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Kisan Andolan: किसानों के पास 6 महीने का तो दिल्ली में बचा है सिर्फ 15 दिन का राशन

4 से 5 दिन का आलू है दिल्ली की मंडियों में
4 से 5 दिन का आलू है दिल्ली की मंडियों में

Kisan Andolan: बेशक बातचीत का कामयाब न होना सरकार और किसानों के लिए फिक्र करने वाली बात हो, लेकिन दिल्ली की मंडियों में बैठे कारोबारियों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं. अगर यह आंदोलन लंबा चला तो आटा, दाल-चावल और तेल-मसाले (Essential items) किस रास्ते से आएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 11:15 AM IST
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नई दिल्ली. कृषि बिल के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों (Farmer Protest) की सरकार के साथ पहले राउंड की बातचीत बेनतीजा रही है. बेशक बातचीत का कामयाब न होना सरकार और किसानों के लिए फिक्र करने वाली बात हो, लेकिन दिल्ली की मंडियों में बैठे कारोबारियों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं. अगर यह आंदोलन लंबा चला तो आटा, दाल-चावल और तेल-मसाले (Essential items) किस रास्ते से आएंगे. किसान पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वो 6 महीने का राशन लेकर चले हैं. जबकि दिल्ली (Delhi) के कारोबारियों का कहना है कि उनके पास सिर्फ 15 दिन का ही राशन बचा है.

यह बोले- खारी बावली मंडी के चेयरमैन-खारी बावली मंडी के चेयरमैन राजीव बत्रा ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया, “आटा, दाल-चावल से लेकर मसालों तक का अभी 15 दिन का स्टाक है. लेकिन, अगर यह आंदोलन जल्द ही खत्म नहीं हुआ तो सामान की किल्लत शुरु हो जाएगी. क्योंकि दिल्ली में आटा, दाल-चावल, से लेकर सब्जियों तक किसी का भी उत्पादन नहीं होता है. हर सामान बाहर से आता है. दिल्ली सिर्फ एक डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म है. ज़्यादातर मसाले राजस्थान से आते हैं. और ताजा खबरें बता रही हैं कि राजस्थान के किसान भी बड़े आंदोलन के मूड़ में हैं.”

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4 से 5 दिन का आलू है दिल्ली की मंडियों में -आलू किसान और थोक कारोबारी आमिर बताते हैं यह मौसम नए आलू का है. पंजाब से दिल्ली में 250 गाड़ी तक आलू रोज आता था. लेकिन आंदोलन के चलते यह संख्या धीरे-धीरे घटकर 50 रह गई है. पंजाब के बाद सबसे ज़्यादा आलू यूपी से दिल्ली में आता है. नोएडा और बदलपुर के रास्ते यह गाड़ियां रोज़ाना दिल्ली में दाखिल होती हैं. किसी भी शहर की मंडी में 4-5 दिन से ज़्यादा आलू का स्टाक नहीं किया जाता है.
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