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पूरी दुनिया पर ₹188 लाख करोड़ का कर्ज, भारत पर भी इतना

पूरी दुनिया पर ₹188 लाख करोड़ का कर्ज, भारत पर भी इतना

वैश्विक कर्ज बढ़कर 188 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

वैश्विक कर्ज बढ़कर 188 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि पूरी दुनियाभर में कर्ज का बोझ बढ़कर 188 लाख करोड़ रुपये का हो गया है. भारत पर भी मार्च 2019 तक कुल 543 अरब डॉलर कर्ज है.

    नई दिल्ली. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (Internationa Monetart Fund) की प्रमुख क्रिस्टालीना जार्जिवा (Kristalina Georgieva) ने बीते गुरुवार को जानकारी दी है कि पूरी दुनिया पर कर्ज का बोझ (Global Debt) तेजी से बढ़ रहा है. अभी तक यह कर्ज पहले की तुलना में नई ऊचाई पर पहुंचा चुका है. उन्होंने बताया कि यह पूरी दुनिया के उत्पादन का दोगुनी रकम है. IMF ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पूरी दुनिया पर करीब 188 ट्रिलियन डॉलर (188 लाख करोड़ रुपये) का कर्ज है. यह रकम कितनी बड़ी है, इसकात अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं दुनियाभर में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका की जीडीपी का आकार 21.35 ट्रिलियन डॉलर ही है. भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के आकार के बारे में बात करें तो यह 2.7 लाख करोड़ रुपये की ही है.

    दुनिया के कुल उत्पाद का 230 फीसदी कर्ज
    इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे कर्ज निजी सेक्टर (Private Sector) की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. इससे दुनियाभर के अलग-अलग सरकारों और आम लोगों पर आर्थिक कमजोरी का दबाव बढ़ता है. जार्जिवा ने कहा कि वैश्विक कर्ज जिसमें निजी और सरकारी कर्ज भी शामिल हैं, 188 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया है. यह पूरी दुनिया के कुल उत्पादन का 230 फीसदी है.

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    वैश्विक ग्रोथ पर पड़ सकता है बुरा असर
    जब IMF ने इसके पहले जारी किए गए आंकड़े में जानकारी दी थी तब पूरी दुनिया पर 164 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. मौजूदा समय में दुनियाभर में ब्याज दरें कम हैं. ऐसे में उत्पादन बढ़ाने के लिए और कर्ज लिया जा सकता है. हालांकि, जार्जिवा का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो ग्रोथ पर विपरीत असर देखने को मिल सकता है. जार्जिवा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि सख्त वित्तीय हालातों में कर्ज के बढ़ते दबाव ने कई सरकारों, कंपनियों और परिवारों को संकट में फंंसा दिया है. दुनियाभर में कर्ज कॉरपोरेट की हिस्सेदारी दो-तिहाई है. लेकिन, सरकार का कर्ज भी तेजी से बढ़ रहा है.

    भारत पर कुल 543 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज
    भारत पर कुल कर्ज की बात करें बात करें बीते जून माह में ​भारतीय रिजर्व बैंक ने एक रिपोर्ट जारी किया था. इस रिपोर्ट में के मुताबिक, भारत पर मार्च 2019 तक कुल बाहरी कर्ज (External Debt on India) 543 अरब डॉलर (करीब 37,758 अरब रुपये) था. पिछले साल सामान अवधि के मुकाबले इसमें 1.37 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है. भारत की जीडीपी के लिहाज से देखें तो यह जीडीपी का 19.7 फीसदी हिस्सा है.

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    Tags: Business news in hindi, Indian economy, International Monetary Fund

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