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24 घंटे में केरल तट पर दस्तक देगा मानसून! इन जगहों पर अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अनुमान

News18Hindi
Updated: June 7, 2019, 2:37 PM IST

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे में दक्षिणी पश्चिमी मानसून केरल तट पर दस्तक दे देगा. वहीं, IMD ने नागालैंड, छत्तीसगढ़, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मेघालय और केरल में अगले 72 घंटे के दौरान भारी बारिशा का अनुमान लगाया है.

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे में दक्षिणी पश्चिमी मानसून केरल तट पर दस्तक दे देगा. वहीं, IMD ने नागालैंड, छत्तीसगढ़, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मेघालय और केरल में अगले 72 घंटे के दौरान भारी बारिश का अनुमान लगाया है. साथ ही, उत्तर भारत के कई इलाकों में चल रही गर्म हवाओं (लू) से भी अगले कुछ दिनों में राहत मिलने की उम्मीद जताई है. इसके अलावा झारखंड और बिहार के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है. आपको बता दें कि इस साल मानसून के दिल्ली में 1 जुलाई को पहुंचने की उम्मीद है.

आपको बता दें कि साल 2014 में मानसून 5 जून को, 2015 में 6 जून को और 2016 में 8 जून को आया था. जबकि, 2018 में मानसून ने केरल में तीन दिन पहले 29 मई को ही दस्तक दे दी थी. पिछले साल देश में सामान्य बारिश हुई थी. (ये भी पढ़ें-सावधान! इन म्यूचुअल फंड्स में लगाया है पैसा तो होगा नुकसान)

(भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर जारी चेतावनी)


मौसम विज्ञानिक सोमा सेन रॉय के मुताबिक, मानसून के देर से आने से बारिश की मात्रा में किसी तरह की कमी नहीं आएगी. मानसून में देरी हुई है. हालांकि, जून में मानसून की बारिश अनुमान से कम रह सकती है. असामान्य स्थिति की वजह से मानसून में देरी हो रही है. वैसे इस साल औसत मानसून का अनुमान है.

सामान्य बारिश रहने का अनुमान-सोमा सेन रॉय ने बताया कि अलनीनो का भी प्रभाव मानसून पर नहीं होगा. अलनीनो को लेकर स्थितियां अनुकूल है. डिस्ट्रीब्यूशन में नॉर्थ ईस्ट पर थोड़ी कम बारिश हो सकती है. बाकी सभी इलाकों में सामान्य बारिश रहने का अनुमान है.(ये भी पढ़ें-ATM के जरिए पैसे निकालने पर लगने वाले चार्ज होंगे खत्म!)

प्री-मानसून सीजन में भी कम हुई बारिश - पिछले 65 साल में यह दूसरा मौका है, जब प्री-मानसून करीब-करीब सूखा गुजरा. इस दौरान सामान्य तौर पर 131.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है. इस साल 99 मिमी. बारिश हुई. चौधरी ने कहा, "पूर्वी दिशा की ओर बहने वाली हवाओं में नमी है, जिसने उत्तरी भारत में पारे पर थोड़ा नियंत्रण रखा. लेकिन, इसके बावजूद लू के थपेड़ों के चलते लगातार पारा बढ़ता रहा.

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First published: June 7, 2019, 1:57 PM IST
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