आईएमएफ ने कहा, अप्रैल में जारी भारत के विकास पूर्वानुमान की समीक्षा करेंगे, जानिए कारण

 IMF growth forecast

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अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने गुरुवार को कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से भारत के आर्थिक उत्पादन पर नाकारात्मक असर पड़ेगा. लिहाजा वित्त वर्ष 2021-22 में भारत के आर्थिक उत्पादन को लेकर फंड द्वारा अप्रैल के विकास पूर्वानुमान 12.5% पर असर पड़ेगा.

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नई दिल्ली. अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने गुरुवार को कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से भारत के आर्थिक उत्पादन पर नाकारात्मक असर पड़ेगा. लिहाजा वित्त वर्ष 2021-22 में भारत के आर्थिक उत्पादन को लेकर फंड द्वारा अप्रैल के विकास पूर्वानुमान 12.5% पर असर पड़ेगा. आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने कहा जब हम जुलाई में वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक जारी करेंगे तो विकास पूर्वानुमान की समीक्षा करेंगे. हालांकि राइस ने इस संबंध में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी.

राइस ने कहा दुनिया के दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत का विकास, वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रिय विकास को प्रभावित करेगा. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कोरोना संकट कितना लंबा चलता है. हम सभी लगातार भारत के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं.

भारत की मदद के लिए आईएमएफ ने दूसरे देशों की प्रशंसा की

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि भारत और सम्पूर्ण विश्व में कोरोना संक्रमण महामारी से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग जरुरी हैं. आईएमएफ ने कोरोना संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहे भारत की मदद करने के लिए कई देशों द्वारा की गई घोषणा की भी प्रशंसा की. कोरोना संक्रमण के प्रकोप से निपटने के लिए करीब चालीस से अधिक देशों ने भारत को तत्काल सहायता देने की घोषणा की है. जिसमें ऑक्सीजन आपूर्ति उपकरण समेत अन्य जरुरी सामग्री शामिल हैं.
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राइस ने कहा, ‘‘कोरोना संक्रमण के प्रकोप के कारण मानवीय त्रासदी का सामना कर रहे भारत के लोगों के प्रति हमारी सहानुभूति और संवेदनाएं हैं. हम भारतीय अधिकारियों के साथ नजदीकी से संपर्क में है. हम अपने तकनीकी सहयोग को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.’’

देश में कोरोना के रोजाना मामले चार लाख पार हुए



भारत में कोरोना संक्रमण के रोजाना करीब चार लाख से अधिक मामला आ रहे है. कोरोना संक्रमण के मामलों में बेतहाशा तेजी के कारण देश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई है. कई राज्यों में चिकित्सक ऑक्सीजन की भारी किल्लत भी हो गई है.

आईएमएफ ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारती की आर्थिक वृद्धि दर तेजी से बढ़कर 12.5 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। आईएमएफ ने हालांकि अप्रैल की शुरूआत में यह अनुमान जताया था. उस समय देश में इतनी खराब स्थिति नहीं थी.

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