कोरोनावायरस के असर को जानने में बैंकों का यह पैरामीटर है बेहद कारगर, नई रिपोर्ट से जानें सबकुछ

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना में सबसे ज्यादा चेक बाउंस रेट देखा जा रहा है.

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना में सबसे ज्यादा चेक बाउंस रेट देखा जा रहा है.

कोरोनावायरस (Coronavirus) की दूसरी घातक लहर का असर अब बैंक ग्राहकों पर भी दिखने लगा है. एचडीएफसी (HDFC) बैंक की नई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 2:43 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस (Coronavirus) की दूसरी घातक लहर का असर अब बैंक ग्राहकों पर भी दिखने लगा है. एचडीएफसी (HDFC) बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल के बीच तक चेक बाउंसिंग (Cheque bouncing) की घटनाएं काफी बढ़ गईं हैं. अप्रैल 2021 में (आधा महीना पूरा होने के आस-पास) चिकित्सा स्थिति बिगड़ने के कारण बाउंस चेक बढ़ गए हैं.

बैंक अधिकारियों ने चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद एक विश्लेषक कॉल में कहा कि इस तरह की घटनाएं ये जरूरी नहीं कि एक तरह के किसी चलन की ओर इशारा करती हैं. लेकिन एक ट्रेंड जरूरी बताती है. मार्च की तुलना में अप्रैल में चेक रिटर्न अधिक था. अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 के बीच चेक बाउंस और डिमांड रिजॉल्यूशन में स्पष्ट कमी देखी गई. बैंक ने बताया कि रिटर्न रेट जनवरी 2021 के स्तर पर है. घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना में सबसे ज्यादा चेक बाउंस रेट देखा जा रहा है.

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जिस बैंक का चेक है, वो बैंक चेक पास करने से मना कर रहे

HDFC बैंक की वेबसाइट (लर्निंग सेंटर सेक्शन) के अनुसार, ऐसा कई बार हो रहा है जब जिस बैंक का चेक है वो या जिस बैंक में पेमेंट होना है वो बैंक चेक पास करने से मना कर रहे हैं. इसके अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं. ऐसे मामले में, चेक बाउंस हो जाता है और इसे "डिसऑनर्ड" चेक कहा जाता है.

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लॉकडाउन के कारण सिस्टम में EMI बाउंस की घटनाएं भी सामने आईं

चाैथी तिमाही के प्रदर्शन पर एक दूसरी डोमेस्टिक ब्रोकिंग इकाई एमके ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) 1.3 प्रतिशत (तिमाही-दर-तिमाही) बनाम क्यू 3 में 1.4 प्रतिशत (प्रो फॉर्म) थी, लेकिन बैंक को Covid-19 दूसरी लहर के बाद लागू लॉकडाउन के कारण सिस्टम में EMI बाउंस की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.

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वित्तीय स्थिति उस सीमा तक नहीं बिगड़ी

बैंक अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल कंडीशन के संदर्भ सिस्टम कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे है. हालांकि, इसने अभी वित्तीय प्रणाली को अभी तक प्रभावित नहीं किया है, ऐसी उम्मीद की जा सकती है. जब हम कोरोना की साल 2020 में पहली लहर और अब दूसरी लहर में चिकित्सा स्थितियों के मुकाबले वित्तीय स्थितियों पर विचार करते हैं, तो दूसरी लहर में अंतर बहुत व्यापक होता है. वित्तीय स्थिति उस सीमा तक नहीं बिगड़ी है.

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