अपना शहर चुनें

States

दुनिया की सबसे महंगी करेंसी को अब भारत में भी खरीद सकेंगे लोग, 1 साल में 125% बढ़ा भाव

महंगी Cryptocurrency में से एक है Bitcoin
महंगी Cryptocurrency में से एक है Bitcoin

एक पहेली को ऑनलाइन हल करने से Bitcoin मिलते हैं, साथ ही पैसे देकर भी इसे खरीदा जा सकता है. Bitcoin ही नहीं कई ऐसी करंसी हैं जो बहुत महंगी हैं और साल दर साल इसकी कीमत बढ़ती जा रही है. अब एक बिटकॉइन की कीमत 6.39 लाख रुपये है.

  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने भारत में बैन क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग से आज प्रतिबंद हटा दिया है. अब देश के सभी बैंक इसका लेन-देन शुरू कर सकते है. बता दें कि RBI (Reserve Bank Of India) ने साल 2018 में एक सर्कुलर जारी कर बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में कारोबार करने से मना कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय भी Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी खरीद और बेच सकेंगे. क्रिप्टोकरेंसी कई तरह की होती हैं जिसमें से एक है बिटक्वाइन. बिटकॉइन (Bitcoin) दुनिया की सबसे महंगी करेंसी है. मौजूदा समय में एक बिटकॉइन की कीमत 9000 डॉलर है. अगर रुपये में बात करें तो करीब 6.39 लाख रुपये बनती है. पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव आए हैं. अप्रैल 2019 से लेकर 3 मार्च 2020 तक बिटकॉइन का भाव 125 फीसदी बढ़ा है. अप्रैल 2019 के अंत में बिटकॉइन का भाव 4000 डॉलर (करीब 2.84 लाख रुपये) के आसपास था जो आज 9000 डॉलर (6.39 लाख रुपये) पहुंच चुका है.

एक पहेली को ऑनलाइन हल करने से Bitcoin मिलते हैं, साथ ही पैसे देकर भी इसे खरीदा जा सकता है. Bitcoin ही नहीं कई ऐसी करंसी हैं जो बहुत महंगी हैं और साल दर साल इसकी कीमत बढ़ती जा रही है.

ये भी पढ़ें: 1000 रुपये के नए नोट का RBI ने बताया सच, जानिए Fact



कैसे काम करता है बिटकॉइन- आप बिटकॉइन को अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन पर बिटकॉइन वॉलेट के रूप में इंस्टॉल कर सकते हैं. इससे आपका पहला बिटकॉइन एड्रेस बनेगा और जरूरत पड़ने पर आप एक से ज्यादा एड्रेस भी बना सकते हैं. अब आप अपने मित्रों को अपना बिटकॉइन एड्रेस दे सकते हैं. इसके बाद आप उनसे भुगतान ले या उन्हें भुगतान कर भी सकते हैं.
अवैध धंधों में हो रही बड़े पैमाने पर इस्तेमाल- बिटकॉइन का इस्तेमाल ब्लैकमनी, हवाला, ड्रग्स की खरीद-बिक्री, टैक्स की चोरी और आतंकवादी गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है. बिटकॉइन के बढ़ते इस्तेमाल ने दुनियाभर के देशों में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि क्रिप्टो करेंसी को अनदेखा नहीं किया जा सकता है. इसमें ग्रोथ की प्रबल संभावना है.

एक ट्रांजैक्शन में 240 किलोवॉट बिजली होती है खर्च- बिटकॉइन के एक बार के ट्रांजैक्शन और माइनिंग (बनाने) में बिजली की बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है, क्‍योंकि एक बिटकॉइन बनाने (माइनिंग) में 25000 कम्‍प्‍यूटर की जरूरत होती है. डेनमार्क के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक ING की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बिटकॉइन के प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 240 किलोवॉट बिजली खर्च होती है. यह एक औसत परिवार के मासिक बिजली खपत के लगभग बराबर है.

ये भी पढ़ें: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे पैसे से जुड़े ये नियम, जानें आपको होगा फायदा या नुकसान?

चीन में सबसे ज्यादा बिटक्वाइन माइनिंग (बनना) होती है
एक स्टडी में कहा गया है कि दुनिया के 58 फीसदी बड़े क्रिप्टोकरंसी माइनिंग में चीन पहले स्थान पर है. 16 फीसदी के आंकड़ों के साथ अमेरिका का नंबर इस लिस्ट में दूसरा है. बिटक्वाइन इंडस्ट्री पर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की ओर से प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, दुनियाभर में सभी तरह की क्रिप्टोकरंसीज के उत्पादन में कुल बिजली का एक चौथाई हिस्सा अकेले चीन में खर्च हो रहा है. एक Bitcoin में 25 हजार कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है. ऐसे में अगर एक गड़बड़ी भी हुई तो करोड़ों लोगों की नौकरी पर तलवार लटक सकती है.

क्रिप्टोकरेंसी क्या है?
क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी होती है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है. इस करेंसी में कूटलेखन तकनीक का प्रयोग होता है. इस तकनीक के जरिए करेंसी के ट्रांजेक्शन का पूरा लेखा-जोखा होता है, जिससे इसे हैक करना बहुत मुश्किल है. यही कारण है कि क्रिप्टोकरेंसी में धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम होती है. क्रिप्टोकरेंसी का परिचालन केंद्रीय बैंक से स्वतंत्र होता है, जो कि इसकी सबसे बड़ी खामी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज