Videocon को दिवालिया प्रक्रिया से बचाने की कोशिश, वेणुगोपाल धूत बैंकों का 31,289 करोड़ बकाया चुकाने को तैयार

वेणुगोपाल धूत ने वीडियोकॉन को दिवालिया प्रक्रिया से बचाने के लिए बैंकों का बकाया चुकाने की पेशकश की है.
वेणुगोपाल धूत ने वीडियोकॉन को दिवालिया प्रक्रिया से बचाने के लिए बैंकों का बकाया चुकाने की पेशकश की है.

वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) ने वीडियोकॉन इंस्‍ट्रीज (Videocon Industries) की कंपनियों को दिवालिया प्रकिया से बचाने के लिए कर्जदाताओं (Lenders) के सामने धारा-12A के तहत बकाया चुकाने का प्रस्‍ताव रखा है. धूत ने कहा है कि अगर लेंडर्स उन्‍हें इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) से बचा लेते हैं तो वे 15 से 18 साल के भीतर पूरा कर्ज चुका देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 11:33 PM IST
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नई‍ दिल्‍ली. दिवालिया कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज (Videocon Industries) के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) ने कर्जदाता बैंकों (Lenders) का 30 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की उधारी लौटाने की पेशकश की है. धूत ने कहा है कि अगर कर्जदाता उनकी कंपनी को इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) से बचा लेते हैं तो वह 15 से 18 साल के भीतर 31,289 करोड़ रुपये का बकाया लौटा देंगे. दरअसल, धूत की 15 कंपनियां 2017 से आईबीसी के दायरे में हैं. इसमें 13 कंपनियों को धूत दिवालिया प्रक्रिया से बाहर निकालना चाहते हैं.

पहले भी दिया था प्रस्‍ताव, RBI ने किया था खारिज
धूत ने कर्ज चुकाने का प्रस्ताव कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) के सामने रखा है. लेंडर्स उनके इस प्रपोजल पर 30 से 60 दिनों के भीतर फैसला ले सकते हैं. धूत ने 2017 में भी लेंडर्स को 30,000 करोड़ रुपये चुकाने की पेशकश की थी. उस वक्त लेंडर्स ने प्रस्‍ताव को मंजूर कर लिया था. हालांकि, बाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. तब से अब तक धूत की कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया में अटकी हुई हैं. इन्हें ना तो कोई खरीदार मिला और ना ही कोई रेज्‍यॉलूशन हो पाया.

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धूत ने इस धारा के तहत कर्ज चुकाने का दिया प्रस्‍ताव


धूत ने लेंडर्स को कर्ज चुकाने का यह प्रस्ताव धारा-12A के तहत दिया है. धूत को पूरा भरोसा है कि इस बार उनका प्रस्ताव मान लिया जाएगा. हालांकि, इसके लिए कर्जदाताओं और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) का सहमत होना जरूरी है. पहले भी आईबीसी के तहत कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू होने के बाद वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के बोर्ड को निलंबित कर दिया गया था. बता दें कि वेणुगोपाल धूत वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के निलंबित बोर्ड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक थे.
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