IMF Chief गीता गोपीनाथ ने कहा-बांग्लादेश से नहीं है भारत का मुकाबला, तेजी से सुधरेगी इंडियन इकोनॉमी

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (IMF Gita Gopinath)
आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (IMF Gita Gopinath)

गीता गोपीनाथ (IMF Gita Gopinath) ने बताया कि इंडियन इकोनॉमी में तेजी से उबरने की क्षमता है. इसलिए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरी तिमाही में स्थितियों में कुछ सुधार हो सकता है.

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  • Last Updated: October 15, 2020, 9:45 AM IST
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नई दिल्ली. देशभर में फैले कोरोना वायरस के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अनुमान जताया है कि अगर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में भारत ने तेजी से सुधार के कदम नहीं उठाए तो देश की विकास दर 8.8 फीसदी तक पहुंच सकती है. इसके साथ ही IMF ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास दर में करीब 10.30 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है. Covid-19 की वजह से देशभर में हुए लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर काफी गहरा असर पड़ा है.

IMF Chief ने बांग्लादेश की इकोनॉमी पर दिया ये जबाव
इंटरव्यू में पूछे गए इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा इस समय के आंकड़े को देखते हुए ये अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में बांग्लादेश के मुकाबले अर्थव्यवस्था में तेजी से रिकवरी की क्षमता है. इसके साथ ही वह बोलीं कि बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों पर कोरोना का असर भी कम देखने को मिला है. इन देशों की आबादी भारत की तुलना की काफी कम है और उन्होंने कोरोना पर अपने तरीके से रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं.

तेजी से सुधरेगी इंडियन इकोनॉमी
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (IMF Gita Gopinath) ने बताया कि इंडियन इकोनॉमी में तेजी से उबरने की क्षमता है. इसलिए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरी तिमाही में स्थितियों में कुछ सुधार हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने बातचीत में कहा कि वित्त वर्ष 2021-2022 में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 8.8 फीसदी है, जोकि कोई कठिन आंकड़ा नहीं है. इकोनॉमी को बूस्ट देने के लिए अगर सही कदम उठाए गए तो भारत सभी देशों को सरप्राइज कर सकता है.



इकोनॉमी में धीरे-धीरे हो रहा सुधार
कोरोना संकट के समय हुए लॉकडाउन की वजह से देशभर में आर्थिक गतिविधियां बंद हो गई थी. इसके बाद जून में शुरू हुई अनलॉक की प्रक्रिया के बाद धीरे-धीरे उद्योग-धंधों ने रफ्तार पकड़ना शुरू किया. फिलहाल इस समय इकोनॉमी में सुधार देखने को मिल रहा है.

कोरोना ने दुनियाभर के देशों को दिया गहरा झटका
गीता गोपीनाथ ने कहा कि कुछ देशों को छोड़ दिया जाए तो कोरोना वायरस ने दुनियाभर के देशों की इकोनॉमी को गहरा झटका दिया है. भारत आबादी के हिसाब से बहुत बड़ा देश है और लॉकडाउन की वजह अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.

वैक्सीन आने के बाद इकोनॉमी में होगा तेजी से सुधार
इसके साथ ही इंटरव्यू में गीता गोपीनाथ ने कहा कि किसी भी देश ने इस महामारी के बारे में नहीं सोचा था. इस समय हर देश अपने-अपने तरीके से इस महामारी से बाहर निकलने का प्लान बना रहा है. फिलहाल वैक्सीन आने के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी से रिकवरी आएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में सुधार दिख रहे हैं, आयात-निर्यात के आंकड़े सुधर रहे हैं.

गीता गोपीनाथ ने दी सरकार को ये सलाह
इसके साथ ही गीता गोपीनाथ ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि आने वाली दो तिमाही में भारत को तेजी से सुधार के कदम उठाने होंगे. देशभर में मांग बढ़ाने पर फोकस करना होगा. इसके अलावा मजदूरों और गरीबों के हाथ में पैसे पहुंचाने की भी जरूरत है. साथ ही महंगाई दर पर भी नियंत्रण करना होगा.

चीन की इकोनॉमी पर क्या बोंली गीता गोपीनाथ
इसके अलावा चीन की इकोनॉमी पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश ने कोरोना को काबू में करने के लिए शुरुआत में ही खूब टेस्ट किए. इसके अलावा जब दुनिया के दूसरे देश कोरोना से जूझ रहे थे उस समय चीन बड़े पैमाने पर मेडिकल एक्यूपमेंट एक्सपोर्ट कर रहा था, जिससे कि चीन की इकोनॉमी पर असर नहीं पड़ा.
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