्य और अच्छा रहने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ती है, जिससे मांग में भी तेजी आती है. ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ने से इंडस्ट्री को भी फायदा मिलता है. वहीं, कमजोर रहने पर इसका उलटा असर होता है.

1951-2000 की बात करें तो देश में बारिश का लॉन्ग पीरियड एवरेज 89cm रहा है. इससे पहले मौसम के बारे में जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट का अनुमान दिया है कि जून से सितंबर के दौरान सीजन में सामान्य की 93 फीसदी बारिश होगी. हालांकि एजेंसियां यह मानकर चलती हैं कि इसमें थोड़ा बहुत बदलाव आ सकता है. 5 फीसदी ज्यादा या कम हो सकता है. (ये भी पढ़ें: खुशखबरी! ऑनलाइन सस्ते AC बेचेगी सरकार, 40% तक बिजली की होगी बचत)

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