Home /News /business /

in view of the power crisis the government took this big step regarding idle plants read details jst

बिजली संकट को देखते हुए निष्क्रिय संयंत्रों को लेकर सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, पढ़ें डिटेल्स

ऊर्जा मंत्री ने बिजली संकट को लेकर विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के साथ की बैठक.

ऊर्जा मंत्री ने बिजली संकट को लेकर विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के साथ की बैठक.

केंद्र सरकार ने निष्क्रिय संयंत्रों को चालू करने का फैसला किया है. इन संयंत्रों को उच्च लागत मूल्य समेत अन्य कारणों से बंद कर दिया गया था. ऊर्जा मंत्री ने बिजली संकट को लेकर विभिन्न राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक भी की है.

नई दिल्ली. एक रिपोर्ट के अनुसार, कोयले की कम उपलब्धता और उच्च मांग के कारण बिजली कटौती के बीच केंद्र सरकार ने आयातित कोयले पर चल रहे कुछ निष्क्रिय बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन शुरू करने के लिए एक आपातकालीन कानून लागू किया है. ये निष्क्रिय संयंत्र वित्तीय दबाव या कोयले की उच्च अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण बिजली का उत्पादन नहीं कर रहे हैं.

सरकार ने कहा है कि बिजली मंत्रालय के अधिकारी उन लोगों के साथ मिलकर काम करेंगे जो आर्थिक रूप से संकटग्रस्त निष्क्रिय संयंत्रों के ऋण पुनर्गठन में शामिल हैं. ताकि उन्हें दोबारा चालू किया जा सके. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी समिति उत्पादन की उच्च लागत को ग्राहकों से वसलूने की रणनीति तैयार करेगी.

ये भी पढ़ें- सरकार घटाएगी टैक्स! खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को राहत देने की तैयारी

बेहद खराब बिजली संकट
भारत पिछले छह वर्षों में सबसे बुरे बिजली संकट का सामना कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आयातित कोयले से चलने वाले 43 प्रतिशत से अधिक संयंत्र जो कुल 17.6 गीगावाट पैदा कर सकते हैं फिलहाल निष्क्रिय है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने भी राज्यों के साथ ताप विद्युत संयंत्रों में सम्मिश्रण के लिए कोयले के आयात की स्थिति पर समीक्षा की है. बिजली मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान के अनुसार, इस बैठक में बिजली सचिव आलोक कुमार, राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी और बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनकोस) के अधिकारी मौजूद थे.

कैप्टिव खदानों में बढ़ाएं उत्पादन
मंत्री ने कहा कि कोयला कंपनियों से प्राप्त कोयले के अनुपात में सभी विद्युत निर्माता कंपनियों को घरेलू कोयले की आपूर्ति की जाएगी. उन्होंने राज्यों को अपनी कोयले की जरूरतों को पूरा करने के लिए कैप्टिव खानों से उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी, जिससे लिंकेज कोयले पर बोझ कम हो. उन्होंने जोर दिया कि राज्यों को अपने बिजली संयंत्रों में कोयले की आवश्यकता में कमी को पूरा करने के लिए रेल-सह-सड़क (आरसीआर) मोड में ऑफ-टेक सुनिश्चित करके अपने बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए. बकौल मंत्री, जिन राज्यों ने आरसीआर कोयला नहीं उठाया है तो वह कोयला दूसरे राज्यों को आवंटित किया जाएगा और संबंधित राज्य इस वजह से हुई बिजली की किसी भी प्रकार की कटौती के लिए खुद जिम्मेदार होगा.

Tags: Electricity

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर