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IMF की गीता गोपीनाथ ने बताई भारत की GDP 11.5% की ग्रोथ रेट से बढ़ने की वजह, बैड बैंक आइडिया का किया समर्थन

IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ
IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ

आईएमएफ (IMF) की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने 2021 में भारत की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 11.5 प्रतिशत रहने के साथ ही बेड बैंक बनाने के आइडिया का भी समर्थन किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 12:13 PM IST
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नई दिल्ली. आईएमएफ (IMF) की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने 2021 में भारत की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 11.5 प्रतिशत रहने के साथ ही बेड बैंक बनाने के आइडिया का भी समर्थन किया है. गौरतलब है कि आईएमएफ ने मंगलवार को जारी अपने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में आर्थिक वृद्धि दर इस साल दहाई अंक में होने का अनुमान जताया है. गोपीनाथ ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि कोरोना महामारी के कारण हुए आर्थिक व्यवधान के कारण बैड लोन के बढ़ने की आशंका है जिसके लिए बैड बैंक एक अच्छा आइडिया है.

बैड बैंक बनाने के विचार को बताया अच्छा आइडिया- CNBC TV18 को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि बेस लाइन में हम 13% तक NPA जाने के आसार देखते हैं तो, इसके लिए और ज़्यादा कार्य कुशल IBC प्रक्रिया की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा कि बैड बैंक बनाने का विचार निश्चित तौर पर एक वाजिब योजना है. हाल कि परिस्थियों को देखते हुए बैंक तथा NBFC को पूंजी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. जिससे वर्तमान वित्तीय स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सके. इसके अलावा सरकार को भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी निवेश करने की तैयारी करनी चाहिए.

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बजट 2021 से पहले विशेषज्ञों ने रखा विचार- केंद्रीय बजट 2021 से पहले कई विशेषज्ञों ने बैड बैंक बनाने का विचार रखा है. बैड बैंक सिस्टम में मौजूदा फंसी संपत्तियों को वापस लाने के लिए एग्रीगेटर का काम करता है. बैड बैंक के होने की वजह से बैंक अपने बिज़नेस पर सामान्य रूप से फोकस कर पाते हैं. चूंकि, बैंकिंग सिस्टम में सरकार का ही वर्चस्व है, ऐसे में उम्मीद है कि सरकार ही बैड बैंक के आइडिया को लेकर सामने आए.
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इकोनॉमी में तेजी से सुधार की उम्मीद- यह अर्थव्यवस्था में तेजी से पुनरूद्धार को बताता है. वर्ष 2020 में महामारी के कारण इसमें 8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है. मुद्राकोष ने अद्यतन रिपोर्ट में 2021 में 11.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया. इस लिहाज से अगले साल भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एकमात्र देश होगा जिसकी वृद्धि दर दहाई अंक में होगी. वृद्धि के लिहाज से चीन 2021 में 8.1 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर होगा. उसके बाद क्रमश: स्पेन (5.9 प्रतिशत) और फ्रांस (5.5) का स्थान रहने का अनुमान है.
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