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IMF ने कहा-संभावित मंदी से इनकार नहीं! क्‍या भारत भी आएगा चपेट में, एक्‍सपर्ट क्‍यों बता रहे भारत की स्थिति मजबूत

आईएमएफ ने इस साल भारत की विकास दर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

आईएमएफ ने इस साल भारत की विकास दर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

आईएमएफ प्रमुख जार्जिवा ने संभावित मंदी को लेकर ऐसा बयान दिया है जिससे आर्थिक विशेषज्ञों की चिंताएं और बढ़ने वाली हैं. उन्‍होंने कहा कि अप्रैल के बाद से सिनेरियो बहुत बदल गया है और हमें मंदी की आशंका से इनकार नहीं. रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से महंगाई को पैर पसारने का मौका मिला, जिसका असर ग्‍लोबल इकॉनमी की विकास दर पर होगा.

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नई दिल्‍ली. अमेरिका सहित ग्‍लोबल इकॉनमी में आने वाली मंदी पर हो रही चर्चाओं के बीच अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रमुख क्रिस्‍टलीना जॉर्जिवा ने चौंकाने वाली बात कही है. उन्‍होंने कहा कि अप्रैल के बाद से ग्‍लोबल इकॉनमी का परिदृश्‍य काफी गहरा और नकारात्‍मक हो गया है. लिहाजा हम संभावित मंदी से इनकार नहीं कर सकते.

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक जॉर्जिवा ने कहा कि ग्‍लोबल इकॉनमी की विकास दर चालू वित्‍तवर्ष में 3.6 फीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि, आने वाले सप्‍ताह में स्थिति को देखकर इसके अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे. जुलाई के अंतिम सप्‍ताह में 2022 और 2023 में ग्‍लोबल इकॉनमी को लेकर अनुमान जारी किए जाएंगे. 2021 में ग्‍लोबल इकॉनमी की विकास दर 6.1 फीसदी थी, जो इस साल घटकर करीब आधी रह जाएगी.

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रूस-यूक्रेन युद्ध और महंगाई ने पलट दिया पासा
आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍थाएं तेजी से उबर रहीं थीं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और महंगाई ने सभी आंकड़े बिगाड़ दिए. अप्रैल के बाद से ही चीजें मुश्किल होती जा रही हैं. महंगाई को थामने के लिए केंद्रीय बैंक धड़ाधड़ ब्‍याज दरें बढ़ा रहे जिसका असर विकास दर पर पड़ेगा. चीन की आर्थिक वृद्धि भी सुस्‍त पड़ गई है.

उन्‍होंने कहा कि दूसरी तिमाही के आंकड़े बता रहे कि चीन और रूस की अर्थव्‍यवस्‍था में गिरावट आ गई है. ऐसे में साल 2022 मुश्किल और 2023 ज्‍यादा मुश्किल रहने वाला है. अमेरिका की विकास दर भी इस साल काफी सुस्‍त रहने का अनुमान है, क्‍योंकि वहां महंगाई अब भी 8 फीसदी से ऊपर है और फेड रिजर्व की ओर से ब्‍याज दरों में एक और बड़ी बढ़ोतरी दिखाई दे रही है.

भारत पर नहीं दिखेगा ज्‍यादा असर
विश्‍व बैंक, आईएमएफ सहित कई ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसियों ने भारत की स्थिति अन्‍य देशों के मुकाबले बेतहर बताई है. विश्‍व बैंक ने कहा है कि इस साल भारत की विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है. चीन की विकास दर इस दौरान 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है. आईएमएफ ने भारत की विकास दर 8.2 फीसदी और चीन की विकास दर 4.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

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आईएमएफ ने अमेरिका की विकास दर 2022 में 3.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जबकि युद्ध की वजह से रूस की विकास दर इस साल शून्‍य से भी 8.5 फीसदी नीचे रहने का अनुमान है.

अन्‍य एजेंसियों ने भी बताई तेज विकास दर
ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसियों ने इस साल भारत की विकास दर बेहतर रहने का अनुमान लगाया है. फिच ने 2022-23 में विकास दर 8.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जबकि इंडिया रेटिंग ने 7.2 फीसदी बताई है. इसके अलावा मॉर्गन स्‍टेनले ने 7.9 फीसदी, सिटीग्रुप ने 8 फीसदी, इक्रा ने 7.2 फीसदी और आरबीआई ने 7.2 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया है.

भारत की स्थिति इतनी मजबूत कैसे
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अब भारत की स्थिति पहले जैसी नहीं रही. अब हम अमेरिका या अन्‍य विकसित अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर ज्‍यादा निर्भर नहीं रह गए हैं. लिहाजा अमेरिका में मंदी की आशंकाओं का भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर खास असर नहीं दिखेगा. भारत के पास बड़ा उपभोक्‍ता बाजार होने के साथ उत्‍पादन की बड़ी व्‍यवस्‍था भी है. अब कच्‍चे तेल के अलावा अन्‍य किसी उत्‍पाद के लिए भारत आयात पर उतना निर्भर नहीं रहा है. अगर एनर्जी को लेकर भारत आत्‍मनिर्भर हो जाए तो ग्‍लोबल इकॉनमी की ओर देखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

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उत्‍पादन बेहतर होने के साथ हमारा निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि अब दुनिया के दूसरे देश हमारे ऊपर निर्भर होने लगे हैं. ऐसे में ग्‍लोबल इकॉनमी में मंदी आती है तो भारत को बहुत ज्‍यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

Tags: Business news in hindi, GDP growth, IMF, Indian economy

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