कंगाल अर्थव्यवस्था को लेकर खौफ में कट रही है इमरान की रात! साल भर में डुबा चुके हैं लाखों करोड़ों रुपये

इमरान खान (Imran Khan) को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री (Pakistan Prime Minister) बने एक साल हो चुका है. लेकिन एक साल में इमरान खान की हर रात खौफ में कटी है. उनका ये खौफ अर्थव्यवस्था को लेकर है.

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 5:34 PM IST
कंगाल अर्थव्यवस्था को लेकर खौफ में कट रही है इमरान की रात! साल भर में डुबा चुके हैं लाखों करोड़ों रुपये
हर रात खौफ में कट रही है इमरान खान की रात! साल भर में डूबो चुके हैं लाखों करोड़ों रुपये
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Updated: August 29, 2019, 5:34 PM IST
इमरान खान को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री (Pakistan Prime Minister Imran Khan) बने एक साल हो चुका है. लेकिन एक साल में इमरान खान की हर रात खौफ में कटी है. उनका ये खौफ अर्थव्यवस्था को लेकर है. क्योंकि बीते एक साल में पाकिस्तान (Pakistan Economy) पूरी तरह से कंगाल हो चुका है. वहीं, एक साल में फिस्कल डेफिसिट (वित्तीय घाटा) अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. कंपनियों पर ब्याज का बोझ बढ़ गया है. ऐसे में वो छंटनियां कर रही है. साथ ही, रुपये के गिरने से महंगाई (Pakistan Inflation) सातवें आसमान पर पहुंच गई है.

पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ (पीटीआई) साल 2018 में दिग्गज पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को हराकर सत्ता में आई थी. इमरान खान ने 18 अगस्त 2018 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और उन्हें विरासत में जो पाकिस्तान मिला वो समस्याओं से घिरा हुआ था.



चुनाव प्रचार में उन्होंने कुशल प्रशासन, आर्थिक लचीलापन और पड़ोसियों से रिश्ते ठीक कर पाकिस्तान की काया पलट कर देने का वादा किया था. लेकिन एक साल बाद भी इमरान खान को न केवल अपने वादे पूरे करने की जरूरत है बल्कि उन्हें अतिरिक्त और अभूतपूर्व स्थितियों से भी निपटना है.

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हर रात खौफ में कटती है- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन में आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए कहा है कि पुरानी सरकार उनके देश को कंगाल बना चुकी है. उनके पास अपने कर्जों की किश्त चुकाने के पैसे नहीं है. इस संकट की घड़ी में उन्हें रात भर नींद नहीं आती है. इसीलिए पीएम इमरान खान ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए बड़ा कर्ज लिया.


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लेकिन इस कर्ज से भी संकट दूर नहीं हुआ है. महंगाई 10 फीसदी से ज्यादा हो गई है. साथ ही, खर्चों में कटौती नहीं करने से देश का वित्तीय घाटा अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.  डॉन की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान (Pakistan) की आजादी के बाद अब तक का यह सबसे बड़ा फिस्कल डेफिसिट है. अगर आम भाषा में समझें तो मतलब साफ है कि सरकार की आमदनी घट गई और खर्चों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है.



कर्ज़ में दब चुका है पाकिस्तान- पाकिस्‍तान पर इस समय करीब 105 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज है.पाकिस्‍तान पर कर्ज का यह बोझ अब तक का सर्वाधिक है. जबकि 2004 की तीसरी तिमाही में यह 33 अरब डॉलर का था. पाकिस्‍तान पर कर्ज की रकम 105 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब है.

टमाटर पहुंचा 300 रुपये प्रति किलोग्राम-पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते को तोड़ दिया है. लेकिन, उसके इस फैसले से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. भारतीय किसानों और व्यापारियों ने पाकिस्तान को अपने सामान निर्यात करने से इनकार कर दिया. साथ ही सरकार ने भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 200 फीसदी कर दी है. इसकी वजह से खस्ताहाल पाकिस्तान में टमाटर का भाव 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है.



इमरान खान के राज में तबाह हुआ स्टॉक मार्केट- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नए पाकिस्तान का नारा देकर प्रधानमंत्री बने. लेकिन बीते एक साल के दौरान देश में महंगाई 11 फीसदी हो गई है. वहीं, देश का विदेशी मुद्रा भंडार पूरी तरह से खाली हो चुका है. इसीलिए बीते एक साल के दौरान पाकिस्तान के शेयर बाजार की मार्केट वैल्यू 1 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये गिर गई है. इस दौरान KSE-100 इंडेक्स 12,596 अंक गिर गया है.

अलग-थलग पाकिस्तान-संयुक्त अरब अमीरात के बाद बहरीन ने भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया है. ऐसे में साफ है कि पाकिस्तान इस्लामी देशों में अकेला पड़ गया है. वो यह मान रहा है कि इस्लामी देश भी उनके साथ खड़े नहीं हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत एक बहुत बड़ा बाज़ार है और हर देश का अपना आर्थिक हित देखता है.

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First published: August 29, 2019, 5:22 AM IST
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