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IMF चीफ का बड़ा बयान- कोरोनवायरस की वजह से पूरी दुनिया पर मंडरा रहा है 2009 से भी खतरनाक आर्थिक मंदी का खतरा

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 10:45 AM IST
IMF चीफ का बड़ा बयान- कोरोनवायरस की वजह से पूरी दुनिया पर मंडरा रहा है 2009 से भी खतरनाक आर्थिक मंदी का खतरा
आईएमएफ (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को कहा कि कोरोनो वायरस (Coronavirus) महामारी से विश्व अर्थव्यवस्था को गंभीर आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. यह मंदी 2009 में आई मंदी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है.

आईएमएफ (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को कहा कि कोरोनो वायरस (Coronavirus) महामारी से विश्व अर्थव्यवस्था को "गंभीर" आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. यह मंदी 2009 में आई मंदी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 10:45 AM IST
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वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केन्द्रीय बैंकों के प्रमुखों के साथ कोरोना वायरस (कोविड-19) की स्थति और इसके आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की. आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को कहा कि कोरोनो वायरस (Coronavirus) महामारी से विश्व अर्थव्यवस्था को "गंभीर" आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. यह मंदी 2009 में आई मंदी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है. अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी जल्दी कोविड-19 को नियंत्रित कर लेते हैं.

जॉर्जीवा ने कहा कि छोटी अर्थव्यवस्था वाले देशों को अधिक सहायता प्रदान करने के लिए उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों सामने आना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि आईएमएफ 1 ट्रिलियन डॉलर का उधार देने की क्षमता रखता है और वह ये उधार देने के लिए तैयार है.

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दुनिया के अधिकांश लोगों को बड़े पैमाने पर बंद का सामना करना पड़ रहा है. जॉर्जीवा ने 20 देशों के समूह के वित्त मंत्रियों को चेतावनी दी कि 2020 के लिए दृष्टिकोण नकारात्मक है - कम से कम वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान या इससे भी बदतर मंदी आने का अनुमान लगाया जा रहा है. 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के परिणामस्वरूप 2009 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 0.6 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन उस समय चीन और भारत जैसे प्रमुख उभरते बाजार तेजी से बढ़ रहे थे.



कोरोनावायरस महामारी दुनियाभर में आर्थिक और मानव नरसंहार का कारण बन रही है. कुछ पूर्वानुमानकर्ताओं (forecasters) का कहना है कि मंदी 1.5 प्रतिशत हो सकती है.

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First published: March 24, 2020, 8:56 AM IST
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